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प्रश्न
समासविग्रहाणां समासनामभि: सह मेलनं कुरुत।
| समासविग्रह: | समासनाम |
| रामस्य अभिषेकः। | इतेतर् द्वन्द्व:। |
| न शक्यम्। | कर्मधारयः। |
| मृगः च शृगाल: च। | षष्ठी तत्पुरुष:। |
| सद्गुणा: एव सत्ति:। | अव्ययीभाव:। |
| महान् भागः यस्य स:। | नञ्-तत्पुरुष:। |
| क्रमम् अनुसृत्य। | बहुव्रीहिः। |
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उत्तर
| समासविग्रह: | समासनाम |
| रामस्य अभिषेकः। | षष्ठी तत्पुरुष:। |
| न शक्यम्। | नञ्-तत्पुरुष:। |
| मृगः च शृगाल: च। | इतेतर् द्वन्द्व:। |
| सद्गुणा: एव सत्ति:। | कर्मधारयः। |
| महान् भागः यस्य स:। | बहुव्रीहिः। |
| क्रमम् अनुसृत्य। | अव्ययीभाव:। |
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प्रदत्तपदानां विग्रहं कृत्वा समासनाम लिखत-
| समस्तपदम् | विग्र: | नाम |
| सप्तर्षिः | ______ | ______ |
प्रदत्तपदानां विग्रहं कृत्वा समासनाम लिखत-
| समस्तपदम् | विग्र: | नाम |
| चतुर्भुर्जम् | ______ | _____ |
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| समस्तपदम् | विग्र: | नाम |
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| विग्र: | समस्तपदम् | नाम |
| न पेयम् | ______ | ______ |
प्रदत्तपदानां समासं कृत्वा समासनाम लिखत-
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| धर्मः च अर्थः च | ______ | ______ |
प्रदत्तपदानां समासं कृत्वा समासनाम लिखत-
| विग्र: | समस्तपदम् | नाम |
| मातुः गृहे | ______ | ______ |
प्रदत्त-तालिकायां समस्तपदं विग्रहं वा लिखत-
| क्रमः | समस्तपदम् | विग्रहः |
| 1. | निर्मलम् |
______ |
| 2. | ____________ | एकम् एकम् इति |
| 3. | ____________ | दोषाणाम् अभाव: |
| 4. | सव्यवधानम् | ____________ |
| 5. | निरर्थकम् | ____________ |
| 6. | ____________ | चिन्तायाः अभाव: |
| 7. | स्नेहेन सहितम् | ____________ |
| 8. | ____________ | समयम् अनतिक्रम्य |
| 9. | ____________ | गङ्गायाः समीपम् |
| 10. | सहर्षम् | ___________ |
अधोलिखित-तालिकायाम् समस्तपदं विग्रह वा लिख्यन्ताम्-
| क्रमः | समस्तपदानि | विग्रहः |
| 1. | __________ | सप्तानाम् अह्रां समाहारः |
| 2. | पञ्चानां पात्राणां समाहारः | __________ |
| 3. | __________ | त्रयाणां भुवनानां समाहारः |
| 4. | पञ्चरात्रम् | __________ |
| 5. | अष्टाध्यायी | __________ |
अधोलिखिततालिकायां समस्तपदेभ्यः विग्रह विग्रहेभ्यः च समस्तपदानि लिख्यन्ताम्-
| क्रमः | समस्तपदम् | विग्रहः |
| 1. | अग्निसोमो | ___________ |
| 2. | पाणिपादम् | ___________ |
| 3. | ___________ | साता च रामः च |
| 4. | इन्द्रः च वरुणः च | ___________ |
| 5. | ___________ | रमा च शारदा च |
| 6. | ___________ | धर्मः च अर्थः च कामः च मोक्षः च |
| 7. | लतापुष्पम् | ___________ |
| 8. | ___________ | मूषकः च मार्जारः च |
| 9. | अहोरात्रम् | ___________ |
| 10. | ___________ | सुखं च दुःखम् च |
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत
| समस्तपदम | विग्रहः | समासनाम |
| निद्रमग्नः | ______ | सप्तमी - तत्पुरुषः |
समाससविग्रहमणां समासनामाभिः सह मेलनं करुत
| समासविग्रहः | समासनाम | ||
| (1) | विविधानि बीजानि | (अ) | नञ्-तत्पुरुषः। |
| (2) | दिने दिने | (आ) | बहुब्रीहिः। |
| (3) | लगुडं हस्ते यस्य सः | (इ) | कर्मधारयः। |
| (4) | न इच्छा | (ई) | इतरेतर द्वन्द्व :। |
| (5) | चिन्ताया मग्ना | (उ) | अव्ययीभाव:। |
| (6) | कवयः च पण्डिताः च | (ऊ) | सप्तमी-तत्परुषः। |
समासविग्रहं कुरुत।

