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प्रश्न
प्रकाश उत्पन्न करने वाले जीवों की वैज्ञानिक अध्ययन की दृष्टि से जानकारी लिखिए।
निम्नलिखित का उत्तर लगभग ८० से १०० शब्दों में लिखिए:
प्रकाश उत्पन्न करने वाले जीवों की वैज्ञानिक अध्ययन की दृष्टि से जानकारी लिखिए।
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उत्तर
प्रकाश उत्पन्न करने वाले जीव जमीन और जल दोनों स्थानों पर पाए जाते हैं, लेकिन मुख्यतः खारे जल वाले गहरे समुद्रों में होते हैं। इनमें जेलीफिश, स्क्विड, क्रिल और विभिन्न प्रकार के झींगे प्रमुख हैं। ये जीव दो प्रकार से प्रकाश उत्पन्न करते हैं – जीवाणुओं द्वारा और रासायनिक क्रिया द्वारा। जीवाणु लगातार प्रकाश उत्पन्न करते हैं, जबकि रासायनिक क्रिया ल्यूसीफेरिन और ल्युसिफेरेस रसायनों की मदद से प्रकाश उत्पन्न करती है। कुछ जीवों में विशेष प्रकार की द्रव पदार्थ वाली ग्रंथि होती है, जो पानी के संपर्क में आकर प्रकाश उत्पन्न करती है। पानी के बाहर ये जीव प्रकाश नहीं कर सकते। वैज्ञानिक इन जीवों और उनके प्रकाश उत्पन्न करने की प्रक्रिया पर शोध कर रहे हैं।
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संबंधित प्रश्न
निम्नलिखित का उत्तर लगभग ८० से १०० शब्दों में लिखिए:
प्रकाश उत्पन्न करने वाले जीवों द्वारा प्रकाश उत्पन्न करने के उद्देश्यों की जानकारी दीजिए।
समुद्री जीवों पर शोधपूर्ण आलेख पढ़ें।
प्रकाश उत्पन्न करने वाले किसी एक जीव की खोज कीजिए ।
समुद्र का सबसे बड़ा जीव ह्लेल की लम्बाई ______ है।
निम्नलिखित पठित परिच्छेद पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
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मानव सहित विश्व के अधिकांश जीवों के जीवन में प्रकाश का बहुत महत्त्व है। विश्व में ऐसे बहुत-से जीव पाए जाते हैं, जिनके आँखें नहीं होतीं। इनके लिए प्रकाश का कोई महत्त्व नहीं हाेता। मोती बनाने वाला समुद्री घोंघा मुक्ताशुक्ति (Pearl Oyster) का सर्वोत्तम उदाहरण है। इसी प्रकार विश्व में ऐसे बहुत-से जीव पाए जाते हैं, जो अपना रास्ता मालूम करने के लिए तथा इसी प्रकार के अन्य कार्य करने के लिए अपनी दृष्टि का उपयोग करते हैं। प्रकाश के अभाव में अपने कार्य करना बहुत कठिन हो जाता है। इस समस्या को दूर करने के लिए मानव टार्च, बल्ब एवं इसी प्रकार की अन्य कृत्रिम वस्तुओं का आविष्कार करता है। पशु-पक्षी इस प्रकार के कृत्रिम आविष्कार नहीं कर सकते। अत: प्रकृति ने उन्हें विभिन्न प्रकार की सुविधाएँ प्रदान की हैं। उदाहरण के लिए उल्लू की आँखें बड़ी होती हैं, जिससे वह रात के अँधेरे में सरलता से देख सकता है। रात में शिकार करने वाले जीवों-बाघ, सिंह, तेंदुआ आदि की आँखों की संरचना इस प्रकार की होती है कि वे रात के अँधेरे में अपने शिकार की खोज कर सकते हैं। अर्थात पूर्ण अंधकार की स्थिति में विश्व का कोई भी जीव कुछ भी नहीं देख सकता। विश्व में ऐसे भी अनेक जीव पाए जाते हैं, जिन्होंने अपने शरीर पर प्रकाश उत्पन्न करने वाले अंग विकसित कर लिए हैं तथा अपनी आवश्यकतानुसार इन अंगों से प्रकाश उत्पन्न करते हैं। इस प्रकार के जीवों को प्रकाश उत्पन्न करने वाले (Bioluminiscent) जीव कहते हैं। प्रकाश उत्पन्न करने वाले जीव अपने प्रकाश का उपयोग ठीक उसी प्रकार करते हैं, जिस प्रकार मानव टाॅर्च, बल्ब आदि का उपयोग करता है, किंतु मानव और प्रकाश उत्पन्न करने वाले जीवों के प्रकाश में बहुत अंतर होता है। मानव द्वारा तैयार किए गए प्रकाश उत्पन्न करने वाले बल्ब जैसे उपकरणों में तंतु (Filament) को इतना गर्म करते हैं कि वह प्रकाश उत्पन्न करने लगता है। इस प्रकार के उपकरणों में प्रकाश के साथ ही ऊष्मा (Heat) भी उत्पन्न होती है। अत: इसे गर्म प्रकाश (Hot Light) कहा जा सकता है। |
1. प्रश्न के उत्तर लिखिए। (2)
- मुक्ता शुक्ति का सर्वोत्तम उदाहरण बताइए।
- अपना कार्य करना कब कठिन हो जाता है?
- प्रकाश उत्पन्न करने वाले जीव अपने प्रकाश का उपयोग किस प्रकार से करते हैं?
- प्रकाश उत्पन्न करने वाले जीव किसके द्वारा प्रकाश उत्पन्न करते हैं?
2. निम्नलिखित प्रत्येक शब्द के दो पर्यायवाची शब्द लिखिए। (2)
- प्रकाश - ______
- आविष्कार - ______
- ऊष्मा - ______
- शीतल - ______
3. निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर 40 से 50 शब्दों में लिखिए। (2)
प्रकाश उत्पन्न करने वाले जीवों की वैज्ञानिक अध्ययन की दृष्टि से जानकारी लिखिए।
मानव सहित विश्व के अधिकांश जीवों के जीवन में ______ का बहुत महत्त्व है।
प्रकाश उत्पन करने वाले जीवों की वैज्ञानिक अध्ययन की दृष्टि से जानकारी लिखिए।
समुद्री जीवों के शरीर से उत्पन्न होने वाला प्रकाश ______ के कारण उत्पन्न होता है।
