हिंदी

उभयदंतुर लिगन्ड का दो उदाहरण दीजिए।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

उभयदंतुर लिगन्ड का दो उदाहरण दीजिए।

रासायनिक समीकरण/संरचनाएँ
Advertisements

उत्तर

  1. \[\ce{NO^-2}\]
  2. SCN−
shaalaa.com
उपसहसंयोजन यौगिकों से संबंधित कुछ प्रमुख पारिभाषिक शब्द व उनकी परिभाषाएं
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 5: उपसहसंयोजन यौगिक - अभ्यास [पृष्ठ १४२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Rasayan Bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12
अध्याय 5 उपसहसंयोजन यौगिक
अभ्यास | Q 5.4 3. b | पृष्ठ १४२

संबंधित प्रश्न

K[Co(CO)4] में कोबाल्ट (Co) की ऑक्सीकरण संख्या है –


निम्नलिखित में सर्वाधिक स्थायी संकुल है –


0.1 mol CoCl3 (NH3)5 की AgNO3 के आधिक्य से अभिक्रिया कराने पर AgCl के 0.2 mol प्राप्त होते हैं। विलयन की चालकता ______ के समकक्ष होगी।


कीलेशन द्वारा उपसहसंयोजन यौगिकों का स्थायित्व कीलेट प्रभाव कहलाता है। निम्नलिखित में से कौन-सी संकुल स्पीशीज़ सर्वाधिक स्थायी है?


निम्नलिखित में से कौन-से संकुल होमोलेप्टिक हैं?

(i) [Co(NH3)6]3+

(ii) [Co(NH3)4Cl2]+

(iii) [Ni(CN)4]2–

(iv) [Ni(NH3)4Cl2]


एथेन-1, 2-डाइऐमीन के लिगंड की तरह व्यवहार के संबंध में सही कथन हैं-

(i) यह उदासीन लिगंड है।

(ii) यह द्विदंतुर लिगंड है।

(iii) यह कीलेटी लिगंड है।

(iv) यह एकदंतुर लिगंड है।


अभिकथन: आविषी धातु आयन कीलेटी लिगंडों द्वारा निष्काषित किए जाते हैं।

तर्क: कीलेट संकुलों की प्रवृत्ति अधिक स्थायी होने की होती है।


दो उदाहरण देते हुए निम्नलिखित को समझाइए।

होमोलेप्टिक


एकदंतुर लिगन्ड का दो उदाहरण दीजिए।


द्विदंतुर लिगन्ड से क्या तात्पर्य है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×