हिंदी

टुन्नू का गायन सुनकर खोजवाँ वालों की सोच और दुलारी के व्यवहार में क्या अंतर आया?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

टुन्नू का गायन सुनकर खोजवाँ वालों की सोच और दुलारी के व्यवहार में क्या अंतर आया?

टिप्पणी लिखिए
Advertisements

उत्तर

खोजवाँ बाजार में आयोजित कजली दंगल में जब साधारण गाना हो गया तो सवाल-जवाब के लिए दुक्कड़ की आवाज़ सुनाई दी। उधर विपक्ष से एक युवा गायक गौनहारिनों में सबसे आगे खड़ी दुलारी की ओर हाथ उठाकर ललकार उठा. “रनियाँ लऽ परमेसरी लोट!” मधुर कंठ से निकले इस गीत को सुनकर खोजवाँ वालों ने सोचा कि अब उनकी विजय तय नहीं है। उधर तनिक-सी बात में नाराज़ हो जाने वाली दुलारी टुन्नू का गीत सुनकर अपने स्वभाव के विपरीत मुसकरा रही थी और मुग्ध होकर गीत सुन रही थी।

shaalaa.com
एही ठैयाँ झुलनी हैरानी हो रामा!
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?

संबंधित प्रश्न

कठोर ह्रदयी समझी जाने वाली दुलारी टुन्नू की मृत्यु पर क्यों विचलित हो उठी?


कजली दंगल जैसी गतिविधियों का आयोजन क्यों हुआ करता होगा? कुछ और परंपरागत लोक आयोजनों का उल्लेख कीजिए।


दुलारी विशिष्ट कहे जाने वाले सामाजिक−सांस्कृतिक दायरे से बाहर है फिर भी अति विशिष्ट है। इस कथन को ध्यान में रखते हुए दुलारी की चारित्रिक विशेषताएँ लिखिए।


दुलारी का टुन्नू को यह कहना कहाँ तक उचित था - "तैं सरबउला बोल ज़िन्दगी में कब देखने लोट?...!"दुलारी से इस आपेक्ष में आज के युवा वर्ग के लिए क्या संदेश छिपा है? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।


भारत के स्वीधनता आंदोलन में दुलारी और टुन्नू ने अपना योगदान किस प्रकार दिया?


दुलारी और टुन्नू के प्रेम के पीछे उनका कलाकार मन और उनकी कला थी? यह प्रेम दुलारी को देश प्रेम तक कैसे पहुँचाता है?


जलाए जाने वाले विदेशी वस्त्रों के ढेर में अधिकाशं वस्त्र फटे−पुराने थे परंतु दुलारी द्वारा विदेशी मिलों में बनी कोरी साड़ियों का फेंका जाना उसकी किस मानसिकता को दर्शाता है?


'एही ठैयाँ झुलनी हेरानी हो रामा! का प्रतीकार्थ समझाइए।


अपने दरवाजे पर टुन्नू को खड़ा देख दुलारी ने क्या प्रतिक्रिया प्रकट की और क्यों?


दुलारी का उपेक्षापूर्ण व्यवहार देखकर टुन्नू चला गया पर इसके बाद दुलारी के मनोभावों में क्या-क्या बदलाव आए?


खोजवाँ वालों ने अपनी ओर से कजली दंगल में किसे खड़ा किया था और क्यों?


कजली दंगल की मजलिस बदमज़ा क्यों हो गई?


होली के दिन देश के दीवाने अपनी होली किस तरह मनाना चाहते थे? उनके इस कार्य में दुलारी ने किस तरह सहयोग किया?


विदेशी वस्त्रों का बहिष्कार करने का आह्वान करने वाला दल क्या देखकर चकित रह गया?

अथवा

दुलारी ने विदेशी वस्त्रों के बहिष्कार का नाटक नहीं किया बल्कि सच्चे मन से सहयोग दिया, स्पष्ट कीजिए।


टुन्नू जैसा साधारण-सा युवक भी देश की स्वाधीनता में अपना योगदान देकर मातृभूमि का ऋण चुकाता है। टुन्नू के चरित्र से आप किन-किन जीवन मूल्यों को अपनाना चाहेंगे?


दुलारी का चरित्र समाज के उपेक्षित उस वर्ग का सच्चा प्रतिनिधित्व करता है जो देश की आज़ादी में अपने ढंग से अपना योगदान देता है। इस कथन के आलोक में स्पष्ट कीजिए कि दुलारी के चरित्र से आप किन-किन मूल्यों को अपनाना चाहेंगे?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×