धनधान्यानि।
समासविग्रहं कुरुत।

शुकसारिकाः।
समासविग्रहं कुरुत।

सस्यपूर्णम्।
समासविग्रहं कुरुत।

हस्तपादम्।
उदाहरणै: रेखाचित्रं पूरयत।

षष्ठीतत्पुरुष समासस्य समस्तपदम् अन्विष्य तत्परितः वर्तुलम् आलिखत।

- क्षेत्रस्य पतिः।
- जलस्य व्यवस्थापनम्।
- राज्ञः धर्मः।
- पुस्तकस्य पठनम्।
- भ्रमणस्य समयः।
- क्रियायाः सिद्धिः।
तालिकां पूरयत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| चिन्ताकुल: | ______ | तृतीया-तत्पुरुषः। |
तालिकां पूरयत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| ______ | चोरलुण्ठकेभ्यः भयम्। | पञ्चमी-तत्पुरुषः। |
तालिकां पूरयत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| ______ | चरणाभ्यां विकलः। | तृतीया-तत्पुरुषः। |
कृति: – समस्तपदान् अन्विष्य वर्तुलम् आलिखत।

- क्षुद्रा बुद्धिः यस्य सः।
- विशालौ बाहू यस्य सः।
- एकः दन्तः यस्य सः।
- लब्धा शिक्षा येन सः।
- ईश्वरे निष्ठा यस्य सः।
- भाले चन्द्रः यस्य सः।
- पद्मं हस्ते यस्याः सा।
- गजस्य आननम् एव आननं यस्य सः।
- विमलम् अम्बु यस्मिन् तत्।
- महान् उदयः यस्य सः।
समासविग्रहवाक्यानां समासनामभिः मेलनं कुरुत।
| विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| पुस्तकपठने मग्नः | षष्ठी-तत्पुरुषः |
| विद्यया विहीनः | चतुर्थी-तत्पुरुषः |
| पूजायै इदम् | सप्तमी-तत्पुरुषः |
| परागस्य कणाः | तृतीया-तत्पुरुषः |
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत।
| समस्तपदम | विग्रहः | समासनाम |
| ........... | परमः अणुः | कर्मधारयः। |
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| मातृसेवा | मातुः सेवा। | ........ |
अधोलिखितवाक्यम् रेखाङ्कितपद समासं विग्रहं वा प्रदत्तविकल्पेभ्य: चित्वा लिखत।
कुशलवौ सभां प्रविशत:।
अधोलिखितवाक्यम् रेखाङ्कितपद समासं विग्रहं वा प्रदत्तविकल्पेभ्य: चित्वा लिखत।
सव्यवधानं न चारित्रलोपाय।
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रह: | समासनाम |
| ______ | जलं ददाति इति। | उपपद-तत्पुरुष:। |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| व्याघ्रभल्लूकौ | ______ | इतरेतर द्वन्द्व:। |
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रह: | समासनाम |
| पन्नगभूषण: | ______। | बहुव्रीहि:। |
