Advertisements
Advertisements
प्रश्न
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
राक्षसेभ्यः जनकस्य सुतां हत्वा पुरीं ययौ। (लङ्लकारे परिवर्तयत।)
Advertisements
उत्तर
राक्षसेभ्यः जनकस्य सुतां हत्वा पुरीम् अयात्।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
सङ्ख्याः अक्षरैः/अङ्कंः लिखत ।
षट्सप्ततिः - ______
सूचनानुसारं कृतीः कुरुत ।
अहं वाणिज्यशाखायाः स्नातकः।
(वाक्य बहुवचने परिवर्तयत ।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
त्वं पादान्स्तब्धीकृत्य तिष्ठ । (‘त्वं’ स्थाने ‘भवान्’ योजयत ।)
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| चरणविकल: | ______ | _____ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| पुस्तकपठनम् | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| सूक्ष्मकणाः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| नीरजम् | ______ | ______ |
नामतालिकां पूरयत
| ए. व. | द्विव | ब.व. | विभक्तिः |
| सवितरम् | ______ | ______ | द्वितीया |
धातु-तालिकां पूरयत।
| लकारा: | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| लड् | ..... | ..... | अभवन् | प्रथमः |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत
सीता वनस्पतिगतं गृधं ददर्श (लङ्-लकारे परिवर्तयत ।)
प्रश्ननिर्माणं कुरुत
माता आर्याम्बा पुत्रस्य विवाहविषये सदैव चिन्तयति स्म।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत
नक्राद् मुक्तः शङ्करः मातुः चरणी प्राणमत् ।
सपासविग्रहं कुरुत ।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| सपरिवारम् | ______ | ______ |
सपासविग्रहं कुरुत ।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| पाषाणखण्डा : | ______ | ______ |
सपासविग्रहं कुरुत ।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| चरमबिन्दुः | ______ | ______ |
सपासविग्रहं कुरुत ।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| अनिच्छा | ______ | ______ |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
______ नमः । (‘वैद्यराज’ शब्दस्य योग्यं रूपं लिखत)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
अहम् अध्ययने यत्नं करोमि । (वाक्यं विधिलिङ्लकारे परिवर्तयत ।)
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ / शानच् |
| आ + रुह्- रोह् (१ प.प.) | ______ | आरूढवान् | ______ | आरोहन् |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ / शानच् |
| लिख् (२ प. प.) | लिखितः | ______ | लेखितव्यः | ______ |
उचितं पर्यायं चित्वा वाक्यं पुनर्लिखत ।
एते सर्वेऽपि ______ सहभागिनः ।
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| यमराजसहोदरः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| पन्नगभूषण: | ______ | ______ |
नामतालिकां पूरयत ।
| एव् | द्विव | बव | विभक्तिः |
| ______ | ______ | अम्बूनि | प्रथमा |
सर्वनामतालिकां पूरयत ।
| एव् | द्विव | बव | विभक्तिः |
| ______ | ______ | काभ्यः | चतुर्थीं |
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
चतुरशीतिः
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
१६
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
८०
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
१२
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
२२ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
८२ - ______
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
नव
सङ्ख्या अक्षरै: लिखत।
१८
सङ्ख्या: अङ्कैः लिखत।
एकोनसप्ततिः -
सङ्ख्या: अङ्कै: लिखत।
एकत्रिंशत - ______
मञ्जूषात: नामानि सर्वनामानि च पृथक्कुरुत।
| नाम | सर्वनाम |
| ______ | ______ |
(मञ्जूषा - अरण्ये, वयम्, नदी, ता:, रथै:)
मञ्जूषात: क्रियापदानि धातुसाधित-विशेषणानि च पृथक्कुरुत।
| क्रियापदम् | धातुसाधित विशेषणम् |
| ______ | ______ |
(मञ्जूषा - आनयति, हत:, अगच्छत्, कर्तव्यम्, भवेत्)
मञ्जूषातः समानार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
कुसुमम् = ______।
मञ्जूषातः विरुदार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
लघुः × ______।
