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प्रश्न
एथेन-1, 2-डाइऐमीन के लिगंड की तरह व्यवहार के संबंध में सही कथन हैं-
(i) यह उदासीन लिगंड है।
(ii) यह द्विदंतुर लिगंड है।
(iii) यह कीलेटी लिगंड है।
(iv) यह एकदंतुर लिगंड है।
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उत्तर
(i) यह उदासीन लिगंड है।
(ii) यह द्विदंतुर लिगंड है।
(iii) यह कीलेटी लिगंड है।
स्पष्टीकरण:
एथेन-1, 2-डाइऐमीन लिगंड के रूप में व्यवहार करता है। यह प्रकृति में बिडेंटेट है। इसके अलावा यह एक झंझरीदार लिगन्ड है क्योंकि इसमें धातु के परमाणु के साथ एक से अधिक बंधन होते हैं।
इसे संरचनात्मक रूप से दर्शाया जाता है:
\[\ce{-NH2-CH2CH2-NH2-}\]
\[\begin{array}{cc}
\phantom{.}\ce{NH2-CH2}\\
/\phantom{...........}\\
\ce{-M}\phantom{................}\\
\backslash\phantom{..........}\\
\phantom{..}\ce{NH2-CH2}
\end{array}\]
APPEARS IN
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एकदंतुर लिगन्ड से क्या तात्पर्य है?
निम्न संकुल में केंद्रीय धातु आयन की ऑक्सीकरण अवस्था, d-कक्षकों का अधिग्रहण एवं उपसहसंयोजन संख्या बतलाइए –
(NH4)2[CoF4]
K[Co(CO)4] में कोबाल्ट (Co) की ऑक्सीकरण संख्या है –
0.1 mol CoCl3 (NH3)5 की AgNO3 के आधिक्य से अभिक्रिया कराने पर AgCl के 0.2 mol प्राप्त होते हैं। विलयन की चालकता ______ के समकक्ष होगी।
1 mol CrCl3⋅6H2O की AgNO3 के आधिक्य से अभिक्रिया कराने पर AgCl के 3 mol प्राप्त हुए। संकुल का सूत्र है ______।
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