हिंदी

वसूली खाता किसे कहते हैं? - Accountancy (लेखाशास्त्र)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

वसूली खाता किसे कहते हैं?

संक्षेप में उत्तर
Advertisements

उत्तर

जब फर्म का विघटन होता है तो फर्म की पुस्तकें बंद कर दी जाती है और परिसंपत्तियों की वसूली तथा दायित्वो के भुगतान के पश्चात होने वाली हानि या लाभ की गणना की जाती है, जिसके लिए वसूली खाता तैयार किया जाता है। इस खाते के माध्यम द्वारा परिसंपत्तियों से वसूली तथा दायित्वों के भुगतान के पश्चात निवल प्रभाव (लाभ या हानि) का निर्धारण करके साझेदारों के पूँजी खाते में उनके लाभ विभाजन अनुपात में हस्तांतरित किया जाता है इस कारणवश, सभी परिसंपत्तियाँ (हस्तस्थ रोकड़, बैंक शेष तथा काल्पनिक परिसंपत्तियों के अतिरिक्त यदि कोई हो) तथा सभी बाह्य दायित्वों को इस खाते में हस्तांतरित किया जाता है।

वसूली खाते का प्रारूप -

नाम वसूली खाता जमा

विवरण

राशि
(रु.)

विवरण

राशि
(रु.)
अमूर्त संपत्ति xx बैंक ऋण xx
भूमि व भवन xx विविध लेनदार xx
संयंत्र व यंत्र xx देय विपत्र xx
फ़र्नीचर व फिटिंगस xx बैंक अधिविकर्ष xx
अन्य पक्षों को ऋण xx बकाया व्यय xx
प्राप्त विपत्र xx संदिग्ध ऋणों के लिए प्रावधान xx
विविध देनदार xx रोकड़/बैंक (परिसंपत्तियों का विक्रय) xx
रोकड़/बैंक (दायित्वों का भुगतान) xx साझेदारों पूँजी खाते
(साझेदार द्वारा ली गई परिसंपत्ति)
xx
रोकड़/बैंक
(गैर-अभिलिखित दायित्वों
का भुगतान)
xx

हानि (साझेदारों के पूँजी
खाते में हस्तांतरण)

xx
साझेदारों के पूँजी खाते (साझेदार द्वारा
दायित्व का भुगतान)
xx निवेश बढ़ -घट निधि xx
विनियोग xx    
लाभ (साझेदारों के पूँजी खातों में
लाभ विभाजन अनुपात में हस्तांतरण)
xx    
योग xxx योग xxx
shaalaa.com
लेखांकर व्यवहार
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?

संबंधित प्रश्न

लेखा व्यवहार कीजिए:

गैर-अभिलेखित परिसंपत्तियाँ


वसूली खाते का प्रारूप बनाइए।


निम्न स्थिति में आवश्यक रोजनामचा प्रविष्टि दें;

(अ) 85,000 रूपये के लेनदारों ने 40,000 रूपये रोकड़ और 43,000 रुपये के विनियोग का अपने दावे का पूर्ण भुगतान स्वीकार किया।

(ब) लेनदार 16,000 रुपये के हैं। वे 18,000 रूपये मूल्य की मशीनरी को अपने दावे का भुगतान स्वीकार करते हैं।

(स) लेनदार 90,000 रूपये के हैं। वे 1,20,000 रूपये के भवन तथा 30,000 रूपये के रोकड़ को फर्म का भुगतान स्वीकार करते हैं।


एक पुराने कंप्यूटर को पिछले वर्ष के लेखा पुस्तकों में अपलिखित किया गया। एक साझेदार नितिन द्वारा उसी को 3,000 रुपये में लिया गया। यह मानते हुए कि फर्म का विघटन हो चुका है, उपरोक्त के संबंध में रोजनामचा प्रविष्टियाँ कीजिए।


निम्न परिस्थितियों में आप रशिम और बिंदु के वसूली व्ययों का किस प्रकार लेखा व्यवहार करेंगे:

