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प्रश्न
• हर चीज़ के निर्माण की एक कहानी होती है, जैसे मकान के निर्माण की कहानी-कुर्सी, गद्दे, रज़ाई के निर्माण की कहानी हो सकती है। इसी तरह वायुमान साइकिल अथवा अन्य किसी यंत्र के निर्माण की कहानी भी होती है। कल्पना करो यदि रसगुल्ला अपने निर्माण की कहानी सुनाने लगे कि वह पहले दूध था, उसे दूध से छेना बनाया गया, उसे गोल आकार दिया गया। चीनी की चाशनी में डालकर पकाया गया। फिर उसका नाम पड़ा रसगुल्ला।
• तुम भी किसी चीज के निर्माण की कहानी लिख सकते हो, इसके लिए तुम्हें अनुमान और कल्पना के साथ उस चीज़ के बारे में कुछ जानकारी भी एकत्र करनी होगी।
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उत्तर
मैं रोटी हूँ। हलकी और फूली हुई गोल रोटी। पहले मैं गेहूँ थी और फसल के रूप | में खेतों में खड़ी थी। किसान ने मुझे काटकर खलिहान पहुँचाया और फिर मशीन द्वारा मुझे गेहूं की बालियों से निकाला गया। इस गेहूँ को धोकर चक्की में पीसकर आटा तैयार किया गया। अब आटे को सान कर छोटी-छोटी लोई बनाई गई और बेल कर गोल किया गया। फिर उसे आग पर रखे गर्म तवे पर उलट-पलट कर पकाया गया और पक कर रोटी बनकर मैं फूल उठी।
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इस वर्णन को ध्यान से पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर अनुमान लगाकर दो। यदि अंदाज लगाने में दिक्कत हो तो आपस में बातचीत करके सोचो-
(क) बाँस से बनाए गए शंकु के आकार का जाल छोटी मछलियों को पकड़ने के लिए ही क्यों इस्तेमाल किया जाता है?
(ख) शंकु का ऊपरी हिस्सा अंडाकार होता है तो नीचे का हिस्सा कैसा दिखाई देता है?
(ग) इस जाल से मछली पकड़ने वालों को धीरे-धीरे क्यों चलना पड़ता है?
