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जिन जगहों की साँस में बाँस बसा है, अखबार और टेलीविजन के ज़रिये उन जगहों की कैसी तसवीर तुम्हारे मन में बनती है?

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प्रश्न

जिन जगहों की साँस में बाँस बसा है, अखबार और टेलीविजन के ज़रिये उन जगहों की कैसी तसवीर तुम्हारे मन में बनती है?

टीपा लिहा
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उत्तर

साँस में बाँस बसे होने का अर्थ है बॉस पर ही जीवन निर्भर होना। इस बात को समझने के लिए हमें उन जगहों की यात्रा करनी होगी जहाँ बाँस का उद्योग फल-फूल रहा है। उनके इलाकों में हर तरफ बॉस के झुरमुट या बाड़ियाँ नजर आती हैं। लोग बॉस के बने घरों में रहते हैं, बाँस की बनी टोपियाँ पहनते हैं। उनके फर्नीचर, बरतन, औजार और कुछ खाद्य पदार्थ भी बाँस के बने होते हैं। बाँस पर ही उनका रोजगार भी टिका है। बाँस की बनी वस्तुएँ वे बाजार में बेचते हैं, जैसे-टोकरी, जाल, चटाई, खिलौने आदि। उनके घरों के आस-पास बाँस की चीरी हुई खपच्चियाँ बिखरी दिखाई देती हैं। अगर बाँस न हो, तो उनकी रोजी-रोटी खतरे में पड़ जाएगी। वे अपनी अधिकांश आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए बाँस पर निर्भर रहते हैं।

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गद्य (Prose) (Class 6)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 17: साँस-साँस में बाँस - निबंध से आगे [पृष्ठ १२३]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Vasant Part 1 Class 6
पाठ 17 साँस-साँस में बाँस
निबंध से आगे | Q 3 | पृष्ठ १२३

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असफल ______ अदृश्य ______
अनुचित ______ अनावश्यक ______
अपरिचित ______ अनिच्छा ______


वैसे तो संख्याएँ संज्ञा होती हैं पर कभी-कभी ये विशेषण का काम भी करती हैं, जैसे नीचे लिखे वाक्य में।
• हमारी धरती लगभग पाँच अरब साल पुरानी है।
• कोई दस हज़ार साल पहले आदमी ने गाँवों को बसाना शुरू किया।
इन वाक्यों में रेखांकित अंश ‘साल’ संज्ञा के बारे में विशेष जानकारी दे रहे हैं, इसलिए संख्यावाचक विशेषण हैं। संख्यावाचक विशेषण का इस्तेमाल उन्हीं चीज़ों के लिए होता है जिन्हें गिना जा सके, जैसे-चार संतरे, पाँच बच्चे, तीन शहर आदि। पर यदि किसी चीज़ को गिना नहीं जा सकता तो उसके साथ संख्या वाले शब्दों के अलावा मापतोल आदि के शब्दों का इस्तेमाल भी किया जाता है
• तीन जग पानी
• एक किलो चीनी
यहाँ रेखांकित हिस्से परिमाणवाचक विशेषण हैं क्योंकि इनका संबंध मापतोल से है। अब आगे लिखे हुए को पढ़ो। खाली स्थानों में बाक्स में दिए गए मापतोल के उचित शब्द छाँटकर लिखो।

प्याला    कटोरी    एकड़   मीटर

लीटर    किलो    ट्रक    चम्मच

तीन

______

खीर

दो

______

ज़मीन

छह

______

कपड़ा

एक

______

रेत

दो

______

कॉफ़ी

 पाँच

______

बाजरा

एक

______

दूध

तीन

______

तेल


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 तुरही भारत के कई प्रांतों में प्रचलित है। यह दिखने ______ अंग्रेजी के एस या सी अक्षर ______ तरह होती है। भारत _______ विभिन्न प्रांतों में पीतल या कॉसे ________ बना यह वाद्य अलग-अलग नामों ________ जाना जाता है। धातु की नली ______ घुमाकर एस ________आकार इस तरह दिया जाता है कि उसका एक सिरा संकरा रहे और दूसरा सिरा घंटीनुमा चौड़ा रहे। फेंक मारने ______ एक छोटी नली अलग ________  जोड़ी जाती है। राजस्थान ______ इसे बर्गे कहते हैं। उत्तर प्रदेश ______ यह तूरी, मध्य प्रदेश और गुजरात _______ रणसिंघा और हिमाचल प्रदेश _______ नरसिंघा _______ नाम से जानी जाती है। राजस्थान और गुजरात में इसे काकड़सिंधी भी कहते हैं।


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नीचे पाठ से कुछ वाक्य दिए गए हैं-

  1. वहाँ बाँस की चीजें बनाने का चलन भी खूब है।
  2. हम यहाँ बाँस की एक-दो चीज़ों को ही जिक्र कर पाए हैं।
  3. मसलन आसन जैसी छोटी चीजें बनाने के लिए बाँस को हरेक गठान से काटा जाता है।
  4. खपच्चियों से तरह-तरह की टोपियाँ भी बनाई जाती हैं।
    रेखांकित शब्दों को ध्यान में रखते हुए इन बातों को अलग ढंग से लिखो।

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