हिंदी
महाराष्ट्र स्टेट बोर्डएसएससी (मराठी माध्यम) ९ वीं कक्षा

किसी सफल साहित्‍यकार का साक्षात्‍कार लेने हेतु चर्चा करते हुए प्रश्नावली तैयार कीजिए :

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

किसी सफल साहित्‍यकार का साक्षात्‍कार लेने हेतु चर्चा करते हुए प्रश्नावली तैयार कीजिए :

संक्षेप में उत्तर
Advertisements

उत्तर

  1. आपने लेखन कब से शुरू किया?
  2. लेखन में आपको किससे प्रेरणा मिलती है?
  3. आपके लेखन का मुख्य उददेश्य क्या होता है?
  4. साहित्य लेखन के लिए आपके अनुसार ध्यान देने योग्य महत्त्वपूर्ण बातें क्या हैं?
  5. साहित्य लेखन में रुचि रखने वाले लोगो को आप क्या संदेश देना चाहते हो?
  6. आप यह लेखन द्वारा लोगो को क्या बताना चाहते हो ?
shaalaa.com
जिंदगी की बड़ी जरुरत है हार...!
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 1.8: जिंदगी की बड़ी जरुरत है हार...! - स्वाध्याय [पृष्ठ २४]

APPEARS IN

बालभारती Hindi (Composite) Lokvani Standard 9 Maharashtra State Board
अध्याय 1.8 जिंदगी की बड़ी जरुरत है हार...!
स्वाध्याय | Q १ | पृष्ठ २४

संबंधित प्रश्न

सही विकल्‍प चुनकर वाक्‍य फिर से लिखिए:

कवि ने इसे पार करने के लिए कहा है -


सही विकल्‍प चुनकर वाक्‍य फिर से लिखिए:-

कवि ने इसे अपनाने के लिए कहा है -


लय-संगीत निर्माण करने वाली दो शब्‍द जोड़ियाँ लिखिए।


‘जिंदगी की बड़ी जरूरत है हार’ इस विषय पर अपने विचार लिखिए।


यू ट्यूब से मैथिलीशरण गुप्त की कविता ‘नर हो न निराश करो मन काे’ सुनिए और उसका आशय अपने शब्‍दों में लिखिए ।


‘हर बार कुछ सिखाकर ही गई, सबसे बड़ी गुरु है हार’ इस पंक्‍ति द्वारा आपने जाना .....


ऐसा प्रश्न तैयार कीजिए जिसका उत्‍तर निम्‍नलिखित शब्द हों:

फूलों के रास्ते


ऐसा प्रश्न तैयार कीजिए जिसका उत्‍तर निम्‍नलिखित शब्द हों:

बहार


ऐसा प्रश्न तैयार कीजिए जिसका उत्‍तर निम्‍नलिखित शब्द हों:

गुरु


संजाल पूर्ण कीजिएः


आकृति पूर्ण कीजिए:


निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:

वृक्षों का छाया से रहे परे।


निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:

पतझड़ के बाद मजा देता है बहार।


निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:

फूल के रास्‍ते को मत अपनाओ।


निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:

जिसने जीवन का दिया सँवार।


निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:

बरसाओं मेहनत का बूँदों का फुहार।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×