1. वसूली व्यय की राशि 1,00,000 रुपये।

2. वसूली व्यय की राशि 30,000 रुपये का भुगतान साझेदार रशिम ने किया।

3. विघटन प्रक्रिया को पूर्ण करने के लिए रशिम ने वसूली व्यय का वहन किया जिसके लिए पारितोषिक 70,000 रूपये दिया गया। रशिम द्वारा वास्तविक व्यय 120000 रूपये किया गया।


1,00,000 रुपये की परिसंपत्तियों का हस्तांतरण (रोकड़ और बैंक के अतिरिक्त) वसूली खाते में किया गया। परिसंपत्तियों को 50% साझेदार अतुल द्वारा 20% छूट पर ले लिया। शेष परिसंपत्तियों में से 40% को, लागत पर 30% लाभ पर विक्रय किया गया। शेष का 5% बेकार हो गया, कुछ वसूली नहीं हुई और बाकी परिसंपत्तियाँ एक लेनदार को उसके दावे का पूर्ण भुगतान के लिए दी गई।
परिसंपत्तियों से वसूली की रोजनामचा प्रविष्टि का अभिलेखन करें।


पारस और प्रिया की पुस्तकों में निम्न गैर-अभिलेखित परिसंपत्तियों और दायित्वों की आवश्यक रोजनामचा प्रविष्ट का अभिलेखन करें:

  1. एक पुराने फ़र्नीचर को फर्म में पूर्ण रूप से अपलिखित किया गया। यह फ़र्नीचर 3,000 रूपये में बेचा गया।
  2. आशीष जो कि एक पुराना ग्राहक है जिसका खाता 1,000 रूपये से पिछले वर्ष के डूबत ऋण के तौर पर अपलिखित किया गया, ने 6% का भुगतान किया।
  3. पारस फर्म की ख्याति को लेता है (जिसका लेखा पुस्तकों में नहीं है) जिसे 3,000 रूपये पर मूल्यांकित किया गया।
  4. एक पुरानी टंकण मशीन (टाइपराइटर) जो कि पूर्ण रूप से लेखा पुस्तकों में अपलिखित किया गया। इसका अनुमानित वसूली मूल्य 400 रुपये था। इसको प्रिया के द्वारा अनुमानित मूल्य से 25% छूट पर लिया गया।
  5. 100 शेयर, 10 रूपये प्रत्येक को स्टार लिमिटेड ने 2,000 रूपये की कीमत पर अधिगृहित किया था, जिसको लेखा पुस्तकों में पूर्ण रूप से अपलिखित किया गया। इन अंशों का मूल्यांकन 6 रूपये प्रत्येक किया तथा साझेदारों के मध्य उनके लाभ विभाजन अनुपात में बाँटा गया।

सभी साझेदारों ने फर्म के विघटन की इच्छा व्यक्त की। यासिन एक साझेदार 2,00,000 रुपये के ऋण को साझेदारों के पूँजी भुगतान से पहले भुगतान चाहता है। लेकिन अमर, एक अन्य साझेदार पूँजी का भुगतान, यासिन के ऋण के भुगतान से पहले चाहता है। कारण बताते हुए उनके बीच उपाय का सुझाव दें।


समस्त दायित्वों को वसूली खाते में हस्तांतरित करने तथा विर्भिन्न परिसंपत्तियों ( रोकड़ के अतिरिक्त ) तीसरे पक्ष को किसी फर्म के विघटन पर निम्न लेनदेनों के संबंध में क्या रोज़नामचा प्रविष्टियाँ की जाएँगी।

  1. आरती ने 80,000 रुपये के मूल्य का स्टॉक 68,000 रुपये में लिया।
  2. 40.000 रुपये की गैर-अभिलेखित मोटर साइकिल जो कि करीम द्वारा ली गई।
  3. फर्म ने कर्मचारियों को 40,000 रुपये की क्षतिपूर्ति का भुगतान किया।
  4. विभिन्न दायित्व को जो कि 36,000 रुपये के थे, को 15% छूट पर भुगतान किया गया।
  5. वसूली पर हानि 42,000 रुपये को आरती और करीम के मध्य 3 : 4 के अनुपात में विभाजन किया जाऐगा।

