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प्रश्न
ग्रैफ़ाइट को किस रूप में वर्गीकृत नहीं कर सकते?
पर्याय
चालक ठोस
जालक ठोस
सहसंयोजक ठोस
आयनिक ठोस
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उत्तर
आयनिक ठोस
स्पष्टीकरण -
ग्रेफाइट में एक षट्कोणीय संरचना होती है यानी यह एक जालक ठोस है।ग्रेफाइट अणुओं के बीच का आबन्ध प्रकृति में सहसंयोजक होता है यानी यह एक सहसंयोजक ठोस होता है। प्रत्येक कार्बन परमाणु 3 अन्य कार्बन परमाणुओं के साथ बंधे होते हैं, इस तरह वे षट्कोणीय संरचनाओं का निर्माण करते हैं। ग्रेफाइट में इलेक्ट्रॉन परत के भीतर स्वतंत्र रूप से घूम सकते हैं, वे विद्युत का संचालन कर सकते हैं। ग्रेफाइट आयनिक रूप से आबन्ध नहीं होता है।
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निम्नलिखित ठोसों का वर्गीकरण आयनिक, धात्विक, आण्विक, सहसंयोजक या अक्रिस्टलीय में कीजिए।
- टेट्राफॉस्फोरस डेकॉक्साइड (P4O10)
- अमोनियम फॉस्फेट (NH4)3 PO4
- SiC
- I2
- P4
- प्लास्टिक
- ग्रेफाइट
- पीतल
- Rb
- LiBr
- Si
उपसहसंयोजन संख्या का क्या अर्थ है?
समझाइए – आयनिक ठोस कठोर एवं भंगुर होते हैं।
कॉपर fcc जालक के रूप में क्रिस्टलीकृत होता है जिसके कोर की लम्बाई 3.61 x 10-8 cm है। यह दर्शाइए कि गणना किए गए घनत्व के मान तथा मापे गए घनत्व 8.92 g cm-3 में समानता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा जालक (नेटवर्क) ठोस है?
ग्रैफ़ाइट ______ की उपस्थिति के कारण विद्युत् का सुचालक है।
निम्नलिखित में से ठोसों में चालकता का सही क्रम कौन-सा है?
निम्नलिखित में से कौन-से कथन सत्य नहीं हैं?
- रिक्तिका दोष से पदार्थ का घनत्व कम होता है।
- अंतराकाशी दोष से पदार्थ का घनत्व बढढता है।
- अशुद्ध दोष का पदार्थ के घनत्व पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
- फ्रेंकल दोष पदार्थ के घनत्व में वृद्धि का परिणाम है।
निम्नलिखित में से कौन-से दोषों से घनत्व घटता है?
- अन्तराकाशी दोष
- रिक्तिका दोष
- फ्रेंकेल दोष
- शॉट्की दोष
अभिकथन - ग्रैफ़ाइट विद्युत् का चालक होता है जबकि हीरा कुचालक होता है।
तर्क - ग्रैफ़ाइट मुलायम होता है जबकि हीरा बहुत कठोर एवं भंगुर होता है।
