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टॉमसन मॉडल में परमाणु का साइज, रदरफोर्ड मॉडल में परमाण्वीय साइज से ______ होता है।
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______ में निम्नतम अवस्था में इलेक्ट्रॉन स्थायी साम्य में होते हैं जबकि ______ में इलेक्ट्रॉन, सदैव नेट बल अनुभव करते हैं।
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______ पर आधारित किसी क्लासिकी परमाणु का नष्ट होना निश्चित है।
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किसी परमाणु के द्रव्यमान का ______ में लगभग संतत वितरण होता है लेकिन ______ में अत्यंत असमान द्रव्यमान वितरण होता है।
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______ में परमाणु के धनावेशित भाग का द्रव्यमान सर्वाधिक होता है।
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मान लीजिए कि स्वर्ण पन्नी के स्थान पर ठोस हाइड्रोजन की पतली शीट का उपयोग करके आपको ऐल्फा-कण प्रकीर्णन प्रयोग दोहराने का अवसर प्राप्त होता है। (हाइड्रोजन 14 K से नीचे ताप पर ठोस हो जाती है।) आप किस परिणाम की अपेक्षा करते हैं?
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2.3 eV ऊर्जा अंतर किसी परमाणु में दो ऊर्जा स्तरों को पृथक कर देता है। उत्सर्जित विकिरण की आवृत्ति क्या होगी यदि परमाणु में इलेक्ट्रॉन उच्च स्तर से निम्न स्तर में संक्रमण करता है?
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क्या टॉमसन मॉडल में पतले स्वर्ण पन्नी से प्रकीर्णित α-कणों का पूर्वानुमानित औसत विक्षेपण कोण, रदरफोर्ड मॉडल द्वारा पूर्वानुमानित मान से अत्यन्त कम, लगभग समान अथवा अत्यधिक बड़ा है?
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टॉमसन मॉडल द्वारा पूर्वानुमानित पश्च प्रकीर्णन की प्रायिकता (अर्थात α-कणों का 90° से बड़े कोणों पर प्रकीर्णन) रदरफोर्ड मॉडल द्वारा पूर्वानुमानित मान से अत्यंत कम, लगभग समान अथवा अत्यधिक है?
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अन्य कारकों को नियत रखते हुए, प्रयोग द्वारा यह पाया गया है कि कम मोटाई t के लिए, मध्यम कोणों पर प्रकीर्णित α-कणों की संख्या t के अनुक्रमानुपातिक है। t पर यह रैखिक निर्भरता क्या संकेत देती है?
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किस मॉडल में α -कणों के पतली पन्नी से प्रकीर्णन के पश्चात औसत प्रकीर्णन कोण के परिकलन हेतु बहुप्रकीर्णन की उपेक्षा करना पूर्णतया गलत है?
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नियॉन के तीन स्थायी समस्थानिकों की बहुलता क्रमशः 90.51%, 0.27% एवं 9.22% है। इन समस्थानिकों के परमाणु द्रव्यमान क्रमशः 19.99u, 20.99u एवं 21.99u हैं। नियॉन का औसत परमाणु द्रव्यमान ज्ञात कीजिए।
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एक दिए गए सिक्के का द्रव्यमान 3.0 g है। उस ऊर्जा की गणना कीजिए जो इस सिक्के के सभी न्यूट्रॉनों एव प्रोटॉनों को एक-दूसरे से अलग करने के लिए आवश्यक हो। सरलता के लिए मान लीजिए कि सिक्का पूर्णतः \[\ce{_29^63Cu}\] परमाणुओं का बना है। (\[\ce{_29^63Cu}\] का द्रव्यमान = 82,92960 u)।
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निम्नलिखित के लिए नाभिकीय समीकरण लिखिए
- \[\ce{_88^226Ra}\] का α- क्षय
- \[\ce{_94^242Pu}\] का α- क्षय
- \[\ce{_15^32 P}\] P का β– - क्षय
- \[\ce{_210^83Bi}\] का β– - क्षय
- \[\ce{_6^11C}\] का β+ - क्षय
- \[\ce{_43^97Tc}\] Tc का β+ - क्षय
- \[\ce{_54^120Xe}\] का इलेक्ट्रॉन अभिग्रहण
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जीवित कार्बनयुक्त द्रव्य की सामान्य ऐक्टिवता, प्रति ग्राम कार्बन के लिए 15 क्षय प्रति मिनट है। यह ऐक्टिवता, स्थायी समस्थानिक \[\ce{_{ 6 }^{ 14 }{ C }}\] के साथ-साथ अल्प मात्रा में विद्यमान रेडियोऐक्टिव \[\ce{_{6}^{12}{C}}\] के कारण होती है। जीव की मृत्यु होने पर वायुमण्डल के साथ इसकी अन्योन्य क्रिया (जो उपर्युक्त सन्तुलित ऐक्टिवता को बनाए रखती है) समाप्त हो जाती है तथा इसकी ऐक्टिवता कम होनी शुरू हो जाती है।\[\ce{_{ 6 }^{ 14 }{ C }}\] की ज्ञात अर्धायु (5730 वर्ष) और नमूने की मापी गई ऐक्टिवता के आधार पर इसकी सन्निकट आयु की गणना की जा सकती है। यही पुरातत्व विज्ञान में प्रयुक्त होने वाली \[\ce{_{ 6 }^{ 14 }{ C }}\] कालनिर्धारण (dating) पद्धति का सिद्धान्त है। यह मानकर कि मोहनजोदड़ो से प्राप्त किसी नमूने की ऐक्टिवता 9 क्षय प्रति मिनट प्रति ग्राम कार्बन है। सिन्धु घाटी सभ्यता की सन्निकट आयु का आकलन कीजिए।
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आवर्त सारणी में मैग्नीशियम का औसत परमाणु द्रव्यमान 24.312u दिया गया है। यह औसत मान, पृथ्वी पर इसके समस्थानिकों की सापेक्ष बहुलता के आधार पर दिया गया है। मैग्नीशियम के तीनों समस्थानिक तथा उनके द्रव्यमान इस प्रकार हैं
\[\ce{_{12}^{24}{Mg}}\] (28.98504 u), \[\ce{_{12}^{25}{Mg}}\] (24.98584) एवं \[\ce{_{12}^{26}{Mg}}\] (25.98259 u)। प्रकृति में प्राप्त मैग्नीशियम में \[\ce{_{12}^{24}{Mg}}\] की (द्रव्यमान के अनुसार) बहुलता 78.99% है। अन्य दोनों समस्थानिकों की बहुलता का परिकलन कीजिए।
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न्यूट्रॉन पृथक्करण ऊर्जा (Separation energy), परिभाषा के अनुसार वह ऊर्जा है, जो किसी नाभिक से एक न्यूट्रॉन को निकालने के लिए आवश्यक होती है। नीचे दिए गए आँकड़ों का इस्तेमाल करके \[\ce{_{20}^{41}{Ca}}\] एवं \[\ce{_{13}^{27}{Al}}\] नाभिकों की न्यूट्रॉन पृथक्करण ऊर्जा ज्ञात कीजिए।
`"m"(""_20^40"Ca")` = 39.962591 u
`"m"(""_20^41"Ca")` = 40.962278 u
`"m"(""_13^26"Al")` = 25.986895 u
`"m"(""_13^27"Al")` = 26.981541 u
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कार्बन, सिलिकॉन और जर्मोनियम, प्रत्येक में चार संयोजक इलेक्ट्रॉन हैं। इनकी विशेषता ऊर्जा बैड अंतराल द्वारा पृथक्कृत संयोजकता और चालन बैंड द्वारा दी गई हैं, जो क्रमशः
(Eg)c, (Eg)s; तथां (Eg) Ge के बराबर हैं। निम्नलिखित में से कौन-सा प्रकथन सत्य है?
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5 × 10-8 C तथा -3 × 10-8 C के दो आवेश 16 cm दूरी पर स्थित हैं। दोनों आवेशों को मिलाने वाली रेखा के किस बिंदु पर विद्युत विभव शून्य होगा? अनंत पर विभव शून्य लीजिए।
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मूल बिन्दु पर एक 8 mC का आवेश अवस्थित है। -2 x 10-9 के एक छोटे से आवेश को बिन्दु P(0, 0, 3 cm) से, बिन्दु R(0, 6 cm, 9 cm) से होकर, बिन्दु Q(0, 4 cm, 0) तक ले जाने में किया गया कार्य परिकलित कीजिए।
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