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Science (Hindi Medium) कक्षा १२ - CBSE Question Bank Solutions for Physics (भौतिक विज्ञान)

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Physics (भौतिक विज्ञान)
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ऊन से रगड़े जाने पर कोई पॉलीथीन का टुकड़ा 3 × 10-7 C के ऋणावेश से आवेशित पाया गया।

  1. स्थानान्तरित (किस पदार्थ से किस पदार्थ में) इलेक्ट्रॉनों की संख्या आकलित कीजिए।
  2. क्या ऊन से पॉलीथीन में संहति का स्थानान्तरण भी होता है?
[1] वैद्युत आवेश तथा क्षेत्र
Chapter: [1] वैद्युत आवेश तथा क्षेत्र
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10 cm त्रिज्या के चालक गोले पर अज्ञात परिमाण का आवेश है। यदि गोले के केन्द्र से 20 cm दूरी पर विद्युत-क्षेत्र 1.5 x 103 N/C त्रिज्यतः अन्तर्मुखी (radially inward) है तो गोले पर नेट आवेश कितना है?

[1] वैद्युत आवेश तथा क्षेत्र
Chapter: [1] वैद्युत आवेश तथा क्षेत्र
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प्रश्न 1.33 में वर्णित कण की इलेक्ट्रॉन के रूप में कल्पना कीजिए जिसको vx = 2.0 x 106 ms-1 के साथ प्रक्षेपित किया गया है। यदि 0.5 cm की दूरी पर रखी प्लेटों के बीच विद्युत-क्षेत्र E का मान 9.1 x 102 N/C हो तो ऊपरी प्लेट पर इलेक्ट्रॉन कहाँ टकराएगा? (e = 1.6 x 10-19 C, me = 9.1 x 10-31 kg)

[1] वैद्युत आवेश तथा क्षेत्र
Chapter: [1] वैद्युत आवेश तथा क्षेत्र
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तार की एक वृत्ताकार कुंडली में 100 फेरे हैं, प्रत्येक की त्रिज्या 8.0 cm है और इनमें 0.40 A विद्युत धारा प्रवाहित हो रही है। कुंडली के केंद्र पर चुंबकीय क्षेत्र का परिमाण क्या है?

[4] गतिमान आवेश और चुंबकत्व
Chapter: [4] गतिमान आवेश और चुंबकत्व
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एक लंबे, सीधे तार में 35 A विद्युत धारा प्रवाहित हो रही है। तार से 20 cm दूरी पर स्थित किसी बिंदु पर चुंबकीय क्षेत्र का परिमाण क्या है?

[4] गतिमान आवेश और चुंबकत्व
Chapter: [4] गतिमान आवेश और चुंबकत्व
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व्योमस्थ खिंचे क्षैतिज बिजली के तार में 90 A विद्युत धारा पूर्व से पश्चिम की ओर प्रवाहित हो रही है। तार के 1.5 m नीचे विद्युत धारा के कारण उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र का परिमाण और दिशा क्या है?

[4] गतिमान आवेश और चुंबकत्व
Chapter: [4] गतिमान आवेश और चुंबकत्व
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एक छोटा छड़ चुंबक जो एकसमान बाह्य चुंबकीय क्षेत्र 0.25 T के साथ 30° का कोण बनाता है, पर 4.5 × 10–2 J का बल आघूर्ण लगता है। चुंबक के चुंबकीय आघूर्ण का परिमाण क्या है?

[5] चुंबकत्व एवं द्रव्य
Chapter: [5] चुंबकत्व एवं द्रव्य
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एक परिनालिका में पास-पास लपेटे गए 800 फेरे हैं तथा इसकी अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल 2.5 × 10−4 m2 है और इसमें 3.0 A धारा प्रवाहित हो रही है। समझाइए कि किस अर्थ में यह परिनालिका एक छड़ चुंबक की तरह व्यवहार करती है। इसके साथ जुड़ा हुआ चुंबकीय आघूर्ण कितना है?

