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प्रश्न
'रमेश बाबू ने बड़े ही मन से पुत्र के लिए मोबाइल खरीदा।' पंक्ति को आधार बनाकर लगभग 100 शब्दों में एक लघु कथा लिखिए।
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उत्तर
जलंधर एक साधारण से गरीब पिता थे। उनका परिवार बहुत खुशहाल था। परिवार में एक बेटा व एक बेटी थी। बेटे का नाम अर्चित व बेटी का नाम मीरा था। जलंधर पुत्री से अधिक पुत्र को प्यार करता था। उसे यह मालूम था कि वह उसका सहारा बनेगा। अर्चित कक्षा छठी का छात्र था। पिता ने उसे लाड़-प्यार में बिगाड़ दिया। अर्चित के जन्मदिन पर पिता ने स्मार्टफोन उपहार में दिया। अर्चित का मन पढ़ाई से दूर हो गया। वह दिन भर मोबाइल पर लगा रहता। न ही स्कूल का काम करता न ही पढ़ाई करता। वह पढ़ाई में कक्षा के विद्यार्थियों से पिछड़ गया और परीक्षा में फ़ेल हो गया। मीरा पढ़ाई में बहुत अच्छी थी। समय से अपना गृहकार्य तथा पढ़ाई करती थी। वह कक्षा पाँच में प्रथम श्रेणी में पास हुई। यह देखकर जलंधर को बहुत ही दुःख हुआ। परंतु अब क्या करता क्योंकि, मोबाइल तो पुत्र को उसने ही दिलाया था। उसे अपनी गलती का एहसास हुआ। उस दिन से वह मीरा को अधिक प्यार करने लगा। एक दिन उसने अर्चित की बहुत पिटाई की और उससे मोबाइल छीन लिया तथा अपने पुत्र, को पास बिठाकर समझाया। कुछ ही दिनों में अर्चित संभल गया, और पढ़ाई पर ध्यान देने लगा तथा वह परिश्रमी छात्र हो गया। इसलिए हमें बच्चों की जिद पूरी नहीं करनी चाहिए। उन्हें उपहार भी सोच समझकर दिलाना चाहिए।
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