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निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
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मेरा जीवन एक खुली किताब रहा है। मेरे न कोई रहस्य हैं और न मैं रहस्यों को प्रश्रय देता हूँ। मैं पूरी तरह भला बनने के लिए संघर्षरत एक अदना-सा इनसान हूँ। मैं मन, वाणी और कर्म से पूरी तरह सच्चा और पूरी तरह अहिंसक बनने के लिए संघर्षरत हूँ। यह लक्ष्य सच्चा है, यह मैं जानता हूँ पर उसे पाने में बार-बार असफल हो जाता हॅूं। मैं मानता हूँ कि इस लक्ष्य तक पहुँचना कष्टकर है पर यह कष्ट मुझे निश्चित आनंद देने वाला लगता है। इस तक पहुँचने की प्रत्येक सीढ़ी मुझे अगली सीढ़ी तक पहुँचने के लिए शक्ति तथा सामर्थ्य देती है। जब मैं एक ओर अपनी लघुता और अपनी सीमाओं के बारे में सोचता हूँ और दूसरी ओर मुझसे लोगों की जो अपेक्षाएँ हो गई हैं, उनकी बात सोचता हूँ तो एक क्षण के लिए तो मैं स्तब्ध रह जाता हूँ। फिर यह समझकर प्रकृतिस्थ हो जाता हूँ कि ये अपेक्षाएँ मुझसे नहीं हैं। ये सत्य और अहिंसा के दो अमूल्य गुणों के मुझमें अवतरण हैं। यह अवतरण कितना ही अपूर्ण हो पर मुझमें अपेक्षाकृत अधिक द्रष्टव्य है। |
(1) कारण लिखिए: (2)
- लेखक का जीवन एक खुली किताब है -
- लेखक प्रकृतिस्थ हो जाते हैं -
(2) लिखिए : (2)
(i)

(ii)

(3) 'कथनी और करनी में समानता होनी चाहिए' विषय पर 30 से 40 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (3)
Concept: जानता हूँ मैं
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
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सुंदर सुभूमि भैया भारत के देसवा से जाहु-जाहु भैया रे बटोही हिंद देखी आउ |
(1) उपर्युक्त पद्यांश से ढूँढ़कर लिखिए: (2)
- देश - ______
- पर्वत - ______
- पक्षी - ______
- सुगंधी वृक्ष - ______
(2) ‘पर्यटन से होनेवाले लाभ’ इस विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (2)
Concept: बटोहिया
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
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रामनाम जपिब श्रवननि सुनिबौ। |
(1) आकृति पूर्ण कीजिए : (2)
(i)

(ii)

(2) निम्नलिखित शब्दों के लिए समानार्थी शब्द पट्यांश में से ढूँढ़कर लिखिए: (2)
- कानों से = ______
- लालच = ______
- न कहने योग्य = ______
- कागज = ______
(3) प्रथम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
Concept: अकथ कथ्यौ न जाइ
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर पद्य विश्लेषण कीजिए:
‘अकथ कथ्यौ न जाइ’
१. रचनाकार का नाम -
२. रचना की विधा -
३. पसंद की पंक्तियाँ -
४. पंक्तियाँ पसंद होने का कारण -
५. रचना से प्राप्त संदेश/प्रेरणा -
Concept: अकथ कथ्यौ न जाइ
निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
| शिवानी : | मेरे लिए यह कहना कठिन है कि मेरी कौन-सी रचना सर्वोत्तम है। जिस तरह किसी माँ के लिए उसके बच्चे समान रूप से प्रिय होते हैं, उसी प्रकार मुझे अपनी सभी कृतियाँ 'एक-सी प्रिय हैं। बैसे पाठकों ने अभी तक जिस कृति को सर्वाधिक सराहा है, वह है -' कृष्णकली '। फिर भी यदि आप प्रिय रचना कहकर मुझसे जानना चाहते हैं, तो मैं यात्रा 'वृत्तांत 'चरैवेति ' का नाम लूँगी। इसमें भारत से मास्को तक की यात्रा का विवरण है। मेरी प्रिय रचना यही है क्योंकि मैंने इसे अत्यधिक परिश्रम और ईमानदारी से लिखा है। |
| दुर्गा प्र. नौटियाल: | आपने किस अवस्था से लिखना शुरू किया? पहली रचना कब और कहाँ छपी थी? 'तब कैसा लगा था? और अब ढेर सारा छपने पर कैसा लग रहा है? |
(1) कृति पूर्ण कीजिए : (2)
(i)
|
शिवानी की प्रिय रचना |
______ |
| प्रिय होने का कारण | ______ |
(ii)

