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उभदंती नाभिकरागी क्या होते हैं? एक उदाहरण की सहायता से समझाइए।

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प्रश्न

उभदंती नाभिकरागी क्या होते हैं? एक उदाहरण की सहायता से समझाइए।

रासायनिक समीकरण/संरचनाएँ
स्पष्ट कीजिए
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उत्तर

उभदंती नाभिकरागी ऐल्किल हैलाइड्स पर दो विभिन्न परमाणुओं के माध्यम से आक्रमण करते हैं। ऐसा आयन में अनुनाद संरचनाओं (resonance structures) के कारण दो नाभिकरागी केंद्रों की उपस्थिति के कारण होता है। उदाहरण के लिए, NO2 आयन में N पर स्थित इलेक्ट्रॉनों की अकेली जोड़ी उसे नाभिकरागी बनाती है, जबकि ऑक्सीजन का नकारात्मक आवेश नाभिकरागी के रूप में कार्य करता है। इस प्रकार, NO2 ऑक्सीजन या नाइट्रोजन परमाणुओं पर आक्रमण कर सकता है, जिससे यह उभदंती बनता है।

\[\ce{RX + Ag - O - N = O -> \underset{{नाइट्रोऐल्केन}}{R - NO2}}\]

\[\ce{RX + KNO2 -> \underset{{ऐल्किल नाइट्रेट}}{R - O - N = O}}\]

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रासायनिक अभिक्रियाएँ - हैलोएल्केनों की अभिक्रियाएँ - नाभिकरागी प्रतिस्थापन अभिक्रियाएँ
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अध्याय 6: हैलाेऐक्लेन तथा हैलाेऐरिन - अभ्यास [पृष्ठ १९४]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Rasayan bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12
अध्याय 6 हैलाेऐक्लेन तथा हैलाेऐरिन
अभ्यास | Q 6.8 | पृष्ठ १९४

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