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प्रश्न
अपने आसपास के क्षेत्र में जाकर ईंटों के भट्ठे को देखिए तथा ईंटें बनाने एवं उन्हें पकाने की प्रकिया का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।
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उत्तर
सबसे पहले भट्ठे पर चिकनी मिट्टी लाकर उसे अच्छी तरह गूँथा जाता है। फिर साँचे की मदद से ईंटों का आकार दिया जाता है। बनी हुई कच्ची ईंटों को समतल ज़मीन पर या शेड के नीचे सीधी पंक्तियों में सुखने के लिए रख देते हैं। जब ईंटें अच्छी तरह सूख जाती हैं, तब उन्हें भट्ठे में पकाने के लिए लगाया जाता है।
भट्ठे के लिए ज़मीन में आयताकार गड्ढा या चैंबर बनाया होता है। नीचे की परत में लकड़ी, कोयला, भूसा आदि ज्वलनशील पदार्थ रखे जाते हैं। इनके ऊपर सूखी कच्ची ईंटों की परतें सजाकर ऊँचाई तक दीवार की तरह जमा दी जाती हैं। ऊपर से गीली मिट्टी का लेप करके चारों ओर से भट्ठा लगभग बंद कर दिया जाता है, केवल हवा और धुएँ के निकलने के लिए छोटे छेद छोड़े जाते हैं। फिर नीचे रखे ईंधन में आग लगा दी जाती है।
धीरे–धीरे पूरी भट्ठी गरम होकर ईंटों को पका देती है। यह प्रक्रिया कई दिन–सप्ताह तक चलती है। जब ईंटें पक जाती हैं, तो आग बुझने के बाद भट्ठा ठंडा होने दिया जाता है। ठंडा होने पर ईंटें बाहर निकालकर ढेरों में जमा कर दी जाती हैं और फिर इन्हें निर्माण कार्यों में इस्तेमाल किया जाता है।
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