रोज़ और लिली का लाभ विभाजन अनुपात 2 : 3 है। 31 मार्च, 2017 को उनका तुलन पत्र निम्न है :

दायित्व राशि (रु.) परिसंपत्तियाँ   राशि (रु.)
लेनदार 40,000 रोकड़   16,000

लिली से ऋण

32,000 देनदार 80,000 76,400

लाभ व हानि

50,000 घटाया: संदिग्ध ऋण
के लिए प्रावधान
3,600

पूँजी:

  स्टॉक 1,09,600  
लिली 1,60,000

प्राप्य विपत्र

40,000  
रोज 2,40,000 भवन 2,80,000  
  5,22,000     5,22,000

रोज़ और लिली इस तिथ को फर्म के विघटन का निर्णय करते हैं। परिसंपत्तियों (प्राप्य विपत्र को छोड़कर) से वसूली 4,84,000 रुपये लेने के लिए सहमत है। लेनदार 38.000 रू. पर सहमत है। वसूली की लागत 2,400 रूपये। फर्म में मोटर साईकल है जिसको फर्म के रुपयों से लिया गया लेकिन फर्म की पुस्तकों में नहीं दर्शाया गया। इसका विक्रय 10,000 रुपये में किया गया। बकाया बिजली बिल के संबंध में संभावित दायित्व 5,000 रुपये हैं। प्राप्य विपत्र रोज़ ने 33,000 रुपये में ले लिया।

वसूली खाता, साझेदारों के पूँजी खाते, ऋण खाता और रोकड़ खाता तैयार करें।


रीटा, गीता और आशीष फर्म में साझेदार हैं, उनका लाभ/हानि विभाजन अनुपात 3: 2: 1 है। 31 मार्च, 2017 को उनका तुलन पत्र इस प्रकार है:

31 मार्च, 2017 को रीटा, गीता और आशीष का तुलन पत्र

दायित्व  

राशि (रू.)

परिसंपत्तियाँ राशि (रू.)
पूँजी:     रोकड़ 22,500
रीटा 80,000 1,60,000 देनदार 52,300
गीता 50,000 स्टॉक 36,000
आशीष 30,000 विनियोग 69,000
लेनदार   65,000 संयंत्र 91,200
देय विपत्र   26,000    

सामान्य संचय

  20,000    
    2,71,000   2,71,000

ऊपर दी गई तिथि को फर्म का विघटन हो गया।

1. रीटा को परिसंपत्तियों की वसूली के लिए नियुक्त किया गया। रीटा को परिसंपत्तियों की वसूली के लिए 5% कमीशन (रोकड़ के अतिरिक्त) मिलेगा और वह सारे वसूली व्यय करेगी।

2. परिसंपत्तियों से वसूली निम्न है:

देनदार 30,000 रू
स्टॉक 26,000 रू
संयंत्र 42,750 रू

3. विनियोग से पुस्तक मूल्य के 85% की वसूली हुई।

4. वसूली व्यय की राशि 4,100 रुपये है।

5. फर्म ने बकाया वेतन 7,200 रूपये का भुगतान किया जिसका प्रावधान पहले नहीं किया गया था।

6. एक विपत्र बैंक से छूट के संबंध में आकस्मिक दायित्व है जिसका भुगतान 9800 रूपये किया गया। वसूली खाता, साझेदारों के पूँजी खाते, रोकड़ खाता तैयार करें।


आशू और हरीश साझेदार हैं। वे अपना लाभ और हानि 3 : 2 में विभाजित करते हैं। 31 मार्च, 2017 को फर्म के विघटन का निर्णय लिया गया। इस तिथ को फर्म का तुलन पत्र इस प्रकार है:

31 मार्च, 2017 को आश्रा और हरीश का तुलन पत्र

दायित्व

 

राशि (रु.) परिसंपन्तियाँ राशि (रु.)
पूँजी:     भवन 80,000
आशू 1,08,000 1,62,000 मशीनरी 70,000
हरीश 54,000 फर्नीचर 14,000
लेनदार   88,000 स्टोक 20,000

