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प्रश्न
1,00,000 रुपये की परिसंपत्तियों का हस्तांतरण (रोकड़ और बैंक के अतिरिक्त) वसूली खाते में किया गया। परिसंपत्तियों को 50% साझेदार अतुल द्वारा 20% छूट पर ले लिया। शेष परिसंपत्तियों में से 40% को, लागत पर 30% लाभ पर विक्रय किया गया। शेष का 5% बेकार हो गया, कुछ वसूली नहीं हुई और बाकी परिसंपत्तियाँ एक लेनदार को उसके दावे का पूर्ण भुगतान के लिए दी गई।
परिसंपत्तियों से वसूली की रोजनामचा प्रविष्टि का अभिलेखन करें।
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उत्तर
| रोजनामचा प्रविष्टि | ||||
| दिनांक | विवरण | रो.पृ.सं. | नाम (रु.) | जमा (रु.) |
| 1. | वसूली खाता ...नाम | 1,00,000 | ||
| विविध संपत्ति खाता | 1,00,000 | |||
| (नकद और बैंक के अलावा अन्य संपत्तियां वसूली खाते में हस्तांतरित) |
||||
| 2. | अतुल का पूँजी खाता ...नाम | 40,000 | ||
| वसूली खाता | 40,000 | |||
| (अतुल ने 1,00,000 रुपये की संपत्ति का 50% और 20% छूट पर लिया) `[1,00,000 × (50/100) × (80/100)]` |
||||
| 3. | बैंक खाता ...नाम | 26,000 | ||
| वसूली खाता | 26,000 | |||
| (20,000 रुपये की संपत्ति, यानी 50,000 रुपये की संपत्ति का 40% और 30% के लाभ पर बेचा जाता है) `[50,000 × (40/100) × (130/100)]` |
||||
| 4. | पूर्ण निपटान में लेनदारों को दी गई संपत्ति और संपत्ति के अप्रचलन के लिए कोई प्रविष्टि नहीं की जाती है क्योंकि ये पहले से ही वसूली खाते में स्थानांतरित और समायोजित हैं) |
|||
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लेखा व्यवहार कीजिए:
गैर-अभिलेखित परिसंपत्तियाँ
लेखा व्यवहार कीजिए:
गैर-अभिलेखित दायित्व
वसूली खाता किसे कहते हैं?
वसूली खाते का प्रारूप बनाइए।
वसूली व्यय से संबंधित निम्न व्यवहारों का रोज़नामचा बनाइएः
(अ) वसूली व्यय की राशि 2,500 रूपये।
(ब) वसूली व्यय की राशि 3,000 रुपये का भुगतान अशोक द्वारा जो कि एक साझेदार है।
(स) वसूली व्यय 2,300 रूपये तरुण द्वारा व्यक्तिगत तौर पर किए गए।
(द) साझेदार अमित को परिसंपत्तियों की वसूली के लिए 4000 रूपये में नियुक्त किया गया। वास्तविक वसूली व्यय की राशि 3000 रूपये है।
निम्न स्थिति में आवश्यक रोजनामचा प्रविष्टि दें;
(अ) 85,000 रूपये के लेनदारों ने 40,000 रूपये रोकड़ और 43,000 रुपये के विनियोग का अपने दावे का पूर्ण भुगतान स्वीकार किया।
(ब) लेनदार 16,000 रुपये के हैं। वे 18,000 रूपये मूल्य की मशीनरी को अपने दावे का भुगतान स्वीकार करते हैं।
(स) लेनदार 90,000 रूपये के हैं। वे 1,20,000 रूपये के भवन तथा 30,000 रूपये के रोकड़ को फर्म का भुगतान स्वीकार करते हैं।
एक पुराने कंप्यूटर को पिछले वर्ष के लेखा पुस्तकों में अपलिखित किया गया। एक साझेदार नितिन द्वारा उसी को 3,000 रुपये में लिया गया। यह मानते हुए कि फर्म का विघटन हो चुका है, उपरोक्त के संबंध में रोजनामचा प्रविष्टियाँ कीजिए।
निम्न परिस्थितियों में आप रशिम और बिंदु के वसूली व्ययों का किस प्रकार लेखा व्यवहार करेंगे:
