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तुम्हें क्या लगता है, रश्मि पूरे दिन में एक ही रोटी क्यों खाती होगी?

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प्रश्न

तुम्हें क्या लगता है, रश्मि पूरे दिन में एक ही रोटी क्यों खाती होगी?

एक पंक्ति में उत्तर
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उत्तर

रश्मि बहुत ही गरीब परिवार से थी इसलिए वह पूर दिन में एक रोटी से अधिक नहीं खा पाती थी।

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चखने से पचने तक
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अध्याय 3: चखने से पचने तक - चर्चा करो [पृष्ठ ३३]

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एनसीईआरटी Paryavaran Adhyyan Aas-Paas [Hindi] Class 5
अध्याय 3 चखने से पचने तक
चर्चा करो | Q 1 | पृष्ठ ३३

संबंधित प्रश्न

अलग-अलग स्वाद की कुछ चीज़ें इकट्ठी करो और अपने साथी के साथ झूलन और झुम्पा की तरह खेल खेलो। अपने साथी को चीज़ें चखाओ और पूछो - 

तुम्हें जीभ के कौन-से हिस्से में कौन-सा स्वाद ज़्यादा पता चला? अपने अनुभव के आधार पर चित्र में लिखो।


जीभ के अगले हिस्से को किसी साफ़ कपड़े से पोंछो ताकि वह सूखी हो जाए। अब वहाँ चीनी के कुछ दाने या शक्कर रखो। क्या कुछ स्वाद आया? सोचो, ऐसा क्यों हुआ होगा।


चबाकर या चबा-चबाकर खाओ - दोनों में अंतर बताओ।

सब मिलकर कक्षा में यह गतिविधि करो। ब्रेड या रोटी का टुकड़ा या पके हुए चावल लो।

  • पहले रोटी का टुकड़ा या कुछ चावल मुँह में डालो और तीन-चार बार चबाकर निगल जाओ।
  • क्या चबाने से स्वाद में बदलाव आया?
  • अब रोटी का टुकड़ा या कुछ चावल मुँह में डालो और 30-32 बार चबाओ।
  • क्या देर तक चबाने से स्वाद में बदलाव आया?

स्वाद बताने के लिए कुछ शब्द ढूँढ़ो और खुद से सोचकर बनाओ।

कुछ चीज़ों चखने के बाद झुम्पा बोली 'सी-सी-सी'।

सोचो, उसने क्या खाया होगा?


तुम्हें याद होगा कि तुमने चौथी कक्षा में नमक-चीनी का घोल बनाया था। नीतू के पिताजी ने भी उसे यही घोल दिया। सोचो, उल्टी-दस्त होने पर यह घोल क्यों देते होंगे?


क्या तुमने कभी 'ग्लूकोज़' शब्द सुना है या लिखा हुआ देखा है? कहाँ?


क्या तुम्हें या तुम्हारे घर में कभी किसी को ग्लूकोज़ चढ़ाया गया है? कब और क्यों? उसके बारे में अपने साथियों को बताओ।


नीतू की टीचर उसे हॉकी खेलते समय बीच-बीच में ग्लूकोज़ पीने को कहती हैं। सोचो, वह खेल के दौरान ग्लूकोज़ क्यों पीती होगी?


चित्र देखकर बताओ, नीतू को ग्लूकोज़ कैसे चढ़ाया गया?

 


अगर ऐसा कहा जाए - 'हमारा मुँह ही पचाना शुरू कर देता है' - तो तुम कैसे समझाओगे? लिखो।


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