हिंदी

सल्फर के लेड ऐसीटेट द्वारा परीक्षण में 'सोडियम संगलन निष्कर्ष' को ऐसीटिक अम्ल द्वारा उदासीन किया जाता है, न कि सल्फ्यूरिक अम्ल द्वारा। क्यों?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

सल्फर के लेड ऐसीटेट द्वारा परीक्षण में 'सोडियम संगलन निष्कर्ष' को ऐसीटिक अम्ल द्वारा उदासीन किया जाता है, न कि सल्फ्यूरिक अम्ल द्वारा। क्यों?

संक्षेप में उत्तर
Advertisements

उत्तर

सल्फर के परीक्षण में सोडियम निष्कर्ष को CH3COOH से अम्लीकृत करते हैं क्योकि लेड ऐसीटेट विलेय होता है तथा परीक्षण में बाधा उत्पन्न नहीं करता है। यदि H2SO4 का प्रयोग किया जाए तब लेड ऐसीटेट H2SO4 से क्रिया करके लेड सल्फेट का सफेद अवक्षेप बनाता है जो परीक्षण में बाधा उत्पन्न करता है।

\[\ce{(CH3COO)2 Pb + H2SO4 -> \underset{\text{सफ़ेद अवक्षेप}}{PbSO4} + 2CH3COOH}\]

shaalaa.com
कार्बनिक यौगिकों का मात्रात्मक विश्लेषण
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 8: कार्बनिक रसायन : कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें - अभ्यास [पृष्ठ ३७२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Rasayan bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 11
अध्याय 8 कार्बनिक रसायन : कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें
अभ्यास | Q 12.31 | पृष्ठ ३७२
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×