(2) 'मेरा परिवार' इस विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (2)
Concept: बातचीत
निम्नलिखित गदयांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए :
| दुर्गा प्र. नौटियालः | आपने अब तक काफी साहित्य रचा है। क्या आप इससे संतुष्ट हैं? |
| शिवानी: | जहाँ तक संतुष्ट होने का संबंध है, मैं समझती हूँ कि किसी को भी अपने लेखन से संतुष्ट नहीं होना चाहिए। मैं चाहती हूँ कि ऐसे लक्ष्य को सामने रखकर कुछ ऐसा लिखूँ कि जिस परिवेश को पाठक ने स्वयं भोगा है, उसे जीवंत कर दूँ। मुझे तब बहुत ही अच्छा लगता है जब कोई पाठक मुझे लिख भेजता है कि आपने अमुक-अमुक चरित्र का वास्तविक वर्णन किया है अथवा फलाँ-फलाँ चरित्र, लगता है, हमारे ही बीच है। लेकिन साथ ही मैं यह मानती हूँ कि लोकप्रिय होना न इतना आसान है और न ही उसे बनाए रखना आसान है। मैं गत पचास वर्षों से बराबर लिखती आ रही हूँ। पाठक मेरे लेखन को खूब सराह रहे हैं। मेरे असली आलोचक तो मेरे पाठक हैं, जिनसे मुझे प्रशंसा और स्नेह भरपूर मात्रा में मिलता रहा है। शायद यही कारण है कि मैं अब तक बराबर लिखती आई हूँ। |
- कृति पूर्ण कौजिए: (2)
- 'परिवेश का प्रभाव व्यक्तित्व पर होता है' विषय 25 से 30 शब्दों अपने विचार लिखिए। (2)
Concept: बातचीत
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर "चिंता" कविता का पद्य विश्लेषण कीजिए:
- रचनाकार का नाम
- रचना की विधा
- पसंदीदा पंक्ति
- पसंद होने का कारण
- रचना से प्राप्त संदेश/प्रेरणा
Concept: चिंता
निम्नलिखित वाक्य में उचित विरमचिन्ह लगाकर वाक्य फिर से लिखिए:
ऐसा लगता है पुत्तर आप कहीं काम करती हो
Concept: विरामचिह्न
कोष्ठक की सूचना के अनुसार निम्न वाक्य का काल परिवर्तन कीजिए।
आप इन दिनों फ्लाबेर के पत्र पढ़ रहे हैं। (पूर्ण भूतकाल)
Concept: काल और उनके प्रकार - उपप्रकार
निम्नलिखित गद्यांश में मात्राओं की गणना करके छंद के नाम लिखिए:
| भोजन करत बुलावत राजा। नहिं आवत तजि बाल समाजा। कौसल्या जब बोलन जाई। ठुमकु-ठुमकु प्रभु चलहि पराई।। |
- प्रथम चरण = ______ मात्राएँ
- द्वितीय चरण = ______ मात्राएँ
- तृतीय चरण = ______ मात्राएँ
- चतुर्थ चरण = ______ मात्राएँ
- छंद : ______
Concept: छंद और उनके प्रकार
कोष्ठक की सूचना के अनुसार निम्न वाक्य में अर्थ के आधार पर परिवर्तन कीजिए :
थोड़ी बातें हुईं। (निषेधार्थक वाक्य)
Concept: वाक्य के भेद
कोष्ठक की सूचना के अनुसार निम्न वाक्य में अर्थ के आधार पर परिवर्तन कीजिए :
थोड़ी बातें हुईं। (निषेधार्थक वाक्य)
Concept: वाक्य के भेद
रचना के आधार पर वाक्य के भेद पहचानकर कोष्ठक में लिखिए:
वह बूढ़ी काकी पर झपटी और उन्हें दोनों हाथों से झटककर बोली। [-------]
Concept: वाक्य के भेद
रचना के आधार पर वाक्य के भेद पहचानकर कोष्ठक में लिखिए:
वह बूढ़ी काकी पर झपटी और उन्हें दोनों हाथों से झटककर बोली। [-------]
Concept: वाक्य के भेद
निम्नलिखित अव्यय का अर्थपूर्ण वाक्य में प्रयोग कीजिए:
वाह!
Concept: शब्द भेद >> विस्मयादिबोधक अव्यय
निम्नलिखित अव्यय का अर्थपूर्ण वाक्य में प्रयोग कीजिए:
ओर
Concept: शब्द भेद >> अविकारी शब्द (अव्यय)
निम्नलिखित अव्यय का अर्थपूर्ण वाक्य में प्रयोग कीजिए:
किंतु
Concept: शब्द भेद >> अविकारी शब्द (अव्यय)
निम्नलिखित सामासिक शब्द का विग्रह करके समास का प्रकार लिखिए:
| शब्द | समास विग्रह | प्रकार |
| पीतांबर | ______ | ______ |
Concept: समास
निम्नलिखित अलंकार पहचानकर उसका प्रकार और उपप्रकार लिखिए:
| वाक्य | प्रकार | उपप्रकार |
| पायो जी मैंने राम रतन धन पायो | ______ | ______ |
Concept: अलंकार
निम्नलिखित मुहावरे का अर्थ लिखकर उसका उचित वाक्य में प्रयोग कीजिए:
दंग रह जाना
Concept: मुहावरे और कहावतें