1. वसूली व्यय की राशि 1,00,000 रुपये।
2. वसूली व्यय की राशि 30,000 रुपये का भुगतान साझेदार रशिम ने किया।
3. विघटन प्रक्रिया को पूर्ण करने के लिए रशिम ने वसूली व्यय का वहन किया जिसके लिए पारितोषिक 70,000 रूपये दिया गया। रशिम द्वारा वास्तविक व्यय 120000 रूपये किया गया।
पारस और प्रिया की पुस्तकों में निम्न गैर-अभिलेखित परिसंपत्तियों और दायित्वों की आवश्यक रोजनामचा प्रविष्ट का अभिलेखन करें:
- एक पुराने फ़र्नीचर को फर्म में पूर्ण रूप से अपलिखित किया गया। यह फ़र्नीचर 3,000 रूपये में बेचा गया।
- आशीष जो कि एक पुराना ग्राहक है जिसका खाता 1,000 रूपये से पिछले वर्ष के डूबत ऋण के तौर पर अपलिखित किया गया, ने 6% का भुगतान किया।
- पारस फर्म की ख्याति को लेता है (जिसका लेखा पुस्तकों में नहीं है) जिसे 3,000 रूपये पर मूल्यांकित किया गया।
- एक पुरानी टंकण मशीन (टाइपराइटर) जो कि पूर्ण रूप से लेखा पुस्तकों में अपलिखित किया गया। इसका अनुमानित वसूली मूल्य 400 रुपये था। इसको प्रिया के द्वारा अनुमानित मूल्य से 25% छूट पर लिया गया।
- 100 शेयर, 10 रूपये प्रत्येक को स्टार लिमिटेड ने 2,000 रूपये की कीमत पर अधिगृहित किया था, जिसको लेखा पुस्तकों में पूर्ण रूप से अपलिखित किया गया। इन अंशों का मूल्यांकन 6 रूपये प्रत्येक किया तथा साझेदारों के मध्य उनके लाभ विभाजन अनुपात में बाँटा गया।
सभी साझेदारों ने फर्म के विघटन की इच्छा व्यक्त की। यासिन एक साझेदार 2,00,000 रुपये के ऋण को साझेदारों के पूँजी भुगतान से पहले भुगतान चाहता है। लेकिन अमर, एक अन्य साझेदार पूँजी का भुगतान, यासिन के ऋण के भुगतान से पहले चाहता है। कारण बताते हुए उनके बीच उपाय का सुझाव दें।
समस्त दायित्वों को वसूली खाते में हस्तांतरित करने तथा विर्भिन्न परिसंपत्तियों ( रोकड़ के अतिरिक्त ) तीसरे पक्ष को किसी फर्म के विघटन पर निम्न लेनदेनों के संबंध में क्या रोज़नामचा प्रविष्टियाँ की जाएँगी।
- आरती ने 80,000 रुपये के मूल्य का स्टॉक 68,000 रुपये में लिया।
- 40.000 रुपये की गैर-अभिलेखित मोटर साइकिल जो कि करीम द्वारा ली गई।
- फर्म ने कर्मचारियों को 40,000 रुपये की क्षतिपूर्ति का भुगतान किया।
- विभिन्न दायित्व को जो कि 36,000 रुपये के थे, को 15% छूट पर भुगतान किया गया।
- वसूली पर हानि 42,000 रुपये को आरती और करीम के मध्य 3 : 4 के अनुपात में विभाजन किया जाऐगा।
शिल्पा, मीना और नंदा ने 31 मार्च, 2020 को फर्म के विघटन का निर्णय लिया। इनका लाभ विभाजन अनुपात 3: 2: 1 है और उनका तुलन पत्र इस प्रकार है:
|
31 मार्च, 2020 को शिल्पा, मीना और नंदा का तुलन पत्र |
|||
| दायित्व |
राशि (रु.) |
परिसंपन्तियाँ | राशि (रु.) |
| पूँजी: | भूमि | 81,000 | |
| शिल्पा | 80,000 | स्टॉक | 56,760 |
| मीना | 40,000 | देनदार | 18,600 |
|
बैंक ऋण |
20,000 |
नंदा की पूँजी |
23,000 |
| लेनदार | 37,000 | रोकड़ | 10,840 |
|
संदिग्ध ऋण के लिए प्रावधान |
1,200 | ||
|
सामान्य संचय |
12,000 | ||
| 1,90,200 | 1,90,200 | ||
