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‘भेड़ और भेड़िए’ हरिशंकर परसाई की रचना पढ़िए।

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प्रश्न

‘भेड़ और भेड़िए’ हरिशंकर परसाई की रचना पढ़िए।

दीर्घउत्तर
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उत्तर

भेड़ और भेड़िए हरिशंकर परसाई की एक व्यंग्य रचना है। इसमें लेखक ने समाज में शक्तिशाली और कमजोर वर्गों के बीच के अंतर को दिखाया है। भेड़ें सामान्य जनता का प्रतीक हैं, जबकि भेड़िए शोषक और स्वार्थी लोगों का प्रतीक हैं। कहानी के माध्यम से लेखक ने बताया है कि किस प्रकार शक्तिशाली लोग अपनी ताकत का गलत उपयोग करके कमजोर लोगों का शोषण करते हैं। यह रचना हमें अन्याय के विरुद्ध जागरूक रहने और अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठाने की प्रेरणा देती है।

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Notes

विद्यार्थी स्वयं ‘भेड़ और भेड़िए’ पढ़ें और उसमें दिए गए सामाजिक संदेश व व्यंग्य को समझें।

असगर वजाहत
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 2.05: असगर वजाहत (शेर, पहचान, चार हाथ. साझा) - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ १०७]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Antara Bhag 2 Class 12
पाठ 2.05 असगर वजाहत (शेर, पहचान, चार हाथ. साझा)
प्रश्न-अभ्यास | Q 2. | पृष्ठ १०७

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