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अगर तुम रितु की जगह होते, तो क्या करते?

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प्रश्न

अगर तुम रितु की जगह होते, तो क्या करते?

एका वाक्यात उत्तर
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उत्तर

जब मैं किसी बस या ट्रेन में यात्रा करता हूँ तो मुझे अच्छा नहीं लगता अगर कोई मुझे छूता है।

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दुनिया मेरे घर में
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 22: दुनिया मेरे घर में - मुझे यह अच्छा नहीं लगता! [पृष्ठ १८५]

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एनसीईआरटी Environmental Studies - Looking Around [Hindi] Class 4
पाठ 22 दुनिया मेरे घर में
मुझे यह अच्छा नहीं लगता! | Q 2 | पृष्ठ १८५

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क्या तुम्हारे घर में भी पंखा, टी.वी., समाचारपत्र, कुर्सी या किसी और चीज़ को लेकर झगड़े होते हैं?

  • तुम्हारे घर के ऐसे झगड़े कौन सुलझाता है?
  • अपने घर के ऐसे झगड़ों के बारे में कोई मज़ेदार किस्सा सुनाओ।
  • क्या तुमने कहीं और एक ही चीज़ के लिए लोगों को आपस में झगड़ते देखा है? किस बात पर?

एक दिन फली, नाज़ू और उनके दोस्त पिलू मामी के साथ समुद्र तट पर घूमने गए। पानी और रेत में खूब खेलने के बाद बच्चों ने आकाशी झूले में चक्कर लगाए, भेलपूरी खाई और गुब्बारे भी खरीदे। बाद में सभी ने मज़े से ठंडी-ठंडी कुल्फ़ी खाई। कुल्फ़ी वाले ने गलती से सात के बजाए पाँच कुल्फ़ी के ही पैसे माँगे। बच्चों ने सोचा ‘चलो पैसे बच गए।’ पर पिलू मामी ने कुल्फ़ीवाले को सही हिसाब समझाया और सात कुल्फ़ियों के ही पैसे दिए।

उस दिन बच्चों ने पिलू मामी से जो बात सीखी, उसे शायद वे कभी नहीं भूलेंगे।

  • अपनी कल्पना से, इस कहानी का अंत बदलकर कॉपी में लिखो।
  • क्या तुम्हारे परिवार में भी कोई पिलू मामी की तरह है? कौन?
  • अगर पिलू मामी कम पैसे देकर वहाँ से चलीं जातीं, तो बच्चे इस बारे में क्या सोचते? तुम इस बारे में क्या सोचते हो?

तुम्हें क्या लगता है, अक्षय क्या करेगा?


अक्षय उलझन में क्यों पड़ गया?


क्या तुम किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हो, जो अक्षय की दादी-माँ की तरह ही सोचते हैं?


क्या तुम अक्षय की दादी-माँ से सहमत हो?


तुम्हारी राय में अक्षय को क्या करना चाहिए?


अगर तुम्हारे परिवार में या रिश्तेदारी में हमेशा एक ही व्यक्ति अपनी बात मनवाता रहे, तो तुम्हें कैसा लगेगा?


क्या तुम्हें भी कभी किसी का छूना बुरा लगा है?


मीना और रितु स्टापू खेल कर घर लौट रहे थे। “चलो न, मेरे घर चलो,” मीना ने रितु को खींचते हुए कहा।
“तुम्हारे मामा तो घर पर नहीं होंगे? अगर वे होंगे, तो मैं नहीं आऊँगी,” रितु ने जवाब दिया।
“पर क्यों? मामा को तो तुम अच्छी लगती हो। कह रहे थे – अपनी सहेली रितु को घर लाना। मैं दोनों को खूब सारी चॉकलेट खिलाऊँगा।”
रितु ने मीना से अपना हाथ छुड़ाया और बोली, “तुम्हारे मामा से मुझे डर लगता है। हाथ भी पकड़ते हैं, तो मुझे अच्छा नहीं लगता।” यह कहकर रितु अपने घर चली गई।

ऐसा होने पर और क्या किया जा सकता है?


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