Advertisements
Advertisements
प्रश्न
यदि राजा के राज्य के सभी कारीगर अपने-अपने श्रम का उचित मूल्य प्राप्त कर रहे होते तब गवरइया के साथ उन कारीगरों का व्यवहार कैसा होता?
Advertisements
उत्तर
यदि राजा के राज्य के सभी कारीगर अपने-अपने श्रम का उचित मूल्य पाते तो वे राजा का काम पहले करते तथा उनका काम पूरा होने तक गवरइया के काम को हाथ न लगाते हाँ राजा का काम पूरा होने के बाद ही वे भले उसका काम करते अंन्यथा मना कर देते।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
नेहरू जी ने कहा कि - "मेरे ख्याल से हम सब के मन में अपनी मातृभूमि की अलग-अलग तसवीरें हैं और कोई दो आदमी बिलकुल एक जैसा नहीं सोच सकते" अब आप बताइए कि-
(क) आपके मन में अपनी मातृभूमि की कैसी तसवीर है?
(ख) अपने साथियों से चर्चा करके पता करो कि उनकी मातृभूमि की तसवीर कैसी है और आपकी और उनकी तसवीर (मातृभूमि की छवि) में क्या समानताएँ और भिन्नताएँ हैं।
"हमें आरंभ में ही एक ऐसी सभ्यता और संस्कृति की शुरूआत दिखाई पड़ती है जो तमाम परिवर्तनों के बावजूद आज भी बनी है।"
आज की भारतीय संस्कृति की ऐसी कौन-कौन सी बातें/चीज़ें हैं जो हज़ारों साल पहले से चली आ रही हैं? आपस में चर्चा करके पता लगाइए।
कौटिल्य के अर्थशास्त्र में अनेक विषयों की चर्चा है, जैसे, "व्यापार और वाणिज्य, कानून और न्यायालय, नगर-व्यवस्था, सामाजिक रीति-रिवाज, विवाह और तलाक, स्त्रियों के अधिकार, कर और लगान, कृषि, खानों और कारखानों को चलाना, दस्तकारी, मंडियाँ, बागवानी, उद्योग-धंधे, सिंचाई और जलमार्ग, जहाज़ और जहाज़रानी, निगमें, जन-गणना, मत्स्य-उद्योग, कसाई खाने, पासपोर्ट और जेल-सब शामिल हैं। इसमें विधवा विवाह को मान्यता दी गई है और विशेष परिस्थितियों में तलाक को भी।" वर्तमान में इन विषयों कि क्या स्थिति है? अपनी पसंद के किन्हीं दो-तीन विषयों पर लिखिए।
"अक्सर कहा जाता है कि भारत अंतर्विरोधों का देश है।" आपके विचार से भारत में किस-किस तरह के अंतर्विरोध हैं? कक्षा में समूह बनाकर चर्चा कीजिए।
(संकेत अमीरी-गरीबी, आधुनिकता-मध्ययुगीनता, सुविध-संपन्न-सुविधा विहीन आदि।)
सही शब्दों पर गोला बनाओ -
कामचोर, आलसी, मेहनती, भोला-भाला, मूर्ख, समझदार, गरीब, अमीर, कमज़ोर, लगन का पक्का
अब अपने उत्तर का कारण नीचे लिखो
मेरे विचार से गोमा ______ व्यक्ति था क्योंकि ______________________________________
पर्दे की आड़ में खड़े अन्य साथी मन-ही-मन राकेश की तुरतबुद्धि की प्रशंसा क्यों कर रहे थे?
"सोहन बना था शायर।"
तुम किसी गज़ल को किसी पुस्तक में पढ़ सकते हो या किसी व्यक्ति द्वारा गाते हुए सुन सकते हो। इसमें से तुम्हें जो भी पसंद हो उसे इकट्ठा करो। उसे तुम समुचित अवसर पर आवश्यकतानुसार गा भी सकते हो।
'दिन में एक बार हम नौका पर 'खुशी का घंटा' बिताते'
यदि तुम्हें स्कूल में 'खुशी का घंटा' बिताने का मौका मिले, तो तुम उस एक घंटे में कौन-कौन से काम करना चाहोगे?