[5] चुंबकत्व एवं द्रव्य
Chapter: [5] चुंबकत्व एवं द्रव्य
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एक परिनालिका जिसमें पास-पास 2000 फेरे लपेटे गए हैं तथा जिसके अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल 1.6 × 10–4 m2 है और जिसमें 4.0 A की धारा प्रवाहित हो रही है, इसके केंद्र से इस प्रकार लटकाई गई है कि यह एक क्षैतिज तल में घूम सके।

  1. परिनालिका के चुंबकीय-आघूर्ण का मान क्या है?
  2. परिनालिका पर लगने वाला बल एवं बल आघूर्ण क्या है, यदि इस पर, इसकी अक्ष से 30° का कोण बनाता हुआ 7.5 × 10–2 T का एकसमान क्षैतिज चुंबकीय-क्षेत्र लगाया जाए?
[5] चुंबकत्व एवं द्रव्य
Chapter: [5] चुंबकत्व एवं द्रव्य
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एक आयताकार लूप जिसकी भुजाएँ 8 cm एवं 2 cm हैं, एक स्थान पर थोड़ा कटा हुआ है। यह लूप अपने तल के अभिलंबवत 0.3 T के एकसमान चुंबकीय-क्षेत्र से बाहर की ओर निकल रहा है। यदि लूप के बाहर निकलने का वेग 1 cm s-1 है तो कटे भाग के सिरों पर उत्पन्न विद्युत वाहक बल कितना होगा, जब लूप की गति अभिलंबवत हो

  1. लूप की लंबी भुजा के
  2. लूप की छोटी भुजा के।

प्रत्येक स्थिति में उत्पन्न प्रेरित वोल्टता कितने समय तक टिकेगी?

[6] वैद्युतचुंबकीय प्रेरण
Chapter: [6] वैद्युतचुंबकीय प्रेरण
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पूर्व से पश्चिम दिशा में विस्तृत एक 10 m लंबा क्षैतिज सीधा तार 0.30 × 10-4 Wb m-2 तीव्रता वाले पृथ्वी के चुंबकीय-क्षेत्र के क्षैतिज घटक के लंबवत 5.0 m s-1 की चाल से गिर रहा है।

  1. तार में प्रेरित विद्युत वाहक बल का तात्क्षणिक मान क्या होगा?
  2. विद्युत वाहक बल की दिशा क्या है?
  3. तार का कौन-सा सिरा उच्च विद्युत विभव पर है?
[6] वैद्युतचुंबकीय प्रेरण
Chapter: [6] वैद्युतचुंबकीय प्रेरण
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मान लीजिए कि प्रश्न 6.4 में उल्लिखित लूप स्थिर है किन्तु चुम्बकीय-क्षेत्र उत्पन्न करने वाले विद्युत चुम्बक में धारा का मान कम किया जाता है जिससे चुम्बकीय-क्षेत्र का मान अपने प्रारम्भिक मान 0.3 T से 0.02 Ts-1 की दर से घटता है। अब यदि लूप का कटा भाग जोड़ दें जिससे प्राप्त बन्द लूप का प्रतिरोध 1.6 Ω हो तो इस लूप में ऊष्मन के रूप में शक्ति ह्रास क्या है? इस शक्ति का स्रोत क्या है?

[6] वैद्युतचुंबकीय प्रेरण
Chapter: [6] वैद्युतचुंबकीय प्रेरण
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नीचे दिए गए चित्र में एक धातु की छड़ PQ को दर्शाया गया है जो पटरियों AB पर रखी है तथा एक स्थायी चुम्बक के ध्रुवों के मध्य स्थित है। पटरियाँ, छड़ एवं चुम्बकीय-क्षेत्र परस्पर अभिलम्बवत दिशाओं में हैं। एक गैल्वेनोमीटर (धारामापी) G को पटरियों से एक स्विच K की सहायता से संयोजित किया गया है। छड़ की लम्बाई = 15 cm, B = 0.50 T तथा पटरियों, छड़ तथा धारामापी से बने बन्द लूप का प्रतिरोध = 9.0 m2 है। क्षेत्र को एकसमान मान लें।

