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महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएचएससी कला (इंग्रजी माध्यम) इयत्ता ११ वी

जीवन में अत्यधिक मोह से अलग होने की आवश्यकता है,इस वाक्य में व्यक्त भाव प्रकट कीजिए। - Hindi

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प्रश्न

जीवन में अत्यधिक मोह से अलग होने की आवश्यकता है,इस वाक्य में व्यक्त भाव प्रकट कीजिए।

थोडक्यात उत्तर
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उत्तर

अति सर्वत्र वर्जयेत। अर्थात किसी भी वस्तु, भाव आदि की अधिकता नहीं होनी चाहिए। यह उक्ति मोह के संदर्भ में भी अनुकरणीय है। किसी भी व्यक्ति अथवा वस्तु से अत्यधिक मोह अर्थात उसे पाने अथवा अपने नियंत्रण में रखने के लिए कुछ भी करने पर उतारू हो जाना दुख का कारण बन जाता है। जिस किसी से भी अत्यधिक मोह हो जाता है, उसे खोने की आशंका दुख का कारण बन जाती है। मोह मनुष्य के जीवन की स्वाभाविक प्रक्रिया है। परंतु दुखदायी है इसकी अधिकता। मोह ऐसा विकार है, जिसकी अधिकता मनुष्य के जीवन को संघर्षपूर्ण एवं कष्टकारी बनाती है मोह मनुष्य के जीवन को संघर्षपूर्ण एवं कष्टकारी बनाती है। मोह के वश में होकर मनुष्य विवेक से काम नहीं ले पाता। अपने प्रियजनों से मोह होना स्वाभाविक है। परंतु जो मोह हमारे विकास में बाधक बन रहा हो, वह त्याग के योग्य है। अनेक अवसरों पर देखा जाता है कि कई माता-पिता, दादा-दादी बच्चों के प्रति अत्यधिक मोह के कारण उन्हें आँखों से दूर नहीं करना चाहते। अपने नगर या कस्बे में उच्च शिक्षा की व्यवस्था न होने पर भी वे उन्हें बाहर जाकर अध्ययन के करने की मनाही कर देते हैं। बच्चे अपनी प्रतिभा के अनुसार उन्नति के करने से वंचित रह जाते हैं और यह पीड़ा जीवनपर्यंत उन्हें कष्ट ना पहुँचाया करती है।

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पद्य (Poetry) (11th Standard)
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पाठ 12: सहर्ष स्वीकारा है - अभिव्यक्ति [पृष्ठ ६३]

APPEARS IN

बालभारती Hindi Yuvakbharati [English] Standard 11 Maharashtra State Board
पाठ 12 सहर्ष स्वीकारा है
अभिव्यक्ति | Q 2 | पृष्ठ ६३

संबंधित प्रश्‍न

निम्न पंक्तियों में से प्रतीकात्मक पंक्ति छाँटकर उसके स्पष्ट कीजिए –
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(2) रात की कोख ही से सुबह जन्म लेती है।
(3) अपनी आँखों में जब भी देखा है।


नौकरीपेशा अभिभावकों के बच्चों के पालन की समस्या पर प्रकाश डालिए।


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संकल्पना स्पष्ट कीजिए -

विषम श्रृंखलाएँ


लिखिए:


आशय लिखिए :

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'अहंकार मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है’, इस उक्ति पर अपने विचार स्पष्ट कीजिए।


‘प्रेम और स्नेह मनुष्य जीवन का आधार है’, इस संदर्भ में अपना मत लिखिए।


निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

बाबु साहब ईश्वर के लिए मुझ पे दया कीजिए ।


निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

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निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

मल्लिका ने देखी तो आँखे फटी रह गया।


निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

गर्जना गुज बनकर रह गई।


निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

इसकी काम आएगा।


निम्नलिखित पंक्तियों का भावार्थ स्पष्ट कीजिए −

‘‘रचि पिराक, लड्‌डू, दधि आनौ।

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बाल हठ और वात्सल्य के आधार पर सूर के पदों का रसास्वादन कीजिए।


जानकारी दीजिए :

संत सूरदास के प्रमुख ग्रंथ - ____________ ____________


जानकारी दीजिए :

संत सूरदास की रचनाओं के प्रमुख विषय - ________________________


सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए :
घटनाक्रम के अनुसार लिखिए -

  1. मीठे पानी का सोता है।
  2. ममता के बादल कीं मँड़राती कोमलता-भीतर पिराती है।
  3. सभी वह तुम्हारे ही कारण के कार्यों का घेरा है, कार्यों का वैभव है।
  4. जितना भी उँड़ेलता हूँ, भर-भर फिर आता है।

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अलंकार पहचानकर लिखिए :
कूलन में केलिन में, कछारन में, कुंजों में
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विचार लिखिए।


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