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प्रश्न
पृथक्करणं कुरुत।
| नाम | सर्वनाम |
(मञ्जूषा - कस्मै, यया, रथैः तीरे)
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उत्तर
| नाम | सर्वनाम |
| रथैः | कस्मै |
| तीरे | यया |
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माध्यमभाषया सरलार्थं लिखत।
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सन्धिविग्रहं कुरुत।
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सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
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पृथक्करणं कुरुत।
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पृथक्करणं कुरुत।
| क्रियापदम् | धातुसाधित-विशेषणम् |
(मञ्जूषा - भेतव्यम्, जानाति, ददाति, मुक्तः)
पृथक्करणं कुरुत।
| क्रियापदम् | धातुसाधित-विशेषणम् |
(मञ्जूषा - याचते, श्रवणीयम्, प्रदत्तवान्, शिक्षयति)
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नामतालिकां पूरयत।
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एकीभूय यथा सर्वे वर्णा गच्छन्ति शुक्लताम्।
तथा सम्भूय शंसन्ति धर्मा मानवतागुणम्।।
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तथा मानवताधर्मं सर्वे धर्मा: समाश्रिताः॥
