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अक्षय उलझन में क्यों पड़ गया? - Environmental Studies (पर्यावरण अध्ययन)

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प्रश्न

अक्षय उलझन में क्यों पड़ गया?

एका वाक्यात उत्तर
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उत्तर

अक्षय उलझन में इसलिए पड़ गया क्योंकि उसकी दादी-माँ ने उसे अनिल के घर कुछ भी खाने-पीने से मना किया था।

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दुनिया मेरे घर में
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 22: दुनिया मेरे घर में - मैं क्या करूँ? [पृष्ठ १८३]

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एनसीईआरटी Environmental Studies - Looking Around [Hindi] Class 4
पाठ 22 दुनिया मेरे घर में
मैं क्या करूँ? | Q 2 | पृष्ठ १८३

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क्या तुम्हारे घर में भी पंखा, टी.वी., समाचारपत्र, कुर्सी या किसी और चीज़ को लेकर झगड़े होते हैं?

  • तुम्हारे घर के ऐसे झगड़े कौन सुलझाता है?
  • अपने घर के ऐसे झगड़ों के बारे में कोई मज़ेदार किस्सा सुनाओ।
  • क्या तुमने कहीं और एक ही चीज़ के लिए लोगों को आपस में झगड़ते देखा है? किस बात पर?

शाम के सात बजे हैं। प्रतिभा अपनी सहेली के घर से भागी-भागी अपने घर जा रही है। नुक्कड़ पर उसके भाई संदीप और संजय दोस्तों के साथ खेलने में लगे हैं। उन्हें घर पहुँचने की कोई जल्दी नहीं है। उन्हें दे से घर पहुँचने पर कोई नहीं टोकता।

प्रतिभा को यह बात ठीक नहीं लगती। उस के लिए एक नियम और उसके भाइयों के लिए दूसरा। पर वह क्या करे?

क्या तुम्हारे या किसी दोस्त के परिवार में ऐसी बातें होती हैं? तुम इस बारे में क्या सोचते हो?


एक दिन फली, नाज़ू और उनके दोस्त पिलू मामी के साथ समुद्र तट पर घूमने गए। पानी और रेत में खूब खेलने के बाद बच्चों ने आकाशी झूले में चक्कर लगाए, भेलपूरी खाई और गुब्बारे भी खरीदे। बाद में सभी ने मज़े से ठंडी-ठंडी कुल्फ़ी खाई। कुल्फ़ी वाले ने गलती से सात के बजाए पाँच कुल्फ़ी के ही पैसे माँगे। बच्चों ने सोचा ‘चलो पैसे बच गए।’ पर पिलू मामी ने कुल्फ़ीवाले को सही हिसाब समझाया और सात कुल्फ़ियों के ही पैसे दिए।

उस दिन बच्चों ने पिलू मामी से जो बात सीखी, उसे शायद वे कभी नहीं भूलेंगे।

  • अपनी कल्पना से, इस कहानी का अंत बदलकर कॉपी में लिखो।
  • क्या तुम्हारे परिवार में भी कोई पिलू मामी की तरह है? कौन?
  • अगर पिलू मामी कम पैसे देकर वहाँ से चलीं जातीं, तो बच्चे इस बारे में क्या सोचते? तुम इस बारे में क्या सोचते हो?

क्या तुम अक्षय की दादी-माँ से सहमत हो?


तुम धोंडू की जगह होते तो क्या करते?


तुम्हारे घर में ज़रूरी फ़ैसले कौन लेता है? तुम्हें इस बारे में क्या लगता है?


अगर तुम्हारे परिवार में या रिश्तेदारी में हमेशा एक ही व्यक्ति अपनी बात मनवाता रहे, तो तुम्हें कैसा लगेगा?


किसका छूना तुम्हें अच्छा नहीं लगा?


अगर तुम रितु की जगह होते, तो क्या करते?


सभी का छूना एक जैसा नहीं होता। जब मीना के मामा रितु का हाथ पकड़ते थे, तब उसे अच्छा नहीं लगता था, लेकिन उसे मीना का हाथ पकड़ना अच्छा लगता था। सोच कर बताओ, ऐसा अंतर क्यों था?


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