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प्रश्न
वह चाँद सबसे खतरनाक क्यों होता है, जो हर हत्याकांड के बाद/आपकी आँखों को मिर्चों की तरह नहीं गड़ता है?
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उत्तर
यहाँ ‘चाँद’ आस्था व विश्वास का पर्याय है। यह आस्था व विश्वास हर हत्याकांड के बाद व्यक्तियों को शांति का भाषण देती है। इसके कारण धर्म, जाति, संप्रदाय के नाम पर दंगा करने वाले शक्तिशाली बने रहते हैं। आम आदमी इन आस्थाओं, विश्वासों पर तर्क करे, तो समाज ठीक हो जाए, परंतु ऐसा नहीं होता।
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