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सितार की दो डोरियाँ A तथा B एक साथ ‘गा’ स्वर बजा रही हैं तथा थोड़ी-सी बेसुरी होने के कारण 6 Hz आवृत्ति के विस्पंद उत्पन्न कर रही हैं। डोरी A का तनाव कुछ घटाने पर विस्पंद की

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प्रश्न

सितार की दो डोरियाँ A तथा B एक साथ ‘गा’ स्वर बजा रही हैं तथा थोड़ी-सी बेसुरी होने के कारण 6 Hz आवृत्ति के विस्पंद उत्पन्न कर रही हैं। डोरी A का तनाव कुछ घटाने पर विस्पंद की आवृत्ति घटकर 3 Hz रह जाती है। यदि A की मूल आवृत्ति 324 Hz है तो B की आवृत्ति क्या है ?

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

दिया है डोरी A की आवृत्ति nA = 324 Hz

प्रति सेकंड विस्पंदों की संख्या x = 6

∴ डोरी B की संभव आवृत्तियाँ nB = nA ± x = (324 ± 6) Hz

= 330 Hz अथवा 318 Hz

तनी हुई डोरी की आवृत्ति n ∝ `sqrt"T"` (तनाव के नियम से)

अत: डोरी A पर तनाव घटाने से इसकी आवृत्ति घटेगी। यदि B की सही आवृत्ति 330 Hz मान ली जाए। तो nA = 324 Hz के घटने पर 330 Hz से उसका अंतर 6 से अधिक आयेगा अर्थात् विस्पंद बढ़ेंगे परंतु विस्पंद आवृत्ति घट रही है, अत: B की सही आवृत्ति 330 Hz न होकर 318 Hz ही होगी; चूँकि तनाव घटाने पर जब A की आवृत्ति 324 से घटकर 321 रह जायेगी तब 318 से इसका अंतर 3 आयेगा, जो प्रश्न के अनुकूल है।

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प्रगामी तरंग की चाल - तनित डोरी पर अनुप्रस्थ तरंग की चाल
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अध्याय 14: तरंगें - अभ्यास [पृष्ठ ४०८]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Bhautiki Bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 11
अध्याय 14 तरंगें
अभ्यास | Q 15.18 | पृष्ठ ४०८
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