इस कविता में गिरमिटिया मजदूरों की पीड़ा, बिछड़ने का दुःख और पुनर्मिलन की खुशी को भावनात्मक रूप से प्रस्तुत किया गया है। कवि उनकी वापसी पर गहरे प्रेम और आत्मीयता से उनका स्वागत करता है। वह उन्हें एक ही माँ की संतान मानते हुए, अतीत की पीड़ा को भूलकर एकता और भाईचारे का संदेश देता है। कविता में करुणा, अपनत्व और मिलन की भावना प्रमुख है।
