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प्रश्न
अधोलिखितवाक्यम् रेखाङ्कितपद समासं विग्रहं वा प्रदत्तविकल्पेभ्य: चित्वा लिखत।
दीन पुत्रे माता कृपया आर्द्रं हृदयं यस्या: सा भवेत्।
विकल्प
कृपार्द्रहृदया
कृपयार्द्रहृदया
कृपहृदयार्द्रा
कृपाद्राहृदया
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उत्तर
कृपार्द्रहृदया
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संबंधित प्रश्न
प्रदत्तपदानां विग्रहं कृत्वा समासनाम लिखत-
| समस्तपदम् | विग्र: | नाम |
| विभवहीनाः | ______ | ____ |
प्रदत्तपदानां विग्रहं कृत्वा समासनाम लिखत-
| समस्तपदम् | विग्र: | नाम |
| खगोत्तमः | ______ | ______ |
प्रदत्तपदानां विग्रहं कृत्वा समासनाम लिखत-
| विग्र: | समस्तपदम् | नाम |
| सप्तानां पदानां समाहारः | ______ | ______ |
| विग्र: | समस्तपदम् | नाम |
| लाभः च अलाभः च | ______ | ______ |
समस्तपदं विग्रह वा लिखत-
| क्रमः | समस्तपदम् | विग्रहः |
| 1. | _________ | महान् वृक्षः |
| 2. | पुरुषव्याघ्रः | _________ |
| 3. | _________ | महत् कम्पनम् |
| 4. | महाविनाशः | _________ |
| 5. | _________ | रक्तम् उत्पलम् |
| 6. | पीतपुष्पाणि | _________ |
| 7. | _________ | घन इव श्यामः |
| 8. | महोत्सवः | _________ |
| 9. | _________ | विशालः पर्वतः |
| 10. | महागौरी | _________ |
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत ।
| समस्तपदम | विग्रहः | समासनाम |
| अनावश्यकम | ______ | नञ्-तत्पुरुषः |
समासविग्रहं कुरुत

मृगशृगालौ - ______
उदाहरणै: रेखाचित्रं पूरयत समाहारद्वन्द्वः
षष्ठी तत्पुरुष समासस्य समस्तपदम् अन्विष्य तत्परितः वर्तुलम् आलिखत।

- क्षेत्रस्य पतिः।
- जलस्य व्यवस्थापनम्।
- राज्ञः धर्मः।
- पुस्तकस्य पठनम्।
- भ्रमणस्य समयः।
- क्रियायाः सिद्धिः।
तालिकां पूरयत
| सामासिकपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| विदेशगमनम् | ______ | द्वितीया तत्पुरुषः। |
तालिकां पूरयत
| सामासिकपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| पुस्तकपठनमग्नः | ______ | सप्तमी- तत्पुरुषः । |
तालिकां पूरयत
| सामासिकपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| ______ | चरणाभ्यां विकलः | सप्तमी- तत्पुरुषः । |
समासविग्रहवाक्यानां समासनामभिः मेलनं कुरुत ।
| विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| चिन्तया आकुलः | पञ्चमी -तत्पुरुषः |
| प्रजाहिते दक्षः | द्वितीया ततयरुषः |
| चोरलुण्ठकेभ्यः भयम् | सप्तमी -तत्पुरुषः |
| विदेशं गमनम् | तृतीया-तत्मुरुष |
समासविग्रहवाक्यानां समासनामभिः मेलनं कुरुत ।
| विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| पुस्तकपठने मग्नः | षष्ठी तत्पुरुषः |
| विद्यया विहीनः | चतुर्थी तत्पुरुषः |
| पूजाये इदम् | सप्तमी - तत्पुरुषः |
| परागस्य कणा : | तृतीया- तत्पुरुषः |
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत।
| समस्तपदम | विग्रहः | समासनाम |
| क्षुद्र्बुद्धिः | ........ | बहुव्रीहिः। |
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रह: | समासनाम |
| मृगशृगालौ | ......... | इतरेतरद्वन्द्वः |
समासविग्रहाणां समासनामभिः सह मेलनं कुरुत।
| समासविग्रहः | समासनाम |
| किञ्चित् जानाति इति। | षष्ठी - तत्पुरुषः। |
| जलस्य व्यवस्थापनम्। | कर्मधारयः। |
| लगुडः हस्ते यस्य सः। | उपपद - तत्पुरुषः। |
| कवयः च पण्डिताः च। | अव्ययीभावः। |
| अहनि अहनि। | बहुव्रीहिः। |
| मानवता एव धर्मः। | इतरेतर-द्वन्द्वः। |
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रह: | समासनाम |
| प्रत्यहम् | अहनि अहनि। | ______। |
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रह: | समासनाम |
| पन्नगभूषण: | ______। | बहुव्रीहि:। |
