हिंदी

Arts (Hindi Medium) कक्षा १२ - CBSE Question Bank Solutions

Advertisements
[object Object]
[object Object]
विषयों
मुख्य विषय
अध्याय

Please select a subject first

Advertisements
Advertisements
< prev  2021 to 2040 of 6860  next > 

पहाड़ों की चढ़ाई में भूप दादा का कोई जवाब नहीं! उनके चरित्र की विशेषताएँ बताइए।

[2] आरोहण
Chapter: [2] आरोहण
Concept: undefined >> undefined

इस कहानी को पढ़कर आपके मन में पहाड़ों पर स्त्री की स्थिति की क्या छवि बनती है? उस पर अपने विचार व्यक्त कीजिए।

[2] आरोहण
Chapter: [2] आरोहण
Concept: undefined >> undefined

Advertisements

'पहाड़ों में जीवन अत्यंत कठिन होता है।' पाठ के आधार पर उक्त विषय पर एक निबंध लिखिए।

[2] आरोहण
Chapter: [2] आरोहण
Concept: undefined >> undefined

पर्वतारोहण की प्रासंगिता पर प्रकाश डालिए।

[2] आरोहण
Chapter: [2] आरोहण
Concept: undefined >> undefined

पर्वतारोहण पर्वतीय प्रदेशों की दिनचर्या है, वही दिनचर्या आज जीविका का माध्यम बन गई है। उसके गुण-दोष का विवेचन कीजिए।

[2] आरोहण
Chapter: [2] आरोहण
Concept: undefined >> undefined

'मै सेवाग्राम ______ में मां जैसी लगती' गद्यांश में क्रिया पर ध्यान दीजिये

[4] व्याकरण विभाग
Chapter: [4] व्याकरण विभाग
Concept: undefined >> undefined

आशय स्पष्ट कीजिए -

जनम अबधि हम रूप निहारल नयन न तिलपित भेल॥

सेहो मधुर बोल स्रवनहि सूनल स्रुति पथ परस न गेल॥

[1.09] विद्यापति : पद
Chapter: [1.09] विद्यापति : पद
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित विषय पर 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए -

समाज में बढती आर्थिक असमानताएँ

[5] लेखन कौशल्य
Chapter: [5] लेखन कौशल्य
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित विषय पर 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए -

आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस का समाज पर प्रभाव

[5] लेखन कौशल्य
Chapter: [5] लेखन कौशल्य
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित विषय पर 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए -

परीक्षा के दिन

[5] लेखन कौशल्य
Chapter: [5] लेखन कौशल्य
Concept: undefined >> undefined

"मैंने भ्रमवश जीवन संचित, मधुकरियों की भीख लुटाई"‐ पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए।

[1.01] जयशंकर प्रसाद : (क) देवसेना का गीत, (ख) कार्नेलिया का गीत
Chapter: [1.01] जयशंकर प्रसाद : (क) देवसेना का गीत, (ख) कार्नेलिया का गीत
Concept: undefined >> undefined

कवि ने आशा को बावली क्यों कहा है?

[1.01] जयशंकर प्रसाद : (क) देवसेना का गीत, (ख) कार्नेलिया का गीत
Chapter: [1.01] जयशंकर प्रसाद : (क) देवसेना का गीत, (ख) कार्नेलिया का गीत
Concept: undefined >> undefined

"मैंने निज दुर्बल ..... होड़ लगाई" इन पंक्तियों में 'दुर्बल पद बल' और 'हारी होड़' में निहित व्यंजना स्पष्ट कीजिए।

[1.01] जयशंकर प्रसाद : (क) देवसेना का गीत, (ख) कार्नेलिया का गीत
Chapter: [1.01] जयशंकर प्रसाद : (क) देवसेना का गीत, (ख) कार्नेलिया का गीत
Concept: undefined >> undefined

काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए-

श्रमित स्वप्न की मधुमाया ........... तान उठाई।

[1.01] जयशंकर प्रसाद : (क) देवसेना का गीत, (ख) कार्नेलिया का गीत
Chapter: [1.01] जयशंकर प्रसाद : (क) देवसेना का गीत, (ख) कार्नेलिया का गीत
Concept: undefined >> undefined

काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए -
लौटा लो ...... लाज गँवाई।

[1.01] जयशंकर प्रसाद : (क) देवसेना का गीत, (ख) कार्नेलिया का गीत
Chapter: [1.01] जयशंकर प्रसाद : (क) देवसेना का गीत, (ख) कार्नेलिया का गीत
Concept: undefined >> undefined

देवसेना की हार या निराशा के क्या कारण हैं?

[1.01] जयशंकर प्रसाद : (क) देवसेना का गीत, (ख) कार्नेलिया का गीत
Chapter: [1.01] जयशंकर प्रसाद : (क) देवसेना का गीत, (ख) कार्नेलिया का गीत
Concept: undefined >> undefined

कंठ रुक रहा है, काल आ रहा है- यह भावना कवि के मन में क्यों आई?

[1.02] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : (क) गीत गाने दो मुझे, (ख) सरोज स्मृति
Chapter: [1.02] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : (क) गीत गाने दो मुझे, (ख) सरोज स्मृति
Concept: undefined >> undefined

'ठग-ठाकुरों' से कवि का संकेत किसकी ओर है?

[1.02] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : (क) गीत गाने दो मुझे, (ख) सरोज स्मृति
Chapter: [1.02] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : (क) गीत गाने दो मुझे, (ख) सरोज स्मृति
Concept: undefined >> undefined

'जल उठो फिर सींचने को' इस पंक्ति का भाव-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए।

[1.02] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : (क) गीत गाने दो मुझे, (ख) सरोज स्मृति
Chapter: [1.02] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : (क) गीत गाने दो मुझे, (ख) सरोज स्मृति
Concept: undefined >> undefined

प्रस्तुत कविता दुख और निराशा से लड़ने की शक्ति देती है? स्पष्ट कीजिए।

[1.02] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : (क) गीत गाने दो मुझे, (ख) सरोज स्मृति
Chapter: [1.02] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : (क) गीत गाने दो मुझे, (ख) सरोज स्मृति
Concept: undefined >> undefined
< prev  2021 to 2040 of 6860  next > 
Advertisements
Advertisements
CBSE Arts (Hindi Medium) कक्षा १२ Question Bank Solutions
Question Bank Solutions for CBSE Arts (Hindi Medium) कक्षा १२ Accountancy (लेखाशास्त्र)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (Hindi Medium) कक्षा १२ Economics (अर्थशास्त्र)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (Hindi Medium) कक्षा १२ English Core
Question Bank Solutions for CBSE Arts (Hindi Medium) कक्षा १२ English Elective - NCERT
Question Bank Solutions for CBSE Arts (Hindi Medium) कक्षा १२ Geography (भूगोल)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (Hindi Medium) कक्षा १२ Hindi (Core)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (Hindi Medium) कक्षा १२ Hindi (Elective)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (Hindi Medium) कक्षा १२ History (इतिहास)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (Hindi Medium) कक्षा १२ Mathematics (गणित)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (Hindi Medium) कक्षा १२ Political Science (राजनीति विज्ञान)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (Hindi Medium) कक्षा १२ Psychology (मनोविज्ञान)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (Hindi Medium) कक्षा १२ Sanskrit (Core)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (Hindi Medium) कक्षा १२ Sanskrit (Elective)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (Hindi Medium) कक्षा १२ Sociology (समाजशास्त्र)
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×