Advertisements
Advertisements
प्रश्न
तुम्हारे घर में ज़रूरी फ़ैसले कौन लेता है? तुम्हें इस बारे में क्या लगता है?
Advertisements
उत्तर
मेरे घर में ज़रूरी फ़ैसले मेरे मम्मी-पापा मिलकर लेते हैं। मैं इस बारे में सोचता हूँ कि वे बेहतर फैसले लेते हैं।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न

|
शाम के सात बजे हैं। प्रतिभा अपनी सहेली के घर से भागी-भागी अपने घर जा रही है। नुक्कड़ पर उसके भाई संदीप और संजय दोस्तों के साथ खेलने में लगे हैं। उन्हें घर पहुँचने की कोई जल्दी नहीं है। उन्हें दे से घर पहुँचने पर कोई नहीं टोकता। प्रतिभा को यह बात ठीक नहीं लगती। उस के लिए एक नियम और उसके भाइयों के लिए दूसरा। पर वह क्या करे? |
क्या तुम्हारे या किसी दोस्त के परिवार में ऐसी बातें होती हैं? तुम इस बारे में क्या सोचते हो?
क्या लड़का-लड़की और आदमी-औरत के लिए अलग-अलग नियम होने चाहिएँ?
सोचो- अगर लड़कियों के लिए बनाए गए नियम, लड़कों पर और लड़कों के लिए बनाए गए नियम लड़कियों पर लागू हों, तो क्या होगा?
अक्षय उलझन में क्यों पड़ गया?
तुम्हारी राय में अक्षय को क्या करना चाहिए?
तुम धोंडू की जगह होते तो क्या करते?
क्या तुम्हें भी कभी किसी का छूना बुरा लगा है?
किसका छूना तुम्हें अच्छा नहीं लगा?
|
मीना और रितु स्टापू खेल कर घर लौट रहे थे। “चलो न, मेरे घर चलो,” मीना ने रितु को खींचते हुए कहा।
“तुम्हारे मामा तो घर पर नहीं होंगे? अगर वे होंगे, तो मैं नहीं आऊँगी,” रितु ने जवाब दिया।
“पर क्यों? मामा को तो तुम अच्छी लगती हो। कह रहे थे – अपनी सहेली रितु को घर लाना। मैं दोनों को खूब सारी चॉकलेट खिलाऊँगा।”
रितु ने मीना से अपना हाथ छुड़ाया और बोली, “तुम्हारे मामा से मुझे डर लगता है। हाथ भी पकड़ते हैं, तो मुझे अच्छा नहीं लगता।” यह कहकर रितु अपने घर चली गई।
|
ऐसा होने पर और क्या किया जा सकता है?
सभी का छूना एक जैसा नहीं होता। जब मीना के मामा रितु का हाथ पकड़ते थे, तब उसे अच्छा नहीं लगता था, लेकिन उसे मीना का हाथ पकड़ना अच्छा लगता था। सोच कर बताओ, ऐसा अंतर क्यों था?


