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आज विश्व में कहीं भी संवाद भेजने और पाने का एक बड़ा साधन इंटरनेट है। पक्षी और बादल की चिट्ठियों की तुलना इंटरनेट से करते हुए दस पंक्तियाँ लिखिए। - Hindi (हिंदी)

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प्रश्न

आज विश्व में कहीं भी संवाद भेजने और पाने का एक बड़ा साधन इंटरनेट है। पक्षी और बादल की चिट्ठियों की तुलना इंटरनेट से करते हुए दस पंक्तियाँ लिखिए।

थोडक्यात उत्तर
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उत्तर

आज के युग में चारों तरफ इंटरनेट का जाल फैला हुआ है। हम अपने संवाद बड़ी ही सुगमता व सुविधापूर्वक इंटरनेट के माध्यम से भेज व पा सकते हैं, ये एक नए युग की शुरूआत है और उसी का आगाज़ भी। पहले मनुष्य पत्र व्यवहार के द्वारा अपने संदेश को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजा करता था। परन्तु उसमें महीनों, दिनों का वक्त लगता था। पर आज हम कुछ पलों में ही इंटरनेट के माध्यम से अपना संदेश एक स्थान पर ही नहीं अपितु दूसरे देश में भी भेज सकते हैं और इसमें ज़्यादा समय भी नहीं लगता। परन्तु इसकी तुलना अगर पक्षी और बादलों की चिट्ठियों से की जाए तो इतनी पवित्रता और निश्चलता के आगे इंटरनेट छोटा ही साबित होता है। इंटरनेट के माध्यम से हम विचारों का, कार्य का, सूचनाओं का आदान-प्रदान तो कर सकते हैं पर एक सीमा तक लेकिन पक्षी और बादल की तो कोई सीमा ही नहीं है। दूसरे ये किसी कार्य, सूचना, विचार का आदान-प्रदान नहीं करते ब्लकि ये ऐसी भावना का प्रचार करते हैं जो हम मनुष्यों के लिए लाभप्रद है, ये हर उसी गली-मौहल्ले, देश, छोटा घर, बड़ा घर, महल, तक जा सकते हैं और समान भाव से इस संदेश का प्रसार कर सकते हैं। इसमें इनका कोई स्वार्थ या हित नहीं। इसमें तो सिर्फ़ हमारा हित ही है जिसका कोई बुरा नतीजा देखने को नहीं मिलता। बस सद्भावना और प्यार करने का संदेश ही मिलता है।

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पद्य (Poetry) (Class 8)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 6: भगवान के डाकिए - पाठ से आगे [पृष्ठ ३२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Vasant Part 3 Class 8
पाठ 6 भगवान के डाकिए
पाठ से आगे | Q 2 | पृष्ठ ३२

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पानी, टोकरी, बस्ता, चावल, हथेली, रंग, जूते

______

बीनना

______

उतारना

______

बिखेरना

______

समेटना

______

सजाना


ओस कणों को देखकर कवि का मन क्या करना चाहता है?


"ये उज्ज्वल हीरों की कड़ियाँ"

ऊपर की पंक्ति में उज्ज्वल शब्द में 'ज' वर्ण दो बार आया है परंतु यह आधा (ज्) है। तुम भी इसी तरह के कुछ और शब्द खोजो। ध्यान रहे, उस शब्द में कोई एक वर्ण (अक्षर) दो बार आया हो, मगर आधा-आधा। इस काम में तुम शब्दकोश की सहायता ले सकते हो। देखें, कौन सबसे अधिक शब्द खोज़ पाता है।


"जी होता, इन ओस कणों को 
अंजलि में भर घर ले आऊँ"

'घर शब्द का प्रयोग हम कई तरह से कर सकते हैं। जैसे -

(क) वह घर गया।

(ख) यह बात मेरे मन में घर कर गई।

(ग) यह तो घर-घर की बात है।

(घ) आओ, घर-घर खेलें।

'बस' शब्द का प्रयोग कई तरह से किया जा सकता है। तुम ‘बस’ शब्द का प्रयोग करते हुए अपने मन से कुछ वाक्य बनाओ।

(संकेत - बस, बस-बस, बस इतना सा)


नीचे शब्दों के बदलते रूप को दर्शाने वाला नमूना दिया गया है। उसे देखो और अपनी सुविधानुसार तुम भी दिए गए शब्दों को बदलो।

नमूना → गिरना –गिराना –गिरवाना

उठना

______

______

पढ़ना

______

______

करना

______

______

फहरना

______

______

सुनना

______

______


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