वचन बदलो।
सिपाही ने राजू पर गोली चलाई।
सिपाहियों ने ______________
नीचे दिए गए वाक्य को सही शब्दों से पूरा करो।
कप में ______ सी चाय बची थी।
फ़िल्मों में दृश्यों के साथ गीत गाए जाते हैं। फिल्म के अतिरिक्त ऐसे बहुत से अवसर होते हैं जहाँ उसी के अनुकूल गीत भी गाए-बजाए जाते हैं। इस पाठ में भी 'पहली बार विश्व स्तर पर कहीं जन-गण-मन बजा' का उल्लेख हुआ है। तुम फ़िल्मों के कुछ मशहूर गीतों के बोलों की सूची बनाओ जो फ़िल्मों में दृश्यों के साथ तो गाए ही गए हों, जिन्हें विशेष अवसरों पर भी गाया बजाया जाता हो।
सभी मनुष्य एक ही प्रकार से देखते-सुनते हैं पर एकसमान विचार नहीं रखते। सभी अपनी-अपनी मनोवृत्तियों के अनुसार कार्य करते हैं। पाठ में आई कबीर की किस साखी से उपर्युक्त पंक्तियों के भाव मिलते हैं, एकसमान होने के लिए आवश्यक क्या है? लिखिए।
बोलचाल की क्षेत्रीय विशेषताओं के कारण शब्दों के उच्चारण में परिवर्तन होता है जैसे वाणी शब्द बानी बन जाता है। मन से मनवा, मनुवा आदि हो जाता है। उच्चारण के परिवर्तन से वर्तनी भी बदल जाती है। नीचे कुछ शब्द दिए जा रहे हैं उनका वह रूप लिखिए जिससे आपका परिचय हो। ग्यान, जीभि, पाउँ, तलि, आँखि, बरी।
टोपी बनवाने के लिए गवरइया किस-किसके पास गई? टोपी बनने तक के एक-एक कार्य को लिखें।
भरा-पूरा परिवार कैसे सुखद बन सकता है और कैसे दुखद? कामचोर कहानी के आधर पर निर्णय कीजिए।
''धुली-बेधुली बालटी लेकर आठ हाथ चार थनों पर पिल पड़े।'' धुली शब्द से पहले 'बे' लगाकर बेधुली बना है। जिसका अर्थ है 'बिना धुली' 'बे' एक उपसर्ग है। 'बे' उपसर्ग से बननेवाले कुछ और शब्द हैं-
बेतुका, बेईमान, बेघर, बेचैन, बेहोश आदि। आप भी नीचे लिखे उपसर्गों से बननेवाले शब्द खोजिए-
1. प्र ______
2. आ ______
3. भर ______
4. बद ______
शुरूआत में पुरुषों ने इस आंदोलन का विरोध किया परंतु आर. साइकिल्स के मालिक ने इसका समर्थन किया, क्यों?
अपने मन से इस पाठ का कोई दूसरा शीर्षक सुझाइए। अपने दिए हुए शीर्षक के पक्ष में तर्क दीजिए।
इस कहानी में अपने दो चीजों के बारे में मजेदार कहानियाँ पढ़ीं-अकबरी लोटे की कहानी और जहाँगीरी अंडे की कहानीआपके विचार से ये कहानियाँ सच्ची हैं या काल्पनिक?
भारतीय खाने की कुछ चीज़ें जैसे-चावल, सेवइयाँ, मिठाइयाँ यूरोप में अलग ढंग से खाई जाती हैं। क्या भारत में ये चीज़ें अलग-अलग ढंग/तरीकों से बनाई और खाई जाती हैं? पता करो और बताओ।
