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को, में, से आदि वाक्य में संज्ञा का दूसरे शब्दों के साथ संबंध दर्शाते हैं। ‘झाँसी की रानी’ पाठ में तुमने ‘का’ के बारे में जाना। नीचे ‘मंजरी जोशी’ की पुस्तक ‘भारतीय संगीत की परंपरा’ से भारत के एक

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प्रश्न

को, में, से आदि वाक्य में संज्ञा का दूसरे शब्दों के साथ संबंध दर्शाते हैं। ‘झाँसी की रानी’ पाठ में तुमने ‘का’ के बारे में जाना। नीचे ‘मंजरी जोशी’ की पुस्तक ‘भारतीय संगीत की परंपरा’ से भारत के एक लोकवाद्य का वर्णन दिया गया है। इसे पढ़ो और रिक्त स्थानों में उचित शब्द लिखो
• तुरही भारत के कई प्रांतों में प्रचलित है। यह दिखने ______ अंग्रेजी के एस या सी अक्षर ______ तरह होती है। भारत _______ विभिन्न प्रांतों में पीतल या कॉसे ________ बना यह वाद्य अलग-अलग नामों ________ जाना जाता है। धातु की नली ______ घुमाकर एस ________आकार इस तरह दिया जाता है कि उसका एक सिरा संकरा रहे और दूसरा सिरा घंटीनुमा चौड़ा रहे। फेंक मारने ______ एक छोटी नली अलग ________  जोड़ी जाती है। राजस्थान ______ इसे बर्गे कहते हैं। उत्तर प्रदेश ______ यह तूरी, मध्य प्रदेश और गुजरात _______ रणसिंघा और हिमाचल प्रदेश _______ नरसिंघा _______ नाम से जानी जाती है। राजस्थान और गुजरात में इसे काकड़सिंधी भी कहते हैं।

टीपा लिहा
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उत्तर

तुरही भारत के कई प्रांतों में प्रचलित है। यह दिखने में अंग्रेज़ी के एस या सी अक्षर की तरह होती है। भारत के विभिन्न प्रांतों में पीतल या काँसे से बना यह वाद्य अलग-अलग नामों से जाना जाता है। धातु की नली को घुमाकर एस का आकार इस तरह दिया जाता है कि उसका एक सिरा संकरा रहे और दूसरा सिरा घंटीनुमा चौड़ा रहे। फूक मारने की एक छोटी नली अलग से जोड़ी जाती है। राजस्थान में इसे बर्गे कहते हैं। उत्तर प्रदेश में यह तूरी, मध्य प्रदेश और गुजरात में रणसिंघा और हिमाचल प्रदेश में नरसिंघा के नाम से जानी जाती है। राजस्थान और गुजरात में इसे काकड़सिंघी भी कहते हैं?

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गद्य (Prose) (Class 6)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 14: लोकगीत - भाषा की बात [पृष्ठ १०३]

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एनसीईआरटी Hindi Vasant Part 1 Class 6
पाठ 14 लोकगीत
भाषा की बात | Q 3 | पृष्ठ १०३

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  • तुरपाई
  • बखिया
  • कच्ची सिलाई
  • चोर सिलाई

नीचे पाठ से कुछ वाक्य दिए गए हैं-

  1. वहाँ बाँस की चीजें बनाने का चलन भी खूब है।
  2. हम यहाँ बाँस की एक-दो चीज़ों को ही जिक्र कर पाए हैं।
  3. मसलन आसन जैसी छोटी चीजें बनाने के लिए बाँस को हरेक गठान से काटा जाता है।
  4. खपच्चियों से तरह-तरह की टोपियाँ भी बनाई जाती हैं।
    रेखांकित शब्दों को ध्यान में रखते हुए इन बातों को अलग ढंग से लिखो।

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