मराठी

भारत में उपभोक्ताओं को समर्थ बनाने के लिए सरकार द्वारा किन कानूनी मापदंडों को लागू करना चाहिए? - Social Science (सामाजिक विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

भारत में उपभोक्ताओं को समर्थ बनाने के लिए सरकार द्वारा किन कानूनी मापदंडों को लागू करना चाहिए?

थोडक्यात उत्तर
Advertisements

उत्तर

भारत में उपभोक्ताओं को समर्थ बनाने के लिए सरकार द्वारा कानूनी मापदंडों को लागू किया जाना चाहिए। 1986 के उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम द्वारा उपभोक्ताओं के अधिकारों के संरक्षण के लिए कई महत्त्वपूर्ण कदम उठाए गए। राष्ट्रीय, राज्य तथा जिला स्तर पर तीन स्तरीय उपभोक्ता अदालतों का निर्माण किया गया। सरकार के लिए जरूरी है कि वह इन अदालतों में आए मुकदमों की शीघ्र सुनवाई करे और दोषी उत्पादक या व्यापारी के खिलाफ कार्रवाई करे। पीड़ित उपभोक्ता को उचित मुआवजा दिलवाया जाए। उपभोक्ताओं की शिकायतों का शीघ्र निपटारा करवाने के लिए इन कानूनों को सख्ती से लागू किया जाना जरूरी है। सरकार कोशिश करे कि भारत में बननेवाली विभिन्न चीजों की गुणवत्ता की जाँच की जाए और उन्हें आई०एस०आई० या एगमार्क की मोहर लगाकर ही बाजार में बिकने के लिए भेजा जाए। सरकार बाजार में बिकनेवाली विभिन्न चीजों की जाँच करे कि वे सुरक्षा के मापदंड पूरे करती हैं या नहीं। ऐसी चीजों की बिक्री पर रोक लगा दी जाए जो सुरक्षा के मापदंड पूरे न करती हों। सरकार को कानून बनाकर जमाखोरी, कालाबाजारी आदि पर रोक लगाकर उपभोक्ताओं को शोषण से बचाना होगा। गरीब वर्ग के लोगों को कम कीमत पर आवश्यक वस्तुएँ उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इन विभिन्न कानूनी मापदंडों का प्रयोग करके सरकार उपभोक्ताओं को अधिकारों को प्राप्त कराने में समर्थ बना सकती है।

shaalaa.com
उपभोक्ता अधिकार
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 5: उपभोक्ता अधिकार - अभ्यास [पृष्ठ ८७]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Samajik Vigyaan Aarthik Vikas ki Samajh [Hindi] Class 10
पाठ 5 उपभोक्ता अधिकार
अभ्यास | Q 8. | पृष्ठ ८७

संबंधित प्रश्‍न

बाज़ार में नियमों तथा विनियमों की आवश्यकता क्यों पड़ती है? कुछ उदाहरणों के द्वारा समझाएँ।


कुछ ऐसे कारकों की चर्चा करें, जिनसे उपभोक्ताओं का शोषण होता है।


उपभोक्ताओं के कुछ अधिकारों को बताएँ और प्रत्येक अधिकार पर कुछ पंक्तियाँ लिखें।


निम्नलिखित को सुमेलित करें

(1) एक उत्पाद के घटकों का विवरण (क)  सुरक्षा का अधिकार
(2) एगमार्क (ख)  उपभोक्ता मामलों में संबंध
(3) स्कूटर में खराब इंजन के कारण हुई दुर्घटना (ग)  अनाजों और खाद्य तेलों का प्रमाण
(4) जिला उपभोक्ता अदालत विकसित करने वाली एजेंसी (घ) उपभोक्ता कल्याण संगठनों की अंर्तराष्ट्रीय संस्था
(5)  फूड फोर्टिफिकेशन (ङ)  सूचना का अधिकार ।
(6) उपभोक्ता इंटरनेशनल (च) वस्तुओं और सेवाओं के लिए मानक
(7)

भारतीय मानक ब्यूरो

(छ) खाद्य पदार्थ में मुख्य पोषक तत्वों को मिलाना

कोपरा केवल सामानों पर लागू होता है।


जब उपभोक्ता को ऐसा लगे कि उसका शोषण हुआ है, तो उसे जिला उपभोक्ता अदालत में निश्चित रूप से मुकदमा दायर करना चाहिए।


जब अधिक मूल्य का नुकसान हो, तभी उपभोक्ता अदालत में जाना लाभप्रद होता है।


हॉलमार्क, आभूषणों की गुणवत्ता बनाए रखनेवाला प्रमाण-पत्र है।


उपभोक्ता समस्याओं के निवारण की प्रक्रिया अत्यंत सरल और शीघ्र होती है।


उपभोक्ता को मुआवजा पाने का अधिकार है, जो क्षति की मात्रा पर निर्भर करती है।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×