हिंदी
महाराष्ट्र स्टेट बोर्डएसएससी (मराठी माध्यम) ९ वीं कक्षा

सही विकल्‍प चुनकर वाक्‍य फिर से लिखिए:- कवि ने इसे अपनाने के लिए कहा है -

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

सही विकल्‍प चुनकर वाक्‍य फिर से लिखिए:-

कवि ने इसे अपनाने के लिए कहा है -

विकल्प

  • अँधेरा

  • उजाला

  • सबेरा

MCQ
Advertisements

उत्तर

अँधेरा

स्पष्टीकरण:-

कवि ने अँधेरा अपनाने के लिए कहा है।

shaalaa.com
जिंदगी की बड़ी जरुरत है हार...!
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 1.8: जिंदगी की बड़ी जरुरत है हार...! - स्वाध्याय [पृष्ठ २५]

APPEARS IN

बालभारती Hindi (Composite) Lokvani Standard 9 Maharashtra State Board
अध्याय 1.8 जिंदगी की बड़ी जरुरत है हार...!
स्वाध्याय | Q (१) (ख) | पृष्ठ २५

संबंधित प्रश्न

किसी सफल साहित्‍यकार का साक्षात्‍कार लेने हेतु चर्चा करते हुए प्रश्नावली तैयार कीजिए :


सही विकल्‍प चुनकर वाक्‍य फिर से लिखिए:

कवि ने इसे पार करने के लिए कहा है -


लय-संगीत निर्माण करने वाली दो शब्‍द जोड़ियाँ लिखिए।


‘जिंदगी की बड़ी जरूरत है हार’ इस विषय पर अपने विचार लिखिए।


‘हर बार कुछ सिखाकर ही गई, सबसे बड़ी गुरु है हार’ इस पंक्‍ति द्वारा आपने जाना .....


ऐसा प्रश्न तैयार कीजिए जिसका उत्‍तर निम्‍नलिखित शब्द हों:

फूलों के रास्ते


ऐसा प्रश्न तैयार कीजिए जिसका उत्‍तर निम्‍नलिखित शब्द हों:

जीत का आनंद मिलेगा


ऐसा प्रश्न तैयार कीजिए जिसका उत्‍तर निम्‍नलिखित शब्द हों:

बहार


ऐसा प्रश्न तैयार कीजिए जिसका उत्‍तर निम्‍नलिखित शब्द हों:

गुरु


संजाल पूर्ण कीजिएः


उचित जोड़ मिलाइए:

  अ आ
i) इन्हें अपनाना नही तकदीर का प्रहार
ii) इन्हें पार करना वृक्षों की छाया
iii) इन्हें सहना तपती धूप
iv) इससे परे रहना पर्वत
    फूलों के रास्ते

आकृति पूर्ण कीजिए:


निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:

वृक्षों का छाया से रहे परे।


निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:

पतझड़ के बाद मजा देता है बहार।


निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:

फूल के रास्‍ते को मत अपनाओ।


निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:

किनारों से पहले मिला मझधार।


निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:

जिसने जीवन का दिया सँवार।


निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:

बरसाओं मेहनत का बूँदों का फुहार।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×