Please select a subject first
Advertisements
Advertisements
निम्नलिखित विषय पर लगभग 70 से 80 शब्दों में निबंध लिखिए:
समय का सदुपयोग
Concept: निबंध लेखन
निम्नलिखित जानकारी के आधार पर पत्रलेखन कीजिए:
अजय सिन्हा/अंजना सिन्हा, सुंदर नगर, जत से नगर विकास अधिकारी, नगर परिषद, जत को बच्चों को खेलने के लिए बगीचा बनवाने हेतु पत्र लिखता/लिखती है।
Concept: पत्रलेखन
निम्नलिखित जानकारी के आधार पर पत्रलेखन कीजिए:
चेतना सोनवणे/चेतन सोनवणे, आझाद नगर, चिखली से अपनी सहेली/मित्र फरहाना शेख/फरहान शेख, 'तिलक नगर, रायपुर को बहन की शादी में आमंत्रित करने के लिए पत्र लिखती/लिखता है।
Concept: पत्रलेखन
निम्नलिखित जानकारी के आधार पर 50 से 60 शब्दों में विज्ञापन तैयार कीजिए:

Concept: विज्ञापन लेखन
निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर ऐसे चार प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर गद्यांश में एक-एक वाक्य में हों -
| पिता जी ने धोती ऊपर कर ली, कुरते की बाँहें चढ़ा लीं और अपना पहाड़ी मोंटा डंडा दाहिने हाथ से कंधे पर सँभाले, बायाँ हाथ तेजी से हिलाते, नंगे पाँव आगे बढ़े।उन्होंने उनके पास जाकर कहा, “मैं लड़ने नहीं आया हूँ। लड़ने को आता तो अपने साथ औरों को भी लाता। डंडा केवल आत्मरक्षा के लिए साथ है, कोई अकेला मुझे चुनौती देगा तो पीछे नहीं हटूँगा। मर्द की लड़ाई बराबर की लड़ाई है, चार ने मिलकर एक को पीट दिया तो क्या बहादुरी दिखाई।” |
Concept: गद्य आकलन
निबंध लिखिए:
मोबाइल: श्राप या वरदान
Concept: निबंध लेखन
मुद्दों के आधार पर कहानी लेखन कीजिए:
एक हंस और एक कौए में मित्रता - हंस का कौए के साथ उड़ते जाना - कौए का दधिपात्र लेकर जाने वाले ग्वाले को देखना - ललचाना - कौए का दही खाने का आग्रह - हंस का इनकार - कौए का घसीटकर ले जाना - कौए का चोंच नचा - नचाकर दही खाना - हंस का बिलकुल न खाना - आहट पाकर कौए का उड़ जाना - हंस का पकड़ा जाना - परिणाम - शीर्षक।
Concept: उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
निम्नलिखित जानकारी के आधार पर पत्रलेखन कीजिए:
अनिकेत/अनिशा सोनावणे, गांधी मार्ग, सांगली से मा. व्यवस्थापक, मीरा स्पोर्ट्स, आझाद चौक, सातारा को क्रिकेट खेल सामग्री की माँग करने हेतु पत्र लिखता/लिखती है।
Concept: पत्रलेखन
निम्नलिखित जानकारी के आधार पर पत्रलेखन कीजिए:
राजेश/रजनी पाटील, 105 'स्वागत' नेताजी मार्ग, बीड से स्वच्छता का महत्त्व समझाते हुए अपने छोटे भाई को लिखता/लिखती है।
Concept: पत्रलेखन
निम्नलिखित विषय पर 60 से 70 शब्दों में निबंध लिखिए:
पाठ्यपुस्तक की आत्मकथा
Concept: निबंध लेखन
Concept: पत्रलेखन
निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर ऐसे चार प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर गद्यांश में एक-एक वाक्य में हों।
| महात्मा गाँधी ने पुस्तकों को व्यक्ति का सच्चा मित्र कहा है। पुस्तकों से अधिक आनंद और कहीं, किसी वस्तु में नहीं है। पुस्तकें ज्ञान का भंडार होती हैं। पुस्तकों में समाज पर प्रभाव डालने की अद्भुत क्षमता होती है। पुस्तक में ऐसी शक्ति होती है कि वह सोए देश में जागृति मंत्र फूँक दे, कमजोर मानव को बल दे, राजनेताओं पर अंकुश रखे। रूसो की पुस्तक फ्रांस में क्रांति का कारण बनी। लेनिन की पुस्तक रूस में मार्गदर्शक बनी तो गाँधी के विचार भारत को स्वतंत्र करा गए। इस प्रकार हम देखते हैं कि पुस्तकें पलभर में बादशाहत को पलटने की क्षमता रखती हैं। पुस्तकें लेखकों को अमर बना देती हैं। हम आज भी सूर, तुलसी, वाल्मीकि का नाम बहुत श्रद्धा से लेते हैं। पुस्तकें अकेलेपन की साथी भी हैं; क्योंकि ये अकेलेपन को भुलाए रहती हैं। |
Concept: गद्य आकलन
निम्नलिखित जानकारी के आधार पर विज्ञापन तैयार कीजिए:

