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A और B के मध्य अभिक्रिया में A और B की विभिन्न प्रारंभिक सांद्रताओं के लिए प्रारंभिक वेग (r0) नीचे दिए गए हैं। A और B के प्रति अभिक्रिया की कोटि क्या है?

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प्रश्न

A और B के मध्य अभिक्रिया में A और B की विभिन्न प्रारंभिक सांद्रताओं के लिए प्रारंभिक वेग (r0) नीचे दिए गए हैं।

A और B के प्रति अभिक्रिया की कोटि क्या है?

A/mol L−1 0.20 0.20 0.40
B/mol L−1 0.30 0.10 0.05
r0/mol L−1 s−1 5.07 × 10−5 5.07 × 10−5 1.43 × 10−4
संख्यात्मक
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उत्तर

`"dx"/"dt"` = k[A]x [B]y

5.07 × 10−5 = k(0.2)x (0.3)y   ...(i)

5.07 × 10−5 = k(0.2)x (0.10)y   ...(ii)

(i) को (ii) से भाग देने पर, हमें प्राप्त होता है

1 = 3y ⇒ 30

3y ⇒ y = 0

5.07 × 10−5 = k(0.2)x (0.1)0   ...(iii)

1.43 × 10−4 = k(0.4)x (0.05)0   ...(iv)

(iv) को (iii) से भाग देने पर, हमें 2.8 = 2x प्राप्त होता है

log 2.8 = x log 2

या x = `log2.8/log2.0`

= `0.4472/0.3010`

= 1.48

≈ 1.5

अभिक्रिया की कोटि 'A' के प्रति 1.5 तथा 'B' के प्रति शून्य है।

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पाठ 3: रासायनिक बलगतिकी - अभ्यास [पृष्ठ ८८]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Rasayan Bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12
पाठ 3 रासायनिक बलगतिकी
अभ्यास | Q 3.10 | पृष्ठ ८८

संबंधित प्रश्‍न

निम्नलिखित अभिक्रिया के वेग व्यंजकों से इनकी अभिक्रिया कोटि तथा वेग स्थिरांकों की इकाइयाँ ज्ञात कीजिए।

\[\ce{3NO_{(g)} -> N2O_{(g)}}\] वेग = k [NO]2


निम्नलिखित अभिक्रिया के वेग व्यंजकों से इनकी अभिक्रिया कोटि तथा वेग स्थिरांकों की इकाइयाँ ज्ञात कीजिए।

\[\ce{C2H5Cl_{(g)} -> C2H4_{(g)} + HCl_{(g)}}\] वेग = k [C2H5Cl]


रासायनिक अभिक्रिया के वेग पर प्रभाव डालने वाले कारकों का उल्लेख कीजिए।


अरेनिअस समीकरण के अनुसार `"Ae"^(−"E​"_"a"//"RT")` अभिक्रिया दर स्थिरांक k के बराबर है। ln k और `1/"T"` के मध्य ग्राफ को निम्न विकल्पों में से किसके द्वारा प्रदर्शित किया जा सकता है।


अभिक्रिया A + 2B ⟶ C के लिए निम्नलिखित वेग नियम प्राप्त होता है। बेग = k [A][B]

'A' की सांद्रता स्थिर रखते हुए अभिक्रियक 'B' की सांद्रता दुगनी करने पर वेग नियतांक का मान ______।


आप निम्नलिखित अभिक्रिया का वेग नियम कैसे निर्धारित कर सकते हैं?

\[\ce{2NO (g) + O2(g) -> 2NO2 (g)}\]


एक अभिक्रिया में यदि अभिक्रियक A की सांद्रता तिगुनी कर दी जाए तो अभिक्रिया वेग सत्ताइस गुना बढ़ जाता है। अभिक्रिया की कोटि क्या है?


निम्नलिखित का सुमेलन कीजिए-

कॉलम I कॉलम II
(i) हीरा (डायमण्ड) (a) समय का लघु अंतराल
(ii) तार्क्षणिक वेग b) सामान्यत: परिवर्तन का
वेग परिलक्षित नहीं होता।
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अभिकथन - अर्रेनिअस समीकरण से सामान्य तथा जटिल अणुओं के लिए निर्धारित वेग स्थिरांक लगभग परिशुद्ध होते हैं।

तर्क - संघट्ट के समय अभिक्रियक अणुओं का कोई भी अभिविन्यास होने पर भी रासायनिक परिवर्तन हो जाता है।


किसी अभिक्रियक के लिए एक अभिक्रिया द्वितीय कोटि की है। अभिक्रिया का वेग कैसे प्रभावित होगा, यदि अभिक्रियक की सांद्रता आधी कर दी जाए?


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