शिल्पा ने 41,660 रुपये मूल्य का स्टॉक 35,000 रुपये में ले लिया और बैंक ऋण का भुगतान करने को सहमत हुई। शेष स्टॉक का विक्रय 14,000 रुपये में किया गया और 10,000 रुपये के देनदारों से 8,000 रुपये वसूली हुई । भूमि का विक्रय 1,10,000 रुपये में किया। शेष देनदारों से पुस्तक मूल्य की 50% वसूली हुई। वसूली की लागत राशि 1,200 रुपये है। 6,000 रुपये मूल्य की एक टंकण मशीन पुस्तकों में गैर-अभिलेखित है, को एक लेनदार ने इसी मूल्य पर ले लिया। वसूली खाता तैयार करें।
31 मार्च, 2017 को गृप्ता और शर्मा का तलन पत्र निम्न है:
| 31 मार्च, 2017 को गुप्ता और शर्मा का तुलन पत्र | ||||
| दायित्व |
राशि (रू.) |
परिसंपत्तियाँ |
राशि (रू.) | |
| विविध लेनदार | 38,000 |
बैंक में रोकड़ |
12,500 | |
|
श्रीमती गुप्ता से ऋण |
विविध देनदार |
55,000 | ||
|
श्रीमती शर्मा से ऋण |
स्टॉक | 44,000 | ||
| सामान्य संचय |
प्राप्य विपत्र |
19,000 | ||
|
डूबत ऋण के |
मशीनरी | 52,000 | ||
|
पूँजी: |
विनियोग | 38,500 | ||
|
गुप्ता |
90,000 | 1,50,000 | फिक्सचर्स | 27,000 |
| शर्मा | 60,000 | |||
| 2,48,000 | 2,48,000 | |||
31 मार्च, 2017 को फर्म का विघटन हो गया और परिसंपत्तियों से वसूली व दायित्वों का भुगतान निम्न है:
(अ) परिसंपत्तियों से वसूली:
|
विविध देनदार |
52,000 |
| स्टॉक | 42,000 |
| प्राप्य विपत्र | 16,000 |
| मशीनरी | 49,000 |
| फिक्सचर | 20,000 |
(ब) गुप्ता द्वारा विनियोग 36,000 रुपये के स्वीकृत मूल्य पर लिए गए और वह श्रीमती गुप्ता के ऋण का भुगतान करने के लिए सहमत है।
(स) विविध लेनदारों को 3% छूट पर भुगतान किया गया।
(द) वसूली व्यय 120 रुपये किए गए।
विघटन पर रोज़नामचा प्रविष्टि करें और वसूली खाता, बैंक खाता और साझेदारों के पूँजी खाते तैयार करें।
तनु और मनु का तुलन पत्र निम्न है जो कि अपना लाभ व हानि 5: 3 के अनुपात में विभाजित करते हैं:
|
31 मार्च, 2020 को तनु और मनु का तुलन पत्र |
||||
| दायित्व |
राशि (रु.) |
परिसंपन्तियाँ | राशि (रु.) | |
|
विविध लेनदार |
62,000 |
बैंक में रोकड़ |
16,000 | |
| देय विपत्र | 32,000 |
विविध लेनदार |
55,000 | |
|
बैंक ऋण |
50,000 | स्टॉक | 75,000 | |
|
संचय कोष |
16,000 |
मोटर कार |
90,000 | |
| पूँजी: | मशीनरी | 45,000 | ||
| तनु | 1,10,000 | 2,00,000 | विनियोग | 70,000 |
| मनु | 90,000 | फ़िक्सचर्स | 9,000 | |
| 3,60,000 | 3,60,000 | |||
इस तिथि को फर्म का विघटन हो गया और निम्न समझौता हुआ:
तनु ने विविध देनदार लिए और बैंक ऋण का भुगतान करने के लिए सहमत हुई। विविध लेनदारों ने स्टॉक स्वीकार किया और फर्म को 10,000 रूपये का भुगतान किया। मनु ने मशीनरी को 40,000 रूपये में लिया और देय विपत्र का 5% छूट पर भुगतान के लिए सहमत हुआ। मोटर कार को तनु ने 60,000 रुपये में लिया। विनियोग से 76,000 रूपये व फिक्सचर्स से 4,000 रुपये वसूल हुए। वसूली व्यय की राशि 2,200 रुपये हैं। वसूली खाता, बैंक खाता व साझेदारों के पूँजी खाते तैयार करें।
