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तुमने देखा कैसे बच्चे अलग-अलग पुलों की मदद से उबड़-खाबड़ रास्ते और नदियों को पार करके स्कूल पहुँचते हैं।

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प्रश्न

तुमने देखा कैसे बच्चे अलग-अलग पुलों की मदद से उबड़-खाबड़ रास्ते और नदियों को पार करके स्कूल पहुँचते हैं।

एक पंक्ति में उत्तर
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उत्तर

हाँ, मैंने देखा कि कैसे बच्चे अलग-अलग पुलों की मदद से उबड़-खाबड़ रास्ते और नदियों को पार करके स्कूल पहुँचते हैं।

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चलो, चलें स्कूल!
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अध्याय 1: चलो, चलें स्कूल! - करके देखो [पृष्ठ ३]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Environmental Studies - Looking Around [Hindi] Class 4
अध्याय 1 चलो, चलें स्कूल!
करके देखो | Q 4.3 | पृष्ठ ३

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जूते या चप्पल पहन कर पुल पर चलना ज़्यादा आसान होगा या नंगे पैर? क्यों?


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  1. क्या दोनों चित्रों में अंतर बता सकते हो?
  2. इन दोनों में से किस तरह से खींचना आसान होगा – पुली (घिरनी) के साथ या बिना पुली के?

तुम भी चरखी या खाली धागे की रील से पुली बनाकर कुछ सामान उठाने की कोशिश करो।


उस पुल का चित्र कॉपी में बनाओ। पुल पर चलती ट्रेन, गाड़ियाँ, जानवर और लोग दिखाना मत भूलना।


क्या तुम भी कभी उँट-गाड़ी या ताँगे पर बैठे हो? कहाँ? खुद चढ़े थे या किसी ने बिठाया था?


क्या तुम्हारे यहाँ भी बैलगाड़ियाँ होती हैं?


क्या तुम बता सकते हो, इसे ‘जुगाड़’ क्यों कहते हैं?


जुगाड़ पुराने बचे सामान के इस्तेमाल से बनता है। तुम भी कुछ चीजों के जुगाड़ से कोई नई चीज बनाओ।


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