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आयनिक ठोस गलित अवस्था में विद्युत चालक होते हैं, परन्तु ठोस अवस्था में नहीं। व्याख्या कीजिए।

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प्रश्न

आयनिक ठोस गलित अवस्था में विद्युत चालक होते हैं, परन्तु ठोस अवस्था में नहीं। व्याख्या कीजिए।

एका वाक्यात उत्तर
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उत्तर

गलित अवस्था में आयनिक यौगिक वियोजित होकर मुक्त आयन देते हैं तथा विद्युत चालन करते हैं। ठोस अवस्था में आयन गति करने के लिए मुक्त नहीं होते हैं। अत: ये ठोस अवस्था में विद्युत चालन नहीं करते हैं।

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क्रिस्टलीय ठोसों का वर्गीकरण
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?

संबंधित प्रश्‍न

निम्नलिखित ठोसों का वर्गीकरण आयनिक, धात्विक, आण्विक, सहसंयोजक या अक्रिस्टलीय में कीजिए।

  1. टेट्राफॉस्फोरस डेकॉक्साइड (P4O10)
  2. अमोनियम फॉस्फेट (NH4)3 PO4
  3. SiC
  4. I2
  5. P4
  6. प्लास्टिक
  7. ग्रेफाइट
  8. पीतल
  9. Rb
  10. LiBr
  11. Si

समझाइए - धात्विक एवं आयनिक क्रिस्टलों में समानता एवं विभेद का आधार।


समझाइए – आयनिक ठोस कठोर एवं भंगुर होते हैं।


फेरिक ऑक्साइड में ऑक्साइड आयन के षट्कोणीय निविड़ संकुलन में क्रिस्टलीकृत होता है जिसकी तीन अष्टफलकीय रिक्तियों में से दो पर फेरिक आयन उपस्थित होते हैं। फेरिक ऑक्साइड का सूत्र ज्ञात कीजिए।


निम्नलिखित में से कौन-सा जालक (नेटवर्क) ठोस है?


ग्रैफ़ाइट ______ की उपस्थिति के कारण विद्युत् का सुचालक है।


आयनिक ठोसों के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?


निम्नलिखित में से ठोसों में चालकता का सही क्रम कौन-सा है?


द्रवों तथा गैसों को तरल के रूप में वर्गीकृत क्यों किया गया है?


अभिकथन - ग्रैफ़ाइट विद्युत् का चालक होता है जबकि हीरा कुचालक होता है।

तर्क - ग्रैफ़ाइट मुलायम होता है जबकि हीरा बहुत कठोर एवं भंगुर होता है।


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