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प्रश्न
उपभोक्ताओं के कुछ अधिकारों को बताएँ और प्रत्येक अधिकार पर कुछ पंक्तियाँ लिखें।
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उत्तर
उपभोक्ताओं के अधिकारों का वर्णन 1986 के उपभोक्ता सुरक्षा कानून में तथा 1997 और 1993 के संशोधनों में किया गया है। उपभोक्ताओं के मुख्य अधिकार निम्नलिखित हैं
- सुरक्षा का अधिकार-उपभोक्ताओं को यह अधिकार दिया गया है कि वे ऐसी सभी वस्तुओं की बिक्री से अपना बचाव कर सकें, जो उनके जीवन और संपत्ति के लिए हानिकारक हो सकती हैं।
- सूचना का अधिकार-उपभोक्ता को यह अधिकार दिया गया है कि वह हर खरीदी जानेवाली वस्तु की गुणवत्ता, मात्रा, शुद्धता और मूल्य आदि के विषय में हर सूचना प्राप्त कर सके ताकि वह अपने-आप को शोषण से बचा सके।
- चुनाव का अधिकार-हर उपभोक्ता को यह अधिकार है कि वह देख-परखकर विभिन्न प्रकार की वस्तुओं में से अपनी इच्छानुसार चीजों का चुनाव कर सकें और सही मूल्य भी चुकाए।
- सुनवाई का अधिकार-उपभोक्ताओं को अनुचित सौदेबाजी और शोषण के विरुद्ध क्षतिपूर्ति माँगने का अधिकार है। यदि एक उपभोक्ता को कोई क्षति पहुँचाई जाती है तो क्षति की मात्रा के आधार पर उसे क्षतिपूर्ति पाने का अधिकार होता है। इस कार्य को पूरा करने के लिए सुनवाई का अधिकार सभी उपभोक्ताओं को दिया गया है।
- उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार-हर उपभोक्ता को यह अधिकार है कि उसके अधिकारों के प्रति सजग रखने के लिए सरकार प्रयत्न करती रहे। उसे बाजार में मिलनेवाली विभिन्न वस्तुओं के गुण-दोषों की जानकारी होनी चाहिए जिससे वह वस्तुओं को खरीदने से पहले उस जानकारी का प्रयोग कर सके।
- प्रस्तुतीकरण का अधिकार-हर उपभोक्ता को यह अधिकार है कि वह विभिन्न संस्थाओं एवं संगठनों के सामने अपनी समस्याओं को प्रस्तुत कर सके तथा ये संगठन उसे उसकी समस्याओं के समाधान में मदद कर सकें।
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बाज़ार में नियमों तथा विनियमों की आवश्यकता क्यों पड़ती है? कुछ उदाहरणों के द्वारा समझाएँ।
कुछ ऐसे कारकों की चर्चा करें, जिनसे उपभोक्ताओं का शोषण होता है।
निम्नलिखित को सुमेलित करें
| (1) | एक उत्पाद के घटकों का विवरण | (क) | सुरक्षा का अधिकार |
| (2) | एगमार्क | (ख) | उपभोक्ता मामलों में संबंध |
| (3) | स्कूटर में खराब इंजन के कारण हुई दुर्घटना | (ग) | अनाजों और खाद्य तेलों का प्रमाण |
| (4) | जिला उपभोक्ता अदालत विकसित करने वाली एजेंसी | (घ) | उपभोक्ता कल्याण संगठनों की अंर्तराष्ट्रीय संस्था |
| (5) | फूड फोर्टिफिकेशन | (ङ) | सूचना का अधिकार । |
| (6) | उपभोक्ता इंटरनेशनल | (च) | वस्तुओं और सेवाओं के लिए मानक |
| (7) |
भारतीय मानक ब्यूरो |
(छ) | खाद्य पदार्थ में मुख्य पोषक तत्वों को मिलाना |
कोपरा केवल सामानों पर लागू होता है।
भारत विश्व के उन देशों में से एक है, जिसके पास उपभोक्ताओं की समस्याओं के निवारण के लिए विशिष्ट अदालते हैं।
जब उपभोक्ता को ऐसा लगे कि उसका शोषण हुआ है, तो उसे जिला उपभोक्ता अदालत में निश्चित रूप से मुकदमा दायर करना चाहिए।
जब अधिक मूल्य का नुकसान हो, तभी उपभोक्ता अदालत में जाना लाभप्रद होता है।
हॉलमार्क, आभूषणों की गुणवत्ता बनाए रखनेवाला प्रमाण-पत्र है।
उपभोक्ता समस्याओं के निवारण की प्रक्रिया अत्यंत सरल और शीघ्र होती है।
उपभोक्ता को मुआवजा पाने का अधिकार है, जो क्षति की मात्रा पर निर्भर करती है।
