मराठी

इंसान चाहे तो क्या कर सकता है? - Hindi (हिंदी)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

इंसान चाहे तो क्या कर सकता है?

एका वाक्यात उत्तर
Advertisements

उत्तर

इंसान चाहे तो चट्टानों में भी रास्ता निकाल सकता है।

shaalaa.com
गद्य (Prose) (Class 6)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 7: साथी हाथ बढ़ाना - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Vasant Part 1 Class 6
पाठ 7 साथी हाथ बढ़ाना
अतिरिक्त प्रश्न | Q 8

संबंधित प्रश्‍न

राम के वन-गमन के बाद अयोध्या में क्या-क्या हुआ?


तुम हनुमान को किस रूप में देखते हो?


अपने बचपन की किसी मनमोहक घटना को याद करके विस्तार से लिखो।


लेखिका ने इस संस्मरण में सरवर के माध्यम से अपनी बात बताने की कोशिश की है, लेकिन सरवर का कोई परिचय नहीं दिया है। अनुमान लगाओ कि सरवर कौन हो सकता है?


लेखिका का जन्म किस सदी में हुआ था?


चश्मा लगाते समय डॉक्टर ने क्या भरोसा दिया था?


अपने आस-पास के किसी मूक-बधिर बच्चों के स्कूल में जाकर कुछ समय बिताओ और अपने अनुभव लिखो।


इस गीत की किन पंक्तियों को तुम आप अपने आसपास की जिंदगी में घटते हुए देख सकते हो?


ज़मीन पर चलना कैसे संभव हो पाया?


कुछ कहानियाँ सुखांत होती हैं और कुछ कहानियाँ दुखांत। इस कहानी के अंत को तुम दुखांत मानोगे या सुखांत? बताओ।


बहुविकल्पीय प्रश्न
नागराजन के मामा कहाँ रहते थे?

अब किसके अलबम की पूछ नहीं रह गई थी?

राजप्पा के अलबम को किसने, कितने में खरीदना चाहा था? राजप्पा ने क्या उत्तर दिया?

लेखिका को किस काम से खुशी मिलती है?

'जिन लोगों के पास आँखें हैं, वे सचमुच बहुत कम देखते हैं' -  हेलेन केलर को ऐसा क्यों लगता था?


लेखक ने संसार को पुस्तक क्यों कहा है?


लेखक ने इस दुनिया की और इस दुनिया के छोटे-बड़े देशों की छोटी-छोटी कथाएँ लिखने का इरादा क्यों किया?


  • मैं अब इस तरह के उत्तरों की आदी हो चुकी हूँ।
  • उस बगीचे में आम, अमलतास, सेमल आदि तरह-तरह के पेड़ थे।

ऊपर दिए गए दोनों वाक्यों में रेखांकित शब्द देखने में मिलते-जुलते हैं, पर उनके अर्थ भिन्न हैं। नीचे ऐसे कुछ और शब्द दिए गए हैं। वाक्य बनाकर उनका अर्थ स्पष्ट करो

अवधि

-

अवधी

ओर

-

और

में

-

मैं

दिन

-

दीन

मेल

-

मैल

सिल

-

सील


बहुविकल्पी प्रश्न

इनमें से कौन बंगाल का लोकगीत है?


लोकगीत किससे जुड़े हैं?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×