Concept: विज्ञापन लेखन
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
|
चरित थे पूत, भुजा में शक्ति, नम्रता रही सदा संपन्न हृदय के गौरव में था गर्व, किसी को देख न सके विपन्न । हमारे संचय में था दान, अतिथि थे सदा हमारे देव वचन में सत्य, हृदय में तेज, प्रतिज्ञा में रहती थी टेव । वही है रक्त, वही है देश, वही साहस है, वैसा ज्ञान वही है शांति, वही है शक्ति, वही हम दिव्य आर्य संतान । जिएँ तो सदा इसी के लिए, यही अभिमान रहे यह हर्ष निछावर कर दें हम सर्वस्व, हमारा प्यारा भारतवर्ष । |
(1) उचित जोड़ियाँ मिलाकर लिखिए: (2)

| अ | आ | |
| (i) | ______ | ______ |
| (ii) | ______ | ______ |
| (iii) | ______ | ______ |
| (iv) | ______ | ______ |
(2) (i) उपसर्ग और प्रत्यय लगाकर नये शब्द लिखिए: (1)
| उपसर्गयुक्त | नम्र | प्रत्यययुक्त |
| ______ | ______ |
(ii) निम्न शब्दों के लिए पद्यांश में आए विलोमार्थी शब्द लिखिए: (1)
- अज्ञान ×
- दानव ×
(3) पद्यांश की प्रारंभिक चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
Concept: भारत महिमा
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर पद्य विश्लेषण कीजिए:
| मुद्दे | भारत महिमा |
| (1) रचनाकार का नाम | |
| (2) रचना की विधा | |
| (3) पसंद की पंक्तियाँ | |
| (4) पंक्तियाँ पसंद होने का कारण | |
| (5) रचना से प्राप्त संदेश/प्रेरणा |
Concept: भारत महिमा
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
|
किसी का हमने छीना नहीं, प्रकृति का रहा पालना यहीं |
- उत्तर लिखिए: [2]
वचन में संचय में भुजा में प्रतिज्ञा में ↓ ↓ ↓ ↓ ______ ______ ______ ______ -
- पद्यांश से विलोम शब्द की जोड़ी ढूढकर लिखिए: [1]
______ x ______ - निम्नलिखित शब्दों के वचन पहचानकर लिखिए: [1]
- भारत - ______
- भुजाएँ - ______
- पद्यांश से विलोम शब्द की जोड़ी ढूढकर लिखिए: [1]
- उपर्युक्त पद्यांश अंतिम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। [2]
Concept: भारत महिमा
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
|
दूसरे दिन रहमान सवेरे आठ-नौ बजे के करीब लक्ष्मी को इलाके से बाहर जहाँ नाला बहता हैं, जहाँ झाड़-झंखाड़ और कहीं दूब के कारण जमीन हरी नजर आती है, छोड़ आया ताकि वह घास इत्यादि खाकर अपना कुछ पेट भर ले। लेकिन माँ-बेटे को यह देखकर आश्चर्य हुआ कि लक्ष्मी एक-डेढ़ घंटे बाद ही घर के सामने खड़ी थी। उसके गले में रस्सी थी । एक व्यक्ति उसी रस्सी को हाथ में थामे कह रहा था- “यहगाय क्या आप लोगों की है?” रमजानी ने कहा, “हाँ।” “यह हमारी गाय का सब चारा खा गई है। इसे आप लोग बॉँधकर रखें नहीं तो काँजी हाउस में पहुँचा देंगे।” रमजानी चुप खड़ी आगंतुक की बातें सुनती रही। दोपहर बाद जब करामत अली ड्यूटी से लौटा और नहा-धोकर कुछ नाश्ते के लिए बैठा तो रमजानी उससे बोली- “मेरी मानो तो इसे बेच दो!” “फिर बेचने की बात करती हो...? कौन खरीदेगा इस बुढ़िया को।” |
(1) संजाल पूर्ण कीजिए। (2)

