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प्रश्न
भारत विश्व के उन देशों में से एक है, जिसके पास उपभोक्ताओं की समस्याओं के निवारण के लिए विशिष्ट अदालते हैं।
पर्याय
सही
गलत
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उत्तर
सही
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कुछ ऐसे कारकों की चर्चा करें, जिनसे उपभोक्ताओं का शोषण होता है।
उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम, 1986 के निर्माण की जरूरत क्यों पड़ी?
मान लीजिए, आप शहद की एक बोतल और बिस्किट का एक पैकेट खरीदते हैं। खरीदते समय आप कौन-सा लोगो या शब्द चिह्न देखेंगे और क्यों?
उपभोक्ता अपनी एकजुटता का प्रदर्शन कैसे कर सकते हैं?
निम्नलिखित को सुमेलित करें
| (1) | एक उत्पाद के घटकों का विवरण | (क) | सुरक्षा का अधिकार |
| (2) | एगमार्क | (ख) | उपभोक्ता मामलों में संबंध |
| (3) | स्कूटर में खराब इंजन के कारण हुई दुर्घटना | (ग) | अनाजों और खाद्य तेलों का प्रमाण |
| (4) | जिला उपभोक्ता अदालत विकसित करने वाली एजेंसी | (घ) | उपभोक्ता कल्याण संगठनों की अंर्तराष्ट्रीय संस्था |
| (5) | फूड फोर्टिफिकेशन | (ङ) | सूचना का अधिकार । |
| (6) | उपभोक्ता इंटरनेशनल | (च) | वस्तुओं और सेवाओं के लिए मानक |
| (7) |
भारतीय मानक ब्यूरो |
(छ) | खाद्य पदार्थ में मुख्य पोषक तत्वों को मिलाना |
कोपरा केवल सामानों पर लागू होता है।
जब उपभोक्ता को ऐसा लगे कि उसका शोषण हुआ है, तो उसे जिला उपभोक्ता अदालत में निश्चित रूप से मुकदमा दायर करना चाहिए।
जब अधिक मूल्य का नुकसान हो, तभी उपभोक्ता अदालत में जाना लाभप्रद होता है।
उपभोक्ता समस्याओं के निवारण की प्रक्रिया अत्यंत सरल और शीघ्र होती है।
उपभोक्ता को मुआवजा पाने का अधिकार है, जो क्षति की मात्रा पर निर्भर करती है।
