Advertisements
Advertisements
प्रश्न
इस कहानी के अनुसार मंगल ग्रह पर कभी आम जन-जीवन था। वह सब नष्ट कैसे हो गया? इसे लिखो।
Advertisements
उत्तर
मंगल पर पहले आम जन-जीवन हुआ करता था। परन्तु सूरज में हुए परिवर्तन के कारण वहाँ के वातावरण में बदलाव आने लगा और इसी तरह प्रकृति में भी बदलाव आने लगा जिसकी वजह से पशु-पक्षी, पेड़-पौधें और अन्य जीव उस बदलाव को सहने में असमर्थ हो गए और धीरे-धीरे मरने लगे जिससे वहाँ का सारा जन-जीवन अस्त व्यस्त हो गया और कुछ भी न बच सका।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
तुमने 'जंगल और जनकपुर' तथा 'दंडक वन में दस वर्ष' में राक्षसों द्वारा मुनियों को परेशान करने की बात पढ़ी।
राक्षस ऐसा क्यों करते थे? क्या यह संभव नहीं था कि दोनों शांतिपूर्वक वन में रहते? कारण बताते हुए उत्तर दो।
तुमने अपने आस-पास के बड़ों से रामायण की कहानी सुनी होगी। रामलीला भी देखी होगी। क्या तुम्हें अपनी पुस्तक रामकथा की कहानी और बड़ों से सुनी लक्ष्मण की कहानी में कोई अंतर नज़र आया? यदि हाँ तो उसके बारे में कक्षा में बताओ।
दुकान में किस ट्रेन का मॉडल था?
(क) दिलीप एम. साल्वी
(ख) जयंत विष्णु नार्लीकर
(ग) आइज़क ऐसीमोव
(घ) आर्थर क्लार्क
ऊपर दिए गए लेखकों की अंतरिक्ष संबंधी कहानियाँ इकट्ठी करके पढ़ो और एक-दूसरे को सुनाओ। इन कहानियों में कल्पना क्या है और सच क्या है, इसे समझने की कोशिश करो। कुछ ऐसी कहानियाँ छाँटकर निकालो, जो आगे चलकर सच साबित हुई हैं।
इस गीत को तुम किस माहौल में गुनगुना सकते हो?
इस गीत का आशय क्या है?
इस पाठ के अनुसार मंगल ग्रह पर जन-जीवन था। वह सब नष्ट कैसे हो गया? इसे लिखिए?
पाठ से फ़ और ज वाले (नुक्तेवाले) चार-चार शब्द छाँटकर लिखिए। इस सूची में तीन-तीन शब्द अपनी ओर से भी जोड़िए
टिकटों की तरह ही बच्चे और बड़े दूसरी चीज़ें भी जमा करते हैं। सिक्के उनमें से एक हैं। तुम कुछ अन्य चीज़ों के बारे में सोच सकते हो जिन्हें जमा किया जा सकता है? उनके नाम लिखो।
तुम्हें किसी ऐसे व्यक्ति से मिलने का मौका मिले जिसे दिखाई न देता हो तो तुम उससे सुनकर, सूँधकर, चखकर, छूकर अनुभव की जानेवाली चीज़ों के संसार के विषय में क्या-क्या प्रश्न कर सकते हो? लिखो।
अगर मुझे इन चीज़ों को छूने भर से इतनी खुशी मिलती है, तो उनकी सुंदरता देखकर तो मेरा मन मुग्ध ही हो जाएगा।
- अगर मुझे इन चीज़ों को छूने भर से इतनी खुशी मिलती है, तो उनकी सुंदरता देखकर तो मेरा मन मुग्ध ही हो जाएगा। ऊपर रेखांकित संज्ञाएँ क्रमशः किसी भाव और किसी की विशेषता के बारे में बता रही हैं। ऐसी संज्ञाएँ भाववाचक कहलाती हैं। गुण और भाव के अलावा भाववाचक संज्ञाओं का संबंध किसी की दशा और किसी कार्य से भी होता है। भाववाचक संज्ञा की पहचान यह है कि इससे जुड़े शब्दों को हम सिर्फ महसूस कर सकते हैं, देख या छू नहीं सकते। आगे लिखी भाववाचक संज्ञाओं को पढ़ो और समझो। इनमें से कुछ शब्द संज्ञा और क्रिया से बने हैं। उन्हें भी पहचानकर लिखो-
|
मिठास |
भूख |
शांति |
भोलापन |
|
बुढ़ापा |
घबराहट |
बहाव |
फुर्ती |
|
ताज़गी |
क्रोध |
मज़दूरी |
अहसास |
बहुविकल्पी प्रश्न
लोकगीतों की रचना में किसका विशेष योगदान है?
बहुविकल्पीय प्रश्न
भारत में बाँस किस प्रांत में अधिक पाया जाता है?
बाँस से क्या-क्या चीजें बनाई जाती हैं?
बूढ़े बाँस की क्या पहचान है?
हमारे यहाँ स्त्रियों के खास गीत कौन-कौन से हैं?
जिन जगहों की साँस में बाँस बसा है, अखबार और टेलीविजन के ज़रिये उन जगहों की कैसी तसवीर तुम्हारे मन में बनती है?
तर्जनी हाथ की किस उँगली को कहते हैं? बाकी उँगलियों को क्या कहते हैं? सभी उँगलियों के नाम अपनी भाषा में में पता करो और कक्षा में अपने साथियों और शिक्षक को बताओ।