(2) केवल एक/दो शब्दों में उत्तर लिखिए: (2)
- करामत अली इस समय ड्यूटी से लौटा ______
- दूसरों की गाय का चारा खानेवाली ______
- रमजानी इसकी बातें सुनती रही ______
- लक्ष्मी को देखकर आश्चर्यचकित होने वाले ______
(3) (i) वचन परिवर्तन कीजिए: (1)
- इलाके -
- रस्सी -
(ii) लिंग परिवर्तन कीजिए: (1)
- बेटा -
- गाय -
(4) ‘जानवरों के प्रति हमदर्दी’ विषय पर अपने विचार लिखिए। (2)
Concept: लक्ष्मी
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
| नागर जी: | लिखने से पहले तो मैंने पढ़ना शुरू किया था। आरंभ में कवियों को ही अधिक पढ़ता था। सनेही जी, अयोध्यासिंह उपाध्याय की कविताएँ ज्यादा पढ़ीं। छापे का अक्षर मेरा पहला मित्र था। घर में दो पत्रिकाएँ मँगाते थे मेरे पितामह। एक 'सरस्वती' और दूसरी 'गृहलक्ष्मी'। उस समय हमारे सामने प्रेमचंद का साहित्य था, कौशिक का था। आरंभ में बंकिम के उपन्यास पढ़े। शरतचंद्र को बाद में। प्रभातकुमार मुखोपाध्याय का कहानी संग्रह 'देशी और विलायती' १९३० के आसपास पढ़ा। उपन्यासों में बंकिम के उपन्यास १९३० में ही पढ़ डाले। 'आनंदमठ', 'देवी चौधरानी' और एक राजस्थानी थीम पर लिखा हुआ उपन्यास, उसी समय पढ़ा था। |
| तिवारी जी: | क्या यही लेखक आपके लेखन के आदर्श रहे? |
| नागर जी: | नहीं, कोई आदर्श नहीं। केवल आनंद था पढ़ने का। सबसे पहले कविता फूटी साइमन कमीशन के बहिष्कार के समय १९२८-१९२९ में। लाठीचार्ज हुआ था। इस अनुभव से ही पहली कविता फूटी- 'कब लाैं कहाैं लाठी खाय!' इसे ही लेखन का आरंभ मानिए। |
1. नाम लिखिए: (2)

1. ______ 1. ______
2. ______ 2. ______
2. लिखिए: (2)
- लेखक का पहला मित्र – ______
- लेखक की पहली कविता – ______
3. गद्यांश से ढूँढ़कर लिखिए: (2)
- प्रत्यययुक्त शब्द:
i. ______
ii. ______ - ऐसे दो शब्द जिनका वचन परिवर्तन नहीं होता:
- ______
- ______
4. 'पढ़ोगे तो बढ़ोगे' विषय पर २५ ते ३० शब्दों में अपने विचार लिखिए। (2)
Concept: जब तक जिंदा रहूँ, लिखता रहूँ
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
| दर्द के मारे एक तो मरीज को वैसे ही नींद नहीं आती, यदि थोड़ी-बहुत आ भी जाए तो मिलने वाले जगा देते हैं- खास कर वे लोग जो सिर्फ औपचारिकता निभाने आते हैं। इन्हें मरीज से हमदर्दी नहीं होती, ये सिर्फ सूरत दिखाने जाते हैं। ऐसे में एक दिन मैंने तय किया कि आज कोई भी आए, मैं आँख नहीं खोलूँगा। चुपचाप पड़ा रहूँगा। ऑफिस के बड़े बाबू आए और मुझे सोया जानकर वापस जाने के बजाय वे सोचने लगे कि यदि मैंने उन्हें नहीं देखा तो कैसे पता चलेगा कि वे मिलने आए थे। अत: उन्होंने मुझे धीरे-धीरे हिलाना शुरू किया। फिर भी जब आँखें नहीं खुलीं तो उन्होंने मेरी टाँग के टूटे हिस्से को जोर से दबाया। मैंने दर्द के मारे कुछ चीखते हुए जब आँख खोली तो वे मुस्कराते हुए बोले- “कहिए, अब दर्द कैसा है?” मुहल्लेवाले अपनी फुरसत से आते हैं। उस दिन जब सोनाबाई अपने चार बच्चों के साथ आई तो मुझे लगा कि आज फिर कोई दुर्घटना होगी। आते ही उन्होंने मेरी ओर इशारा करते हुए बच्चों से कहा- “ये देखो चाचा जी !” उनका अंदाज कुछ ऐसा था जैसे चिड़ियाघर दिखाते हुए बच्चों से कहा जाता है- “ये देखो बंदर।” |
(1) लिखिए: (2)
औपचारिकता निभाने वालों की विशेषताएँ:
- ______
- ______
(2) आकृति में लिखिए: (2)

