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काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए-लौटा लो लाज गँवाई।

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प्रश्न

काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए -
लौटा लो ...... लाज गँवाई।

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उत्तर

इस काव्यांश की विशेषता है कि इसमें देवसेना की निराशा से युक्त हतोत्साहित मनोस्थिति का पता चलता है। स्कंदगुप्त का प्रेम वेदना बनकर उसे प्रताड़ित कर रहा है। 'हा-हा' शब्द पुनरुक्ति प्रकाश अंलकार का उदाहरण हैं।

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देवसेना का गीत
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अध्याय 1.01: जयशंकर प्रसाद (देवसेना का गीत, कार्नेलिया का गीत) - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ५]

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एनसीईआरटी Hindi Antara Bhag 2 [English] Class 12
अध्याय 1.01 जयशंकर प्रसाद (देवसेना का गीत, कार्नेलिया का गीत)
प्रश्न-अभ्यास | Q 4. (ख) | पृष्ठ ५
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