हिंदी

Arts (Hindi Medium) कक्षा १२ - CBSE Question Bank Solutions

Advertisements
[object Object]
[object Object]
विषयों
मुख्य विषय
अध्याय

Please select a subject first

Advertisements
Advertisements
< prev  2321 to 2340 of 6860  next > 

प्रथम सवैये के आधार पर बताइए कि प्राण पहले कैसे पल रहे थे और अब क्यों दुखी हैं?

[1.11] घनानंद : कवित्त / सवैया
Chapter: [1.11] घनानंद : कवित्त / सवैया
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
तब तौ छबि पीवत जीवत हे, अब सोचन लोचन जात जरे।

[1.11] घनानंद : कवित्त / सवैया
Chapter: [1.11] घनानंद : कवित्त / सवैया
Concept: undefined >> undefined

Advertisements

निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
सो घनआनंद जान अजान लौं टूक कियौ पर वाँचि न देख्यौ।

[1.11] घनानंद : कवित्त / सवैया
Chapter: [1.11] घनानंद : कवित्त / सवैया
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-

तब हार पहार से लागत हे, अब बीच में आन पहार परे।

[1.11] घनानंद : कवित्त / सवैया
Chapter: [1.11] घनानंद : कवित्त / सवैया
Concept: undefined >> undefined

संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए-
तब तौ छबि पीवत जीवत हे, ______ बिललात महा दुःख दोष भरे।

[1.11] घनानंद : कवित्त / सवैया
Chapter: [1.11] घनानंद : कवित्त / सवैया
Concept: undefined >> undefined

संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए-
ऐसो हियो हित पत्र पवित्र ______ टूक कियौ पर बाँचि न देख्यौ।

[1.11] घनानंद : कवित्त / सवैया
Chapter: [1.11] घनानंद : कवित्त / सवैया
Concept: undefined >> undefined

लेखक ने अपने पिता जी की किन-किन विशेषताओं का उल्लेख किया है?

[2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
Chapter: [2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
Concept: undefined >> undefined

बचपन में लेखक के मन में भारतेंदु जी के संबंध में कैसी भावना जगी रहती थी?

[2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
Chapter: [2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
Concept: undefined >> undefined

उपाध्याय बदरीनारायण चौधरी 'प्रेमघन' की पहली झलक लेखक ने किस प्रकार देखी?

[2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
Chapter: [2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
Concept: undefined >> undefined

लेखक का हिंदी-साहित्य के प्रति झुकाव किस प्रकार बढ़ता गया?

[2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
Chapter: [2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
Concept: undefined >> undefined

'निस्संदेह' शब्द को लेकर लेखक ने किस प्रसंग का ज़िक्र किया है?

[2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
Chapter: [2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
Concept: undefined >> undefined

पाठ में कुछ रोचक घटनाओं का उल्लेख है। ऐसी तीन घटनाएँ चुनकर उन्हें अपने शब्दों में लिखिए।

[2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
Chapter: [2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
Concept: undefined >> undefined

"इस पुरातत्व की दृष्टि में प्रेम और कुतूहल का अद्भुत मिश्रण रहता था।" यह कथन किसके संदर्भ में कहा गया है और क्यों? स्पष्ट कीजिए।

[2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
Chapter: [2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
Concept: undefined >> undefined

प्रस्तुत संस्मरण में लेखक ने चौधरी साहब के व्यक्तित्व के किन-किन पहलुओं को उजागर किया है?

[2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
Chapter: [2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
Concept: undefined >> undefined

समवयस्क हिंदी प्रेमियों की मंडली में कौन-कौन से लेखक मुख्य थे?

[2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
Chapter: [2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
Concept: undefined >> undefined

‘भारतेंदु जी के मकान के नीचे का यह ह्दय परिचय बहुत शीघ्र गहरी मैत्री में परिणत हो गया।’- कथन का आशय स्पष्ट कीजिए।

[2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
Chapter: [2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
Concept: undefined >> undefined

चौधरी जी के व्यक्तित्व को बताने के लिए पाठ में कुछ मज़ेदार वाक्य आए हैं- उन्हें छाँटकर उनका संदर्भ लिखिए।

[2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
Chapter: [2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
Concept: undefined >> undefined

पाठ की शैली की रोचकता पर टिप्पणी कीजिए।

[2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
Chapter: [2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
Concept: undefined >> undefined

बालक से उसकी उम्र और योग्यता से ऊपर के कौन-कौन से प्रश्न पूछे गए?

[2.02] पंडित चंद्रधर शर्मा गुलेरी : सुमिरिनी के मनके
Chapter: [2.02] पंडित चंद्रधर शर्मा गुलेरी : सुमिरिनी के मनके
Concept: undefined >> undefined

बालक ने क्यों कहा कि मैं यावज्जन्म लोकसेवा करूँगा?

[2.02] पंडित चंद्रधर शर्मा गुलेरी : सुमिरिनी के मनके
Chapter: [2.02] पंडित चंद्रधर शर्मा गुलेरी : सुमिरिनी के मनके
Concept: undefined >> undefined
< prev  2321 to 2340 of 6860  next > 
Advertisements
Advertisements
CBSE Arts (Hindi Medium) कक्षा १२ Question Bank Solutions
Question Bank Solutions for CBSE Arts (Hindi Medium) कक्षा १२ Accountancy (लेखाशास्त्र)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (Hindi Medium) कक्षा १२ Economics (अर्थशास्त्र)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (Hindi Medium) कक्षा १२ English Core
Question Bank Solutions for CBSE Arts (Hindi Medium) कक्षा १२ English Elective - NCERT
Question Bank Solutions for CBSE Arts (Hindi Medium) कक्षा १२ Geography (भूगोल)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (Hindi Medium) कक्षा १२ Hindi (Core)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (Hindi Medium) कक्षा १२ Hindi (Elective)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (Hindi Medium) कक्षा १२ History (इतिहास)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (Hindi Medium) कक्षा १२ Mathematics (गणित)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (Hindi Medium) कक्षा १२ Political Science (राजनीति विज्ञान)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (Hindi Medium) कक्षा १२ Psychology (मनोविज्ञान)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (Hindi Medium) कक्षा १२ Sanskrit (Core)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (Hindi Medium) कक्षा १२ Sanskrit (Elective)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (Hindi Medium) कक्षा १२ Sociology (समाजशास्त्र)
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×