(3) (1) गद्यांश में प्रयुक्त शब्द-युग्म ढूँढ़कर लिखिए: (1)
- ______
- ______
(2) लिखिए: (1)

(4) ‘मरीज से मिलने जाते समय कौन-कौन-सी सावधानियाँ बरतनी चाहिए’, इस विषय पर अपने विचार लिखिए। (2)
Concept: वाह रे ! हमदर्द
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
|
टाँग से ज्यादा फिक्र मुझे उन लोगों की हुई जो हमदर्दी जताने मुझसे मिलने आएँगे। ये मिलने-जुलने वाले कई बार इतने अधिक आते हैं और कभी-कभी इतना परेशान करते हैं कि मरीज का आराम हराम हो जाता है, जिसकी मरीज को खास जरूरत होती है। जनरल वार्ड का तो एक नियम होता है कि आप मरीज को एक निश्चित समय पर आकर ही तकलीफ दे सकते हैं किंतु प्राइवेट वार्ड, यह तो एक खुला निमंत्रण है कि ‘‘हे मेर परिचितो, रिश्तेदारो, मित्रो ! आओ, जब जी चाहे आओ, चाहे जितनी देर रुको, समय का कोई बंधन नहीं। अपने सारे बदले लेने का यही वक्त है।’’ बदले का बदला और हमदर्दी की हमदर्दी। मिलने वालों का खयाल आते ही मुझे लगा मेरी दूसरी टाँग भी टूट गई। मुझसे मिलने के लिए सबसे पहले वे लोग आए जिनकी टाँग या कुछ और टूटने पर मैं कभी उनसे मिलने गया था, मानो वे इसी दिन का इंतजार कर रहे थे कि कब मेरी टाँग टूटे और कब वे अपना एहसान चुकाएँ। इनकी हमदर्दी में यह बात खास छिपी रहती है कि देख बेटा, वक्त सब पर आता है। दर्द के मारे एक तो मरीज को वैसे ही नींद नहीं आती, यदि थोड़ी-बहुत आ भी जाए तो मिलने वाले जगा देते हैं- खास कर वे लोग जो सिर्फ औपचारिकता निभाने आते हैं। |
(1) निम्नलिखित वाक्य पूर्ण कीजिए: [2]
- मरीज का आराम हराम तब हो जाता है जब ______
- जब मिलने वालों का खयाल लेखक को आता है तब ______
(2) उत्तर लिखिए: [2]
- हमदर्दी जताने वालों की फिक्र करने वाला -
- लेखक को परेशान करने वाले -
- मरीज को मिलने के संबंध में यहाँ समय का बंधन पाला जाता है -
- मरीज को इसके कारण नींद नहीं आती -
(3)
- गद्यांश में आई हुई एक समानार्थी शब्द की जोड़ी दूँढकर लिखिए। [1]
- गद्यांश में प्रयुक्त दो उर्दू शब्द ढँढकर लिखिए: [1]
- ___________
- ___________
(4) 'आराम हराम है' विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। [2]
Concept: वाह रे ! हमदर्द