बैक अधिविकर्ष

  50,000 विनियोग 60,000
      देनदार 48,000
     

हस्तस्थ रोकड़

8,000
    3,00,000   3,00,000

आशू ने भवन को 95,000 रुपये में और हरीश ने मशीनरी और फर्नीचर को 80,000 रुपये के मूल्य पर लिया। आशू लेनदारों का भुगतान करने के लिए सहमत हुआ और हरीश ने बैंक अधिविकर्ष का भुगतान किया। स्टॉक और विनियोग को दोनों साझेदारों ने लाभ विभाजन अनुपात में ले लिया। देनदारों से 46,000 रुपये वसूली हुई। वसूली व्ययों की राशि 3,000 रुपये हैं। आवश्यक बही खाता तैयार करें।


31 मार्च, 2017 को गृप्ता और शर्मा का तलन पत्र निम्न है:

31 मार्च, 2017 को गुप्ता और शर्मा का तुलन पत्र
दायित्व  

राशि (रू.)

परिसंपत्तियाँ

राशि (रू.)
विविध लेनदार   38,000

बैंक में रोकड़

12,500

श्रीमती गुप्ता से ऋण

   

विविध देनदार

55,000

श्रीमती शर्मा से ऋण

    स्टॉक 44,000
सामान्य संचय    

प्राप्य विपत्र

19,000

डूबत ऋण के
लिए प्रावधान

    मशीनरी 52,000

पूँजी:

    विनियोग 38,500

गुप्ता

90,000 1,50,000 फिक्सचर्स 27,000
शर्मा 60,000    
    2,48,000   2,48,000

31 मार्च, 2017 को फर्म का विघटन हो गया और परिसंपत्तियों से वसूली व दायित्वों का भुगतान निम्न है:

(अ) परिसंपत्तियों से वसूली:

विविध देनदार 

52,000
स्टॉक 42,000
प्राप्य विपत्र 16,000
मशीनरी 49,000
फिक्सचर 20,000

(ब) गुप्ता द्वारा विनियोग 36,000 रुपये के स्वीकृत मूल्य पर लिए गए और वह श्रीमती गुप्ता के ऋण का भुगतान करने के लिए सहमत है।

(स) विविध लेनदारों को 3% छूट पर भुगतान किया गया।

(द) वसूली व्यय 120 रुपये किए गए।

विघटन पर रोज़नामचा प्रविष्टि करें और वसूली खाता, बैंक खाता और साझेदारों के पूँजी खाते तैयार करें।


तनु और मनु का तुलन पत्र निम्न है जो कि अपना लाभ व हानि 5: 3 के अनुपात में विभाजित करते हैं:

31 मार्च, 2020 को तनु और मनु का तुलन पत्र

दायित्व  

राशि (रु.)

परिसंपन्तियाँ राशि (रु.)

विविध लेनदार

  62,000

बैंक में रोकड़

16,000
देय विपत्र   32,000

विविध लेनदार

55,000

बैंक ऋण

  50,000 स्टॉक 75,000

संचय कोष

  16,000

मोटर कार

90,000
पूँजी:     मशीनरी 45,000
तनु  1,10,000 2,00,000 विनियोग 70,000
मनु 90,000 फ़िक्सचर्स 9,000
    3,60,000   3,60,000

इस तिथि को फर्म का विघटन हो गया और निम्न समझौता हुआ:

तनु ने विविध देनदार लिए और बैंक ऋण का भुगतान करने के लिए सहमत हुई। विविध लेनदारों ने स्टॉक स्वीकार किया और फर्म को 10,000 रूपये का भुगतान किया। मनु ने मशीनरी को 40,000 रूपये में लिया और देय विपत्र का 5% छूट पर भुगतान के लिए सहमत हुआ। मोटर कार को तनु ने 60,000 रुपये में लिया। विनियोग से 76,000 रूपये व फिक्सचर्स से 4,000 रुपये वसूल हुए। वसूली व्यय की राशि 2,200 रुपये हैं। वसूली खाता, बैंक खाता व साझेदारों के पूँजी खाते तैयार करें।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×