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स्पष्ट कीजिए कि क्यों : लान मूवर को धकेलने की तुलना में खींचना आसान होता है। - Physics (भौतिक विज्ञान)

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प्रश्न

स्पष्ट कीजिए कि क्यों :

लान मूवर को धकेलने की तुलना में खींचना आसान होता है।

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

मान लीजिए कि चित्र (a) के अनुसार एक लान मूवर को धकेलकर ले जाया जा रहा है। इसके लिए हम मूवर के हत्थे के अनुदिश एक बल `"x"vec"F"` लगाते हैं, जो क्षैतिज से नीचे की ओर θ कोण (माना) पर कार्य करता है। मूवर पर कार्यरत अन्य बल, उसका भार Mg, भूमि की अभिलम्ब प्रतिक्रिया N तथा पश्चमुखी घर्षण बल ƒ1 है।
∵ ऊध्र्वाधर दिशा में कोई गति नहीं है।
अतः इस दिशा में नेट बल शून्य होगा।

∴ `"N" - "Mg" -"F" "sin"  theta = 0`

अथवा N = Mg + F sin θ      ...(1)

         

                      (a)                                                    (b)

यदि लान मूवर को चित्र (b) के अनुसार खींचकर ले जाएँ तो इसके लिए मूवर के हत्थे के अनुदिश बल `vec"F"` क्षैतिज से ऊपर की ओर कोण θ (माना) पर लगाया गया है।

पुनः चूँकि ऊर्ध्वाधर दिशा में कोई गति नहीं है; अतः

N + F sin θ - Mg = 0

अथवा N = Mg - F sin θ        ... (2)

समीकरण (1) व (2) से स्पष्ट है कि मूवर को खींचते समये अभिलम्ब प्रतिक्रिया उसे धकेलते समय अभिलम्ब प्रतिक्रिया से कम है। चूंकि सीमान्त घर्षण बल अभिलम्ब प्रतिक्रिया के अनुक्रमानुपाती होता है; अतः मूवर को खींचते समय अपेक्षाकृत कम घर्षण बल लगेगा।

इससे स्पष्ट है कि मूवर को खींचकर ले जाना धकेलकर ले जाने की तुलना में आसान होता है।

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किसी कण की साम्यावस्था
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अध्याय 4: गति के नियम - अभ्यास [पृष्ठ ७१]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Bhautiki bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 11
अध्याय 4 गति के नियम
अभ्यास | Q 4.23 (c) | पृष्ठ ७१
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