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∆ABC में, ∠A = 30°, ∠B = 40° और ∠C = 110°, ∆PQR में, ∠P = 30° ∠Q = 40° और ∠R = 110° एक विद्यार्थी कहता है कि A.A.A. सर्वांगसमता प्रतिबन्ध से ∆ABC ≅ ∆PQR है। क्या यह कथन सत्य है? क्यों या क्यों नहीं?

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प्रश्न

∆ABC में, ∠A = 30°, ∠B = 40° और ∠C = 110°, ∆PQR में, ∠P = 30° ∠Q = 40° और ∠R = 110° एक विद्यार्थी कहता है कि A.A.A. सर्वांगसमता प्रतिबन्ध से ∆ABC ≅ ∆PQR है। क्या यह कथन सत्य है? क्यों या क्यों नहीं?

बेरीज
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उत्तर

यहाँ ∆MBC के तीनों कोण ∆PQR के तीनों कोणों के बराबर हैं। तो यह आवश्यक नहीं कि त्रिभुज सर्वांगसम हों क्योंकि यदि ∆ABC में, भुजा BC = 3.0 -सेमी तथा ∆POR में, भुजा QR = 4.0 सेमी हो, तो इस दशा में त्रिभुज के संगत कोण तो बराबर हैं परन्तु यह सर्वांगसम नहीं हैं। क्योंकि BC ≠ QR अतः विद्यार्थी की A.A.A. सर्वांगसमता का प्रतिबन्ध तर्कसंगत नहीं है।

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त्रिभुजों की सर्वांगसमता
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?

संबंधित प्रश्‍न

यदि △DEF ≅ △BCA हो, तो △BCA के उन भागो को लिखिए जो ∠E के संगत हो: 


एक वर्गांकित शीट पर, बराबर क्षेत्रफलों वाले दो त्रिभुजों को इस प्रकार बनाइए कि त्रिभुज सर्वांगसम हों

आप उनके परिमाप के बारे में क्या कह सकते हैं?


∆ABC में, AB = AC और ∠B = 50° है, तब ∠C बराबर है


∆ABC में, BC = AB और ∠B  = 80° है, तब ∠A बराबर है


∆PQR में, ∠R = ∠P तथा QR = 4 cm और PR = 5 cm है, तब PQ की लम्बाई है


निम्नलिखित आकृति में, D और E त्रिभुज ABC की भुजा BC पर दो बिंदु इस प्रकार स्थित हैं कि BD = CE और AD = AE है। दर्शाइए कि ∆ABD ≅ ∆ACE है।


नीचे दिए गए प्रत्येक उदाहरण में त्रिभुज की जोड़ि के सर्वांगसम घटक एक जैसे चिह्न से दर्शाए गए हैं। प्रत्येक जोड़ी के त्रिभुज किस कसौटी के आधार पर सर्वांगसम हैं रिक्त स्थानों में वह कसौटी लिखिए।

______ कसौटी से

ΔPRQ ≅ ΔSTU


निचे दी गई आकृति के आधार पर ∠P ≅ ∠R, रेख PQ ≅ रेख QR, तो सिद्ध कीजिए कि, ΔPQT ≅ ΔRQT


ΔTPQ में ∠T = 65°, ∠P = 95° तो निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है ?


समद्‌विबाहु ΔABC में AB = AC है। BD तथा CE दो माध्यिकाएँ हैं तो सिद्ध कीजिए कि BD = CE


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