  1. माना कुंजी Kखुली है तथा छड़ 12 cm s-1 की चाल से दर्शायी गई दिशा में गतिमान है। प्रेरित विद्युत वाहक बल का मान एवं ध्रुवणता बताइए।
  2. क्या कुंजी Kखुली होने पर छड़ के सिरों पर आवेश का आधिक्य हो जाएगा? क्या होगा यदि कुंजी K बंद कर दी जाए?
  3. जब कुंजी K खुली हो तथा छड़ एकसमान वेग से गति में हो तब भी इलेक्ट्रॉनों पर कोई परिणामी बल कार्य नहीं करता यद्यपि उन पर छड़ की गति के कारण चुम्बकीय बल कार्य करता है। कारण स्पष्ट कीजिए।
  4. कुंजी बन्द होने की स्थिति में छड़ पर लगने वाले अवमन्दन बल का मान क्या होगा?
  5. कुंजी बन्द होने की स्थिति में छड़ को उसी चाल (= 12 cms-1) से चलाने हेतु कितनी शक्ति (बाह्य कारक के लिए) की आवश्यकता होगी?
  6. बन्द परिपथ में कितनी शक्ति का ऊष्मा के रूप में क्षय होगा? इस शक्ति का स्रोत क्या है?
  7. गतिमान छड़ में उत्पन्न विद्युत वाहक बल का मान क्या होगा यदि चुम्बकीय-क्षेत्र की दिशा पटरियों के लम्बवत होने की बजाय उनके समान्तर हो?
[6] वैद्युतचुंबकीय प्रेरण
Chapter: [6] वैद्युतचुंबकीय प्रेरण
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ac आपूर्ति का शिखर मान 300 V है। rms वोल्टता कितनी है?

[7] प्रत्यावर्ती धारा
Chapter: [7] प्रत्यावर्ती धारा
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ac परिपथ में धारा का rms मान 10 A है। शिखर धारा कितनी है?

[7] प्रत्यावर्ती धारा
Chapter: [7] प्रत्यावर्ती धारा
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एक 60 µF का संधारित्र 110 V, 60 Hz ac आपूर्ति से जोड़ा गया है। परिपथ में धारा के rms मान को ज्ञात कीजिए।

[7] प्रत्यावर्ती धारा
Chapter: [7] प्रत्यावर्ती धारा
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यदि परिपथ को उच्च आवृत्ति की आपूर्ति (240V, 10 kHz) से जोड़ा जाता है तो प्रश्न 7.13 (a) तथा (b) के उत्तर निकालिए। इससे इस कथन की व्याख्या कीजिए कि अति उच्च आवृत्ति पर किसी परिपथ में प्रेरक लगभग खुले परिपथ के तुल्य होता है। स्थिर अवस्था के पश्चात किसी dc परिपथ में प्रेरक किस प्रकार का व्यवहार करता है?

[7] प्रत्यावर्ती धारा
Chapter: [7] प्रत्यावर्ती धारा
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चित्र में एक संधारित्र दर्शाया गया है जो 12 cm त्रिज्या की दो वृत्ताकार प्लेटों को 5.0 cm की दूरी पर रखकर बनाया गया है। संधारित्र को एक बाह्य स्रोत (जो चित्र में नहीं दर्शाया गया है) द्वारा आवेशित किया जा रहा है। आवेशकारी धारा नियत है और इसका मान 0.15 A है।

  1. धारिता एवं प्लेटों के बीच विभवांतर परिवर्तन की दर का परिकलन कीजिए।
  2. प्लेटों के बीच विस्थापन धारा ज्ञात कीजिए।
  3. क्या किरचॉफ का प्रथम नियम संधारित्र की प्रत्येक प्लेट पर लागू होता है? स्पष्ट कीजिए।

[8] वैद्युतचुंबकीय तरंगें
Chapter: [8] वैद्युतचुंबकीय तरंगें
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एक समतल विद्युतचुंबकीय तरंग निर्वात में z-अक्ष के अनुदिश चल रही है। इसके विद्युत तथा चुंबकीय-क्षेत्रों के सदिश की दिशा के बारे में आप क्या कहेंगे? यदि तरंग की आवृत्ति 30 MHz हो तो उसकी तरंगदैर्घ्य कितनी होगी?

[8] वैद्युतचुंबकीय तरंगें
Chapter: [8] वैद्युतचुंबकीय तरंगें
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एक आवेशित कण अपनी माध्य साम्यावस्था के दोनों ओर 109 Hz आवृत्ति से दोलन करता है। दोलक द्वारा जनित विद्युतचुंबकीय तरंगों की आवृत्ति कितनी है?

[8] वैद्युतचुंबकीय तरंगें
Chapter: [8] वैद्युतचुंबकीय तरंगें
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