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प्रश्न
उस उत्सर्जन संक्रमण के तरंग-दैर्घ्य की गणना कीजिए, जो 1.3225 nm त्रिज्या वाले कक्ष से आरंभ और 211.6 pm पर समाप्त होता है। इस संक्रमण की श्रेणी का नाम और स्पेक्ट्रम का क्षेत्र भी बताइए।
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उत्तर
मानते हुए कि निहित प्रतिदर्श एक H परमाणु है, nth कक्ष की त्रिज्या
rn = 0.529 n2 Å = 52.9 n2 pm
माना कि संक्रमण में निहित कक्षक n1 एवं n2 हैं।
∴ rn1 = 1.3225 nm = 1322.5 pm = 52.9 `"n"_1^2`
या n1 = `[1322.5/52.9]^(1/2)` = 5
rn2 = 211.6 pm = 52.9 `"n"_2^2`
n2 = `[211.6/52.9]^(1/2)` = 2
अत: n1 = 5 तथा n2 = 2 अर्थात् संक्रमण पाँचवें कक्षक से दूसरे कक्षक में होता है। यह संक्रमण बामर श्रेणी से संबंधित है। इस संक्रमण की तरंग-संख्या `(bar"v")`
`bar"v" = 1.09679 xx 10^7 [1/5^2 - 1/2^2] "m"^-1` ......[∴ R = 1.09675 × 107 m−1]
= `1.09679 xx 10^7 xx 21/100 "m"^-1`
= 2.303 × 106 m−1
∴ संक्रमण की तरंग-दैर्घ्य = `1/bar"v"`
= `1/(2.303 xx 10^6)`
= 4.34 × 10−7 m
= 434 nm
यह रेखा दृश्य क्षेत्र में रहेगी।
