मराठी

अपने स्कूल की लाइब्रेरी या खेल के मैदान पर एक 300 शब्दों का फ़ीचर लिखिए। इसमें लाइब्रेरी या खेल के मैदान से जुड़े तथ्यों के अलावा दिलचस्प जानकारियाँ भी शामिल कीजिए।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

अपने स्कूल की लाइब्रेरी या खेल के मैदान पर एक 300 शब्दों का फ़ीचर लिखिए। इसमें लाइब्रेरी या खेल के मैदान से जुड़े तथ्यों के अलावा दिलचस्प जानकारियाँ भी शामिल कीजिए। इस फ़ीचर के लिए लाइब्रेरियन या खेल के मैदान के प्रभारी शिक्षक से बातचीत के अलावा विभिन्न कक्षाओं के छात्र-छात्राओं से इंटरव्यू कर जानकारी इकट्ठी कीजिए।

कृती
Advertisements

उत्तर

किताबों से दोस्ती की दुनिया

स्कूल की लाइब्रेरी केवल किताबें रखने की जगह नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के ज्ञान, कल्पना और जिज्ञासा को बढ़ाने वाली एक शांत और उपयोगी दुनिया है। हमारे विद्यालय की लाइब्रेरी स्कूल की सबसे शांत जगहों में से एक है। यहाँ पाठ्य-पुस्तकों के साथ कहानी, कविता, विज्ञान, इतिहास, सामान्य ज्ञान और जीवनी से जुड़ी अनेक पुस्तकें उपलब्ध हैं।

लाइब्रेरी की जानकारी प्राप्त करने के लिए मैंने लाइब्रेरियन से बातचीत की। उन्होंने बताया कि पुस्तकालय में विद्यार्थियों की रुचि के अनुसार अलग-अलग विषयों की पुस्तकें रखी गई हैं। विद्यार्थियों को पुस्तकें निश्चित अवधि के लिए जारी की जाती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि नियमित रूप से पुस्तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों की भाषा, शब्द-भंडार और समझने की क्षमता में सुधार होता है।

मैंने अलग-अलग कक्षाओं के कुछ विद्यार्थियों से भी बातचीत की। कक्षा 8 के एक विद्यार्थी ने बताया कि उसे विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़ी किताबें पढ़ना पसंद है। कक्षा 9 की एक छात्रा ने कहा कि कहानी और जीवनी की पुस्तकें उसे सबसे अधिक पसंद हैं। एक अन्य विद्यार्थी ने बताया कि परीक्षा के समय संदर्भ-पुस्तकें उसकी पढ़ाई में बहुत मदद करती हैं।

लाइब्रेरी की एक दिलचस्प बात यह है कि किताबें हमें बिना कहीं गए अलग-अलग देशों, संस्कृतियों और समय-काल की यात्रा करा सकती हैं। एक अच्छी किताब कभी शिक्षक,

कभी मित्र और कभी मार्गदर्शक की भूमिका निभाती है।

आज मोबाइल और इंटरनेट के दौर में भी किताबों का महत्व कम नहीं हुआ है। बल्कि सही पुस्तक का चयन विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत और सोचने की क्षमता विकसित करता है।

हमारी स्कूल लाइब्रेरी वास्तव में ज्ञान का भंडार और विचारों की प्रयोगशाला है। यदि हर विद्यार्थी प्रतिदिन कुछ समय पुस्तक पढ़े, तो उसके ज्ञान और व्यक्तित्व में निश्चित रूप से सकारात्मक बदलाव आएगा।

shaalaa.com
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 4: पत्रकारीय लेखन के विभिन्‍न रूप और लेखन प्रक्रिया - पाठ्य प्रश्न [पृष्ठ ७५]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Abhivyakti aur Madhyam Class 11 and 12
पाठ 4 पत्रकारीय लेखन के विभिन्‍न रूप और लेखन प्रक्रिया
पाठ्य प्रश्न | Q 3. | पृष्ठ ७५